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गंगा एक्सप्रेसवे : जांच रिपोर्ट तैयार, डीडीसी के निर्णय का इंतजार
सार
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खरीदी गई भूमि में घपलेबाजी हुई है।इसकी जांच रिपोर्ट तीन सदस्य कमेटी ने तैयार कर जिला मुख्यालय पर दे दी है।राजपाल का दावा है कि वह इस आधी भूमि के मालिक हैं।
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विस्तार
गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खरीदी गई भूमि में घपलेबाजी हुई है। इसकी जांच रिपोर्ट तीन सदस्य कमेटी ने तैयार कर जिला मुख्यालय पर दे दी है। मामला डीडीसी न्यायालय में है। अपील और निगरानी के निर्णय के बाद यह जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। जानकारी के अनुसार अब तक की जांच रिपोर्ट में चकबंदी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों का दोष सामने आया है। हालांकि अधिकारी इस मामले में जानकारी देने से बच रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे संभल जिले के 31 गांवों से होकर गुजर रहा है। गांव मझौला में गड़बड़ी सामने आई है। एक भूमि में 16 खाताधारक हैं। 17 वें खाताधारक राजपाल ने इस भूमि के बैनामे में आपत्ति की थी। राजपाल का दावा है कि वह इस आधी भूमि के मालिक हैं। इस मामले की सुनवाई एसओसी के यहां हुई थी लेकिन बाद में फाइल को खारिज कर दिया गया। डीडीसी का चार्ज उस समय एडीएम संभल देख रहे थे। उन्होंने मामले में संज्ञान लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे के लिए हुए बैनामे के भुगतान पर रोक लगा दी थी। बाद में यह मामला डीडीसी न्यायालय में पहुंच गया था। इसमें निगरानी और अपील की गई। अब डीडीसी न्यायालय का निर्णय आना बाकी है। इसके बाद ही तय हो पाएगा कि गड़बड़ी कहां हुई है। प्रशासन की जांच रिपोर्ट भी तभी सार्वजनिक होगी।
जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही कहा जाएगा कि गड़बड़ी क्या है। बिंदुवार सभी जानकारी उपलब्ध कराई जाएंगी।
केके अवस्थी, एडीएम, संभल
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गंगा एक्सप्रेसवे संभल जिले के 31 गांवों से होकर गुजर रहा है। गांव मझौला में गड़बड़ी सामने आई है। एक भूमि में 16 खाताधारक हैं। 17 वें खाताधारक राजपाल ने इस भूमि के बैनामे में आपत्ति की थी। राजपाल का दावा है कि वह इस आधी भूमि के मालिक हैं। इस मामले की सुनवाई एसओसी के यहां हुई थी लेकिन बाद में फाइल को खारिज कर दिया गया। डीडीसी का चार्ज उस समय एडीएम संभल देख रहे थे। उन्होंने मामले में संज्ञान लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे के लिए हुए बैनामे के भुगतान पर रोक लगा दी थी। बाद में यह मामला डीडीसी न्यायालय में पहुंच गया था। इसमें निगरानी और अपील की गई। अब डीडीसी न्यायालय का निर्णय आना बाकी है। इसके बाद ही तय हो पाएगा कि गड़बड़ी कहां हुई है। प्रशासन की जांच रिपोर्ट भी तभी सार्वजनिक होगी।
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जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही कहा जाएगा कि गड़बड़ी क्या है। बिंदुवार सभी जानकारी उपलब्ध कराई जाएंगी।
केके अवस्थी, एडीएम, संभल