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Sambhal News: किसानों को अब गेहूं की बुआई के लिए खाद की चिंता
Wed, 06 Nov 2024 12:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 06 Nov 2024 12:01 AM IST
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चंदौसी (संभल)। जिले में एनपीके खाद की मांग काफी बढ़ गई है। आलू की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। अब गेहूं की बुआई का समय चल रहा है। किसान गेहूं की बुआई के लिए खाद लेने केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि खाद की किल्लत रही तो उनकी बुआई पिछड़ जाएगी। इसलिए खाद के लिए सुबह के समय पहुंच रहे हैं।
उद्यान विभाग के अनुसार जिले में गेहूं का 1.71 लाख हेक्टेयर रकबा औसतन रहता है। इस बार भी इतना ही रकबा रहने की उम्मीद है। जबकि आलू का रकबा 22 हजार हेक्टेयर इस बार रहेगा। पिछले वर्ष 21500 हेक्टेयर रकबा था। गेहूं की बुआई शुरू हो चुकी है। 15 नवंबर के बाद बुआई की गति बढ़ जाएगी। ऐसे में एनपीके खाद की मांग भी बढ़ेगी। इसलिए किसान खाद के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल रहा तो आक्रोशित हैं। मंगलवार को चंदौसी मंडी समिति स्थित इफ्को किसान केंद्र पर खाद के लिए किसानों की लाइन लगी थी। सुबह केंद्र खुला तो जानकारी मिली कि खाद ही नहीं है। ऐसे में किसान निराश होकर लौट गए। इनमें महिलाएं किसान भी शामिल हैं। इफको केंद्र पर तैनात अंकुर तेवतिया ने बताया कि 30 अक्तूबर खाद नहीं मिला है। जब खाद आएगा तो वितरण कर दिया जाएगा।
बोले किसान
दस दिन से खाद के लिए चक्कर लगा रहा हूं। आलू की बुआई करनी है, लेकिन एनपीके नहीं मिल रही।-हरज्ञान सिंह, लखनपुर
हर बार खाद के लिए किसान भटकते हैं। इसका समाधान किया जाना चाहिए। इफको केंद्र पर सुबह से खाद के इंतजार में बैठे थे। बाद में खाद मिला नहीं।
रमेश कुमार, चिड़िया भवन
गेहूं की बुआई के लिए एनपीके खाद की जरूरत है। सुबह से लाइन में लगा था, अब बताया कि खाद नहीं है। कब आएगा इसकी जानकारी नहीं दे सके। मोहम्मद अनीस, नवादा
करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव सादातबाड़ी से चंदौसी स्थित इफको केंद्र पर पहुंचे थे। वहां बताया गया कि छह दिन से खाद नहीं आई है। मायूस होकर लौट रहे हैं।
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जुगेंद्र कुमार, सादातबाड़ी
आलू की बुआई के लिए पर्याप्त खाद का वितरण किया जा चुका है। अभी भी जिले में खाद उपलब्ध है। गेहूं की बुआई के दौरान भी किसानों को कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए समितियों के जिम्मेदारों को निर्देशित कर दिया है।
वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय, एआर कोऑपरेटिव, संभल।
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उद्यान विभाग के अनुसार जिले में गेहूं का 1.71 लाख हेक्टेयर रकबा औसतन रहता है। इस बार भी इतना ही रकबा रहने की उम्मीद है। जबकि आलू का रकबा 22 हजार हेक्टेयर इस बार रहेगा। पिछले वर्ष 21500 हेक्टेयर रकबा था। गेहूं की बुआई शुरू हो चुकी है। 15 नवंबर के बाद बुआई की गति बढ़ जाएगी। ऐसे में एनपीके खाद की मांग भी बढ़ेगी। इसलिए किसान खाद के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल रहा तो आक्रोशित हैं। मंगलवार को चंदौसी मंडी समिति स्थित इफ्को किसान केंद्र पर खाद के लिए किसानों की लाइन लगी थी। सुबह केंद्र खुला तो जानकारी मिली कि खाद ही नहीं है। ऐसे में किसान निराश होकर लौट गए। इनमें महिलाएं किसान भी शामिल हैं। इफको केंद्र पर तैनात अंकुर तेवतिया ने बताया कि 30 अक्तूबर खाद नहीं मिला है। जब खाद आएगा तो वितरण कर दिया जाएगा।
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बोले किसान
दस दिन से खाद के लिए चक्कर लगा रहा हूं। आलू की बुआई करनी है, लेकिन एनपीके नहीं मिल रही।-हरज्ञान सिंह, लखनपुर
हर बार खाद के लिए किसान भटकते हैं। इसका समाधान किया जाना चाहिए। इफको केंद्र पर सुबह से खाद के इंतजार में बैठे थे। बाद में खाद मिला नहीं।
रमेश कुमार, चिड़िया भवन
गेहूं की बुआई के लिए एनपीके खाद की जरूरत है। सुबह से लाइन में लगा था, अब बताया कि खाद नहीं है। कब आएगा इसकी जानकारी नहीं दे सके। मोहम्मद अनीस, नवादा
करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव सादातबाड़ी से चंदौसी स्थित इफको केंद्र पर पहुंचे थे। वहां बताया गया कि छह दिन से खाद नहीं आई है। मायूस होकर लौट रहे हैं।
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जुगेंद्र कुमार, सादातबाड़ी
आलू की बुआई के लिए पर्याप्त खाद का वितरण किया जा चुका है। अभी भी जिले में खाद उपलब्ध है। गेहूं की बुआई के दौरान भी किसानों को कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए समितियों के जिम्मेदारों को निर्देशित कर दिया है।
वीरेंद्र प्रकाश उपाध्याय, एआर कोऑपरेटिव, संभल।