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Sambhal News: ताऊ-भतीजे की गोली मारकर हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत चार को उम्रकैद
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चंदौसी। जुनावई थाना क्षेत्र के लावर गांव में तीन साल पहले सोते वक्त ताऊ-भतीजे की गोली मारकर हत्या के मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीन दोषियों पर अलग-अलग एक लाख 10 हजार रुपये और एक दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
लावर गांव के रहने वाले क्रांति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 28 अगस्त 2023 की रात करीब दो बजे उसके बड़े भाई प्रताप अपने घेर में सो रहे थे। उसी गांव के जयनारायण, विजयपाल, हरिओम, जयपाल और काली सहित कुछ अन्य लोग अवैध असलहों के साथ आए और सोते हुए प्रताप को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर परिजनों ने शोर मचाया तो हमलावर माैके से भाग गए। कुछ मिनट बाद ही एक और गोली चलने की आवाज आई। देखने पर पता चला कि प्रताप और क्रांति के छोटे भाई रघुवीर के पुत्र उमेश को भी गोली मार दी गई है। दोनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने प्रताप को मृत घोषित कर दिया। साथ ही उमेश को अलीगढ़ रेफर किया गया, जहां अगले दिन सुबह उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने क्रांति की तहरीर के आधार पर जयनारायण, विजयपाल, हरिओम उर्फ रघुराज, कालीचरन उर्फ काली, सत्यपाल, ऋषिपाल उर्फ ऋषिया, उमेश, बहादुर उर्फ रामबहादुर और जयपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने हत्या के लिए दोषी पाए गए सगे भाई जयनारायण, विजयपाल और कालीचरन उर्फ काली तथा जयपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर जुर्माना भी लगाया। मामले में नामजद अन्य लोगों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
ये थी रंजिश
हत्याकांड से ढाई वर्ष पहले प्रताप के बेटे नेकपाल ने सजा पाए जयनारायण और विजयपाल के परिवार की लड़की से कोर्ट मैरिज कर ली थी। तभी से ये लोग प्रताप के परिवार से रंजिश रखने लगे थे। इसी रंजिश के चलते ताऊ-भतीजे की हत्या को अंजाम दिया गया था।
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लावर गांव के रहने वाले क्रांति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 28 अगस्त 2023 की रात करीब दो बजे उसके बड़े भाई प्रताप अपने घेर में सो रहे थे। उसी गांव के जयनारायण, विजयपाल, हरिओम, जयपाल और काली सहित कुछ अन्य लोग अवैध असलहों के साथ आए और सोते हुए प्रताप को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर परिजनों ने शोर मचाया तो हमलावर माैके से भाग गए। कुछ मिनट बाद ही एक और गोली चलने की आवाज आई। देखने पर पता चला कि प्रताप और क्रांति के छोटे भाई रघुवीर के पुत्र उमेश को भी गोली मार दी गई है। दोनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने प्रताप को मृत घोषित कर दिया। साथ ही उमेश को अलीगढ़ रेफर किया गया, जहां अगले दिन सुबह उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
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पुलिस ने क्रांति की तहरीर के आधार पर जयनारायण, विजयपाल, हरिओम उर्फ रघुराज, कालीचरन उर्फ काली, सत्यपाल, ऋषिपाल उर्फ ऋषिया, उमेश, बहादुर उर्फ रामबहादुर और जयपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने हत्या के लिए दोषी पाए गए सगे भाई जयनारायण, विजयपाल और कालीचरन उर्फ काली तथा जयपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर जुर्माना भी लगाया। मामले में नामजद अन्य लोगों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
ये थी रंजिश
हत्याकांड से ढाई वर्ष पहले प्रताप के बेटे नेकपाल ने सजा पाए जयनारायण और विजयपाल के परिवार की लड़की से कोर्ट मैरिज कर ली थी। तभी से ये लोग प्रताप के परिवार से रंजिश रखने लगे थे। इसी रंजिश के चलते ताऊ-भतीजे की हत्या को अंजाम दिया गया था।