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गंगा एक्सप्रेसवे : लोकार्पण के बाद संभल के उद्योगों को मिलेगी रफ्तार
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संभल। पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाला 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब शुरू होने को तैयार है। इस एक्सप्रेसवे पर 29 अप्रैल से वाहन रफ्तार भरेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई जिले से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का शुभारंभ करेंगे। इसके शुरू होने से संभल से लखनऊ और प्रयागराज तक का सफर काफी आसान हो जाएगा। साथ ही मुरादाबाद और बुलंदशहर से लखनऊ जाने वालों को भी राहत मिलेगी।
यह एक्सप्रेसवे राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। संभल जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का 38 किलोमीटर लंबा हिस्सा गुजरा है, जो स्थानीय कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। एक्सप्रेसवे पूरा बनकर तैयार हो चुका है। निर्माण कार्य कर रही संस्था ने पूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी हैं। फिनिशिंग का कार्य भी पूरा हो चुका है। अंडरपास से लेकर टोल तक पूरी तरह तैयार हैं।
संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर दो जंक्शन बनाए गए हैं। इसमें एक जंक्शन खिरनी और दूसरा लहरावन में है, जो स्थानीय निवासियों और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करेंगे। इन्हीं जंक्शन पर टोल लिया जाएगा। इन इंटरचेंज से क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। संभल तहसील क्षेत्र के गांव ततारपुर संदल से गंगा एक्सप्रेसवे प्रवेश कर रहा है। चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर से बदायूं जिले में उतर रहा है। इसमें संभल तहसील के 17 गांव और चंदौसी तहसील के 14 गांव शामिल हैं।
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यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा ने बताया कि हमारा ग्रुप एक है। मेरठ से बदायूं तक काम पूरा है। आगे भी प्रयागराज तक दो ग्रुप और काम कर रहे थे। उनका भी काम लगभग पूरा हो गया है। अप्रैल तक कार्य पूरा करने का अनुबंध था लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह में ही कार्य पूरा हो चुका है। मालूम हो, यूपीडा के सीईओ भी गंगा एक्सप्रेसवे का निरीक्षण कर चुके हैं।
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हर 15 किलोमीटर दायरे में रहेगी पुलिस पिकेट
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, पूरे एक्सप्रेसवे पर हर 15 किलोमीटर के दायरे में पुलिस पिकेट तैनात की जाएगी। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बाउंड्री की गई है। तारों की बाड़ भी लगाई गईं हैं, ताकि आवारा पशुओं या अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके। साथ ही, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणालियां भी स्थापित, सीसीटीवी कैमरे लगे
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह एक्सप्रेसवे राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इसकी डिजाइन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो तीव्र और कुशल यात्रा सुनिश्चित करेगी। एक्सप्रेसवे पर आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणालियों के साथ सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए गए हैं। इस पर तेज गति से वाहन चलाने पर ऑटोमेटिक ऑनलाइन चालान भी हो जाएगा। यह न केवल यात्रियों के लिए बल्कि माल ढुलाई के लिए भी एक महत्वपूर्ण मार्ग बनेगा। परियोजना का उद्देश्य राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
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औद्योगिक कॉरिडोर का हो रहा निर्माण
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे जिले में एक महत्वाकांक्षी औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। खिरनी जंक्शन पर गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर, अमावती कुतुबपुर, सारंगपुर, बसला के बाद भमौरी पट्टी, सौंधन और खरसपा तक इसका दायरा बढ़ाया गया है। यह 500 हेक्टेयर से अधिक में विकसित होगा। यह कॉरिडोर राज्य में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। सरकार इस कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है।
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किनारे व बीच में हरियाली के लिए लगाए जाएंगे पौधे
एक्सप्रेस के बीच में डिवाइडर की जगह व दोनों साइड किनारों पर पेड़ भी लगाए जाएंगे। इसके लिए तैयारी की जा रही है। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। बीते दिनों यूपीडी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने जब निरीक्षण किया था तो पौधरोपण भी किया था।
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अभी और होगा रन ट्रायल
पीएम मोदी के कार्यक्रम के पहले अभी एक्सप्रेसवे पर रन ट्रायल किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। जिन जिलों से एक्सप्रेसवे निकल रहा है, वहां पर बारीकी से सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। जिससे संचालन के बाद यहां कोई समस्या सामने न आ सके। यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू होने से लोगों को बेहतर सफर करने का मौका मिलेगा।
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कोट
गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। सीसीटीवी कैमरे, पथ प्रकाश, हरियाली, टोल प्लाजा सभी सुविधाओं से एक्सप्रेसवे लैस हो गया है। साइनबोर्ड भी लगा दिए गए हैं और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है। उद्घाटन के बाद वाहन फर्राटे भरने लगेंगे। उद्घाटन को लेकर सभी इंटरचेंज पूरी तरह से बंद कराए जा रहे हैं। जिससे कोई भी वाहन एक्सप्रेसवे तक नहीं चढ़ सकेगा। उद्घाटन के बाद एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
