सिरसी। सिरसी के मोहल्ला सादक सराय में स्थित अजाखाना हजरत कासिम में कर्बला के शहीदों के पहले अशरा-ए-अरबायीन का सिलसिला जारी है। इसकी छठी मजलिस को संबोधित करते हुए मेरठ से आए मौलाना हसीन अख्तर ने कहा कि इंसान को अपने अच्छे और गलत कामों का हिसाब किताब खुद को ही देना है, इसलिए गलत कामों से बचो और नेकी के रास्तों पर चलो।
कहा कि इंसान को अपनी जिंदगी सादगी से बितानी चाहिए। अपनी दौलत, ताकत, जवानी और खूबसूरती पर घमंड नहीं करना चाहिए। एक झटके में ही दौलत, ताकत और खूबसूरती खत्म हो जाती है। किसी का हक मार कर दौलत इकट्ठी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि मरने के बाद इंसान इस दुनिया से खाली हाथ ही जाता है और उसकी दौलत का मजा दूसरे लोग लेते हैं। मजलिस के आखिर में कर्बला के शहीदों की कुर्बानी पढ़ते हुए इमाम हुसैन के जवान बेटे हजरत अली अकबर की शहादत बयान करते हुए कहा कि हजरत अली अकबर के सीने में यजीद की जालिम फौज ने नेजा मार दिया था, जिससे वह शहीद हो गए थे। यह सुनकर अजादारों की आंखें गमगीन हो गईं। मजलिस में मर्सिया चौधरी बबर, गुलशन रजा, नसीमुल हसन, खुर्शीद अनवर, खावर रजा आदि ने पढ़ा।