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सड़कों पर फेंका दूध, गन्ने की जलाई होली

Mon, 04 Jun 2018 01:49 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल Updated Mon, 04 Jun 2018 01:49 AM IST
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farmers throw milk on road
संभल में तीसरे दिन आंदोलन में दूध बहाते भाकियू असली के कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
फसलों के अच्छे दाम और डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने तीसरे दिन मुबारकपुर और शरीफपुर में दूध और टमाटर को सड़कों पर फेंका। नारेबाजी करते हुए किसानों ने अपनी आवाज बुलंद की।  
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भारतीय किसान यूनियन असली के आह्वान पर रविवार को तहसील क्षेत्र के गांव मुबारकपुर में दर्जनों गांव के सैकड़ों किसान एकत्रित हुए। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने सड़कों पर सब्जियों को बिखेरा। साथ ही दूध भी उड़ेला।
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किसानों ने डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए नारेबाजी करते हुए आवाज बुलंद की है। इसके साथ ही बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के लिए सरकार को आड़े हाथ लिया। आक्रोश व्यक्त करते हुए भुगतान तत्काल दिलाने की मांग की है।
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वहीं, शरीफपुर गांव में भी जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों ने सड़कों पर टमाटर, दूध फेंककर व गन्ने की होली जलाकर विरोध जताया। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के उत्पादों के दाम कम दे रही है। अब दूध के दाम काम करके किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि पहले किसान फसलों के दाम कम मिलते थे तो दूध बेचकर परिवार चला लेते थे, अब दूध और सब्जी के दाम इतने सस्ते कर दिए कि किसानों को फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसान विरोधी नीतियों को लागू कर परेशान करने का काम कर रही है। अन्य प्रदेशों के मुकाबले उत्तर प्रदेश में यूरिया के कट्टे के दाम 35 रुपये बढ़ा दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक डा. स्वामीनाथ आयोग  की सिफारिशों को लागू नहीं किया जाएगा, आंदोलन को जारी रखा जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव चौधरी महक सिंह, रिषभ, होशियार सिंह, जितेंद्र मलिक, दलबीर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, राजवीर सिंह, देशराज सिंह, भीकम सिंह, भूरे सिंह, सत्यवीर सिंह, वेदपाल, सुरेश सिंह, हरवंश सिंह रहे। वहीं, चंदौसी में बकाया गन्ना भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान महासंघ के आह्वान पर भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने कुढ़ फतेहगढ़ के बिचैटा काजी चौराहे पर दूध को सड़कों पर बहाकर तथा सब्जियों को सड़कों पर फेंककर विरोध प्रदर्शन किया। 

इस दौरान भाकियू असली अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने कहाकि गन्ना किसानों का बकाया नहीं दिया जा रहा है, पेट्रोल डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि की जा रही है, किसानों की फसलों के बाजिव दाम नहीं मिल रहे हैं। क्रय केंद्रों पर किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है।

क्रय केंद्र प्रभारी लगातार बिचौलिये के माध्यम से खरीद कर रहे हैं। फसली नुकसान का किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार किसानों के हित में कोई कदम नहीं उठा रही है। इसमें  महावीर सिंह यादव, सोमपाल सिंह, अजयपाल सिंह, सतपाल सिंह, तारा सिंह, ओंकार सिंह, दुर्गेश, नर सिंह, वीरपाल सिंह आदि शामिल रहे।


उधर, धनारी में भाकियू अराजनैतिक असली  द्वारा चलाए जा रहे दस दिवसीय आंदोलन तीसरे दिन भी संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव ऋषि पाल सिंह यादव के नेतृत्व में जारी रहा। धनारी क्षेत्र के गांव भागनगर में महिलाओं ने दूध बेचने के बजाय दही बनाकर उसे मट्ठा बनाकर बांटा। इस मौके पर मोहरकली, प्रेमवती, अमरवती देवी, सोमवती देवी, अनोखा देवी, अंगूरी देवी, सुनीत, सीमा, कमलेश, अनीता, कस्तूरी रहीं। ब्यूरो
 
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