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किसानों ने फसल मुआवजे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, एसडीएम को ज्ञापन दिया
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संभल। पवांसा विकासखंड के गांव अख्त्यारपुर चौबे में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसमें उन्होंने ओलावृष्टि से बर्बाद हुईं फसलों के मुआवजे की मांग की। कहा कि फसलें बर्बाद होने के बाद प्रशासन ने खेतवार सर्वे कराया। अब मुुआवजा धनराशि शासन ने भेज दी है पर अब लेखपाल सुध लेने को तैयार नहीं है। उप जिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा।
गुरुवार को हुए विरोध प्रदर्शन में किसानों ने कहा कि 12 और 13 दिसंबर 2019 को जिले में ओलावृष्टि से आलू और पीली सरसों की फसलों की बर्बादी हुई। जिसके बाद किसानों ने शासन और प्रशासन से मुआवजे की मांग की थी। प्रशासन ने खेतवार सर्वे कराया और अब मुआवजा धनराशि संभल तहसील को 12 करोड़ रुपये मिल गई है। किसानों का कहना है कि सूची में किन-किन किसानों के नाम हैं। इसकी जानकारी के लिए हल्के के लेखपाल को फोन किया मगर फोन नहीं उठा रहे।
किसानों ने लेखपाल की इस लापरवाही की शिकायत उप जिलाधिकारी संभल से की है। किसान शाहिद ने बताया कि ओलावृष्टि से आलू की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। मौके पर जाकर उन्होंने जांच पड़ताल भी की मगर अभी तक मुआवजे का कोई पता नहीं है। गांव निवासी राधेश्याम ने बताया कि ओलावृष्टि से पीली सरसों की फसल 50 प्रतिशत बर्बाद हो गई थी। जिसका सर्वे भी हुआ लेकिन मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। लेखपाल सूची दिखाने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में किसान कहां जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान विनीत, वदम सिंह, तारावती, सौप्रसाद, रजा, राधेश्याम, शाहिद, सलीम, शहाजत अली, सोहनलाल, रूपकिशोर, वाहिद, वीर सिंह, कल्याण सिंह, राजपाल, चंद्रपाल सिंह, निरंकार यादव, मान सिंह, भूप सिंह, महारानी, गब्बरसदीन आदि शामिल रहे।
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गुरुवार को हुए विरोध प्रदर्शन में किसानों ने कहा कि 12 और 13 दिसंबर 2019 को जिले में ओलावृष्टि से आलू और पीली सरसों की फसलों की बर्बादी हुई। जिसके बाद किसानों ने शासन और प्रशासन से मुआवजे की मांग की थी। प्रशासन ने खेतवार सर्वे कराया और अब मुआवजा धनराशि संभल तहसील को 12 करोड़ रुपये मिल गई है। किसानों का कहना है कि सूची में किन-किन किसानों के नाम हैं। इसकी जानकारी के लिए हल्के के लेखपाल को फोन किया मगर फोन नहीं उठा रहे।
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किसानों ने लेखपाल की इस लापरवाही की शिकायत उप जिलाधिकारी संभल से की है। किसान शाहिद ने बताया कि ओलावृष्टि से आलू की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। मौके पर जाकर उन्होंने जांच पड़ताल भी की मगर अभी तक मुआवजे का कोई पता नहीं है। गांव निवासी राधेश्याम ने बताया कि ओलावृष्टि से पीली सरसों की फसल 50 प्रतिशत बर्बाद हो गई थी। जिसका सर्वे भी हुआ लेकिन मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। लेखपाल सूची दिखाने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में किसान कहां जाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान विनीत, वदम सिंह, तारावती, सौप्रसाद, रजा, राधेश्याम, शाहिद, सलीम, शहाजत अली, सोहनलाल, रूपकिशोर, वाहिद, वीर सिंह, कल्याण सिंह, राजपाल, चंद्रपाल सिंह, निरंकार यादव, मान सिंह, भूप सिंह, महारानी, गब्बरसदीन आदि शामिल रहे।
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