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गंगा की बाढ़ में रघुपुरपुख्ता में खेत डूबे
अमर उजाला/ ब्यूरोसंभल
Updated Tue, 26 Jul 2016 01:16 AM IST
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रघुपुरपुख्ता गांव में नाव से जाते ग्रामीण।
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गंगा नदी में बाढ़ के पानी से गुन्नौर तहसील के रघुपुरपुख्ता गांव में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई खेत निचले हिस्सों में हैं, उन खेतों में पानी भर गया है। गन्ना की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि यदि आठ दिन तक यही हाल रहा तो गन्ने की फसल भी सड़ जाएगी।
नरौरा स्थित गंगा बैराज में नदी में 25 जुलाई को शाम 1,34,235 क्यूसेक की रीडिंग ली गई है। यहां पर 24 जुलाई को शाम भी पानी इतना ही था। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बारिश थमने की वजह से पानी घटने के आसार थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गंगा नदी में हरिद्वार के रास्ते उत्तराखंड का पानी यहां तक आता है। इसलिए आसपास बारिश न होने पर भी गंगा नदी में पानी आ जाता है। गंगा नदी सोमवार को खतरे के निशान से अभी भी 50 सेंटीमीटर नीचे थी।
गुन्नौर तहसील के आठ गांव बाढ़ के खतरे में हैं। इसमें से रघूपुरपुख्ता में गांव के गलियारों तक पानी भरा हुआ है। नाव ही आवागमन के लिए सहारा है। गांव के मुख्य रास्ते पर तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। तमाम किसानों के खेत पानी में डूब गए हैं। फसलें सड़ने की चिंता से किसान परेेशान है।
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नरौरा स्थित गंगा बैराज में नदी में 25 जुलाई को शाम 1,34,235 क्यूसेक की रीडिंग ली गई है। यहां पर 24 जुलाई को शाम भी पानी इतना ही था। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बारिश थमने की वजह से पानी घटने के आसार थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गंगा नदी में हरिद्वार के रास्ते उत्तराखंड का पानी यहां तक आता है। इसलिए आसपास बारिश न होने पर भी गंगा नदी में पानी आ जाता है। गंगा नदी सोमवार को खतरे के निशान से अभी भी 50 सेंटीमीटर नीचे थी।
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गुन्नौर तहसील के आठ गांव बाढ़ के खतरे में हैं। इसमें से रघूपुरपुख्ता में गांव के गलियारों तक पानी भरा हुआ है। नाव ही आवागमन के लिए सहारा है। गांव के मुख्य रास्ते पर तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। तमाम किसानों के खेत पानी में डूब गए हैं। फसलें सड़ने की चिंता से किसान परेेशान है।
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