फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   farmer fair in sambhal

किसान मेले में ही नहीं लग सका सरकारी बीज का कोई स्टॉल

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 12:36 AM IST
विज्ञापन
farmer fair in sambhal
पवांसा ब्लाक परिसर में लगे किसान मेले में बोलते वक्ता। - फोटो : SAMBHAL
संभल। पवांसा ब्लॉक परिसर में मंगलवार को विकास खंड स्तरीय कृषि निवेश मेेले का आयोजन किया गया। इसमें सरकारी बीज की कोई भी स्टॉल नहीं लगाया गया। सभी स्टाल प्राइवेट बीजों की बिक्री को लगाए गए थे। एक स्टाल में एक सरकारी बीज (गेहूं) का एक कट्टा रखा था। मेले के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से संवाद किया