राकेश कुमार मोगा, अधिशासी अभियंता, यूपीडा।
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यह एक्सप्रेसवे राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। संभल जिले से गंगा एक्सप्रेसवे का 38 किलोमीटर लंबा हिस्सा गुजरा है, जो स्थानीय कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा। एक्सप्रेसवे पूरा बनकर तैयार हो चुका है। निर्माण कार्य कर रही संस्था ने पूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी हैं। फिनिशिंग का कार्य भी पूरा हो चुका है। अंडरपास से लेकर टोल तक पूरी तरह तैयार हैं।
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संभल जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर दो जंक्शन बनाए गए हैं। इसमें एक जंक्शन खिरनी और दूसरा लहरावन में है, जो स्थानीय निवासियों और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करेंगे। इन्हीं जंक्शन पर टोल लिया जाएगा। इन इंटरचेंज से क्षेत्र के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। संभल तहसील क्षेत्र के गांव ततारपुर संदल से गंगा एक्सप्रेसवे प्रवेश कर रहा है। चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर से बदायूं जिले में उतर रहा है। इसमें संभल तहसील के 17 गांव और चंदौसी तहसील के 14 गांव शामिल हैं।
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यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा ने बताया कि हमारा ग्रुप एक है। मेरठ से बदायूं तक काम पूरा है। आगे भी प्रयागराज तक दो ग्रुप और काम कर रहे थे। उनका भी काम लगभग पूरा हो गया है। अप्रैल तक कार्य पूरा करने का अनुबंध था लेकिन मार्च के अंतिम सप्ताह में ही कार्य पूरा हो चुका है। मालूम हो, यूपीडा के सीईओ भी गंगा एक्सप्रेसवे का निरीक्षण कर चुके हैं।
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हर 15 किलोमीटर दायरे में रहेगी पुलिस पिकेट
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, पूरे एक्सप्रेसवे पर हर 15 किलोमीटर के दायरे में पुलिस पिकेट तैनात की जाएगी। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बाउंड्री की गई है। तारों की बाड़ भी लगाई गईं हैं, ताकि आवारा पशुओं या अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके। साथ ही, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणालियां भी स्थापित, सीसीटीवी कैमरे लगे
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह एक्सप्रेसवे राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इसकी डिजाइन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो तीव्र और कुशल यात्रा सुनिश्चित करेगी। एक्सप्रेसवे पर आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणालियों के साथ सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए गए हैं। इस पर तेज गति से वाहन चलाने पर ऑटोमेटिक ऑनलाइन चालान भी हो जाएगा। यह न केवल यात्रियों के लिए बल्कि माल ढुलाई के लिए भी एक महत्वपूर्ण मार्ग बनेगा। परियोजना का उद्देश्य राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
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औद्योगिक कॉरिडोर का हो रहा निर्माण
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे जिले में एक महत्वाकांक्षी औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। खिरनी जंक्शन पर गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर, अमावती कुतुबपुर, सारंगपुर, बसला के बाद भमौरी पट्टी, सौंधन और खरसपा तक इसका दायरा बढ़ाया गया है। यह 500 हेक्टेयर से अधिक में विकसित होगा। यह कॉरिडोर राज्य में निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। सरकार इस कॉरिडोर के माध्यम से उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है।
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किनारे व बीच में हरियाली के लिए लगाए जाएंगे पौधे
एक्सप्रेस के बीच में डिवाइडर की जगह व दोनों साइड किनारों पर पेड़ भी लगाए जाएंगे। इसके लिए तैयारी की जा रही है। हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। बीते दिनों यूपीडी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने जब निरीक्षण किया था तो पौधरोपण भी किया था।
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अभी और होगा रन ट्रायल
पीएम मोदी के कार्यक्रम के पहले अभी एक्सप्रेसवे पर रन ट्रायल किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तैयारियां चल रही हैं। जिन जिलों से एक्सप्रेसवे निकल रहा है, वहां पर बारीकी से सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। जिससे संचालन के बाद यहां कोई समस्या सामने न आ सके। यूपीडा के एक्सईएन राकेश कुमार मोगा ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू होने से लोगों को बेहतर सफर करने का मौका मिलेगा।
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कोट
गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है। सीसीटीवी कैमरे, पथ प्रकाश, हरियाली, टोल प्लाजा सभी सुविधाओं से एक्सप्रेसवे लैस हो गया है। साइनबोर्ड भी लगा दिए गए हैं और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है। उद्घाटन के बाद वाहन फर्राटे भरने लगेंगे। उद्घाटन को लेकर सभी इंटरचेंज पूरी तरह से बंद कराए जा रहे हैं। जिससे कोई भी वाहन एक्सप्रेसवे तक नहीं चढ़ सकेगा। उद्घाटन के बाद एक्सप्रेसवे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
राकेश कुमार मोगा, अधिशासी अभियंता, यूपीडा।