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दो घंटे तक हाईवे किया जाम, नारेबाजी
ब्यूराे/अमर उजाला,संभल
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:56 AM IST
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चंदौसी में बदायूं-मुरादाबाद हाइवे पर धरना देकर जाम लगाते किसान
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तहसील कार्यालय पर ओलावृष्टि की मुआवजा राशि को लेकर किसान पांच दिनों से बेमियादी धरना कर रहे हैं। इस दौरान जब कोई भी अफसर उनका हाल जानने नहीं पहुंचा तो मंगलवार को किसान भड़क गए। उन्होंने बदायूं-मुरादाबाद हाईवे पर चिलचिलाती धूप में धरना देकर जाम लगा दिया। साथ ही विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। सूचना पर मौके पर पुलिस इंस्पेक्टर पहुंचे और लोगों को किसी तरह समझा कर शांत किया।
बाद में आश्वासन मिलने पर किसानों ने उन्होंने बेमियादी धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान उन्होंने डीएम को संबोधित ज्ञापन भी दिया। इसमें उन्होंने 15 जून तक मांगे पूरी नहीं होने पर 16 जून से डीएम कार्यालय पर बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी है। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले कई गांवों के किसानों, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। 26 मई से तहसील गेट पर बेमियादी धरना दे रहे हैं।
किसान ओलावृष्टि का मुआवजा, बैंकों के कर्ज माफ करने, 14 घंटे विद्युतापूर्ति देने, गन्ना किसानों को बकाया गन्ना भुगतान करने और वीनस शुगर को दोबारा शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। पांच दिन के बाद कोई भी अधिकारी उनकी बात सुनने धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। अधिकारियों की इस अनदेखी से नाराज किसान मंगलवार को भड़क गए। किसानों ने मुरादाबाद-बदायूं हाईवे पर तहसील चौराहे पर चिलचिलाती धूप में बैठकर धरना शुरू कर दिया।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने कहा कि किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। पांच दिन से किसान धरना दे रहे हैं, लेकिन कोई कर्मचारी उनका हाल भी जानने नहीं आया। करीब दो घंटे के बाद कोतवाली प्रभारी इंद्रेश सिंह चाहर ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया। किसान नेताओं ने जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मांगे पूरी करने को सक्षम अफसरों तक बात पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने बेमियादी धरना खत्म कर दिया।
जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल ने चेतावनी दी कि 15 जून तक मांगे पूरी नहीं होने पर 16 जून से डीएम कार्यालय पर धरना शुरू किया जाएगा। आंदोलन में डा. मंगलसैन सैनी, देवपाल जोशी, भीकम सिंह जाटव, मीरा यादव, विशेष सिंह, सुरजीत, कृष्णपाल सिंह, कैलाश यादव, लाल सिंह, श्यामवीर सिंह, नगमा, चंद्रवती, रामा, श्याम देवी, मुन्नीदेवी, अमरवती, राधा, आरती, विजयपाल, नेमचंद्र, नेतराम शामिल रहे।
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बाद में आश्वासन मिलने पर किसानों ने उन्होंने बेमियादी धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान उन्होंने डीएम को संबोधित ज्ञापन भी दिया। इसमें उन्होंने 15 जून तक मांगे पूरी नहीं होने पर 16 जून से डीएम कार्यालय पर बेमियादी धरना शुरू करने की चेतावनी दी है। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले कई गांवों के किसानों, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। 26 मई से तहसील गेट पर बेमियादी धरना दे रहे हैं।
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किसान ओलावृष्टि का मुआवजा, बैंकों के कर्ज माफ करने, 14 घंटे विद्युतापूर्ति देने, गन्ना किसानों को बकाया गन्ना भुगतान करने और वीनस शुगर को दोबारा शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। पांच दिन के बाद कोई भी अधिकारी उनकी बात सुनने धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। अधिकारियों की इस अनदेखी से नाराज किसान मंगलवार को भड़क गए। किसानों ने मुरादाबाद-बदायूं हाईवे पर तहसील चौराहे पर चिलचिलाती धूप में बैठकर धरना शुरू कर दिया।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने कहा कि किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। पांच दिन से किसान धरना दे रहे हैं, लेकिन कोई कर्मचारी उनका हाल भी जानने नहीं आया। करीब दो घंटे के बाद कोतवाली प्रभारी इंद्रेश सिंह चाहर ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया। किसान नेताओं ने जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मांगे पूरी करने को सक्षम अफसरों तक बात पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने बेमियादी धरना खत्म कर दिया।
जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल ने चेतावनी दी कि 15 जून तक मांगे पूरी नहीं होने पर 16 जून से डीएम कार्यालय पर धरना शुरू किया जाएगा। आंदोलन में डा. मंगलसैन सैनी, देवपाल जोशी, भीकम सिंह जाटव, मीरा यादव, विशेष सिंह, सुरजीत, कृष्णपाल सिंह, कैलाश यादव, लाल सिंह, श्यामवीर सिंह, नगमा, चंद्रवती, रामा, श्याम देवी, मुन्नीदेवी, अमरवती, राधा, आरती, विजयपाल, नेमचंद्र, नेतराम शामिल रहे।