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जीएसटी काउंसिल करेगी मैंथा और हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर टैक्स का परीक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:18 AM IST
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मंदी में डूबी मैंथा और हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री के लिए राहत भरी खबर है। इंडस्ट्री की समस्याओं को बताने दिल्ली पहुंचे व्यापारियों को वित्त मंत्री ने टैक्स के परीक्षण का आश्वासन दिया है। वित्त मंत्री ने अरुण जेटली ने कहा कि, मामले को जीएसटी काउंसिल को रेफर करने का आश्वासन दिया। काउंसिल दोनों इंडस्ट्री पर टैक्स का परीक्षण करेगी। अगर टैक्स युक्ति संगत नहीं है तो विचार किया जाएगा।
बुधवार को संभल के कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा। दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार और केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढ़िया से मुलाकात की। टैक्स के सवाल पर केेंद्रीय मंत्रियों से बातचीत की और अपना पक्ष रखा।
मैंथा व्यापारियों ने कहा कि 4,000 करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर वाली मैंथा इंडस्ट्री का 80 प्रतिशत प्रोडक्ट निर्यात किया जाता है जिसमें टैक्स का रिफंड मिलता है। अब बचा बीस प्रतिशत कारोबार इस पर टैक्स का बोझ 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया जाना उचित नहीं है। वह भी इस स्थिति में जब सरकार ने व्यापारियों को भरोसा दिया हो कि टैक्स की दर नहीं बढ़ेगी।
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वहीं हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कबाड़ मान कर फेंके जाने वाले हड्डी सींग से हैंडीक्राफ्ट के आइटम तैयार होते हैं। हड्डी सींग से करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा जुटाने वाली हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर जीएसटी में टैक्स लगाया जा रहा है जबकि वैट में यह इंडस्ट्री टैक्स के दायरे से बाहर है।
यदि हैंडीक्राफ्ट पर टैक्स लगा तो चीन की चुनौती का सामना करना कठिन होगा। इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि वह हैंडीक्राफ्ट और मैंथा इंडस्ट्री के टैक्स का मुद्दा जीएसटी काउंसिल को रेफर कर रहे हैं। काउंसिल इन दोनों इंडस्ट्री पर लगाए गए टैक्स के बारे में परीक्षण करेगी।
अगर टैक्स युक्ति संगत नहीं है तो उसके बारे में उचित फैसला लिया जाएगा। क्योंकि टैक्स की दरों को युक्ति संगत बनाने के लिए लगातार रिप्रजेंटेशन मिल रहे हैं। यह रिप्रजेंटेशन जीएसटी कांउसिल में लंबित हैं। केंद्रीय राजस्व सचिव ने भी उचित निर्णय लिए जाने का भरोसा दिया है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजेपी नेता और कारोबारी संजय सांख्यधर ने किया। उनके साथ दीपक गुप्ता, नितिन गर्ग, नीरज अग्रवाल, वीरेंद्र गोयल शामिल थे।
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बुधवार को संभल के कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा। दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार और केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अढ़िया से मुलाकात की। टैक्स के सवाल पर केेंद्रीय मंत्रियों से बातचीत की और अपना पक्ष रखा।
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मैंथा व्यापारियों ने कहा कि 4,000 करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर वाली मैंथा इंडस्ट्री का 80 प्रतिशत प्रोडक्ट निर्यात किया जाता है जिसमें टैक्स का रिफंड मिलता है। अब बचा बीस प्रतिशत कारोबार इस पर टैक्स का बोझ 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया जाना उचित नहीं है। वह भी इस स्थिति में जब सरकार ने व्यापारियों को भरोसा दिया हो कि टैक्स की दर नहीं बढ़ेगी।
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वहीं हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कबाड़ मान कर फेंके जाने वाले हड्डी सींग से हैंडीक्राफ्ट के आइटम तैयार होते हैं। हड्डी सींग से करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा जुटाने वाली हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री पर जीएसटी में टैक्स लगाया जा रहा है जबकि वैट में यह इंडस्ट्री टैक्स के दायरे से बाहर है।
यदि हैंडीक्राफ्ट पर टैक्स लगा तो चीन की चुनौती का सामना करना कठिन होगा। इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि वह हैंडीक्राफ्ट और मैंथा इंडस्ट्री के टैक्स का मुद्दा जीएसटी काउंसिल को रेफर कर रहे हैं। काउंसिल इन दोनों इंडस्ट्री पर लगाए गए टैक्स के बारे में परीक्षण करेगी।
अगर टैक्स युक्ति संगत नहीं है तो उसके बारे में उचित फैसला लिया जाएगा। क्योंकि टैक्स की दरों को युक्ति संगत बनाने के लिए लगातार रिप्रजेंटेशन मिल रहे हैं। यह रिप्रजेंटेशन जीएसटी कांउसिल में लंबित हैं। केंद्रीय राजस्व सचिव ने भी उचित निर्णय लिए जाने का भरोसा दिया है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीजेपी नेता और कारोबारी संजय सांख्यधर ने किया। उनके साथ दीपक गुप्ता, नितिन गर्ग, नीरज अग्रवाल, वीरेंद्र गोयल शामिल थे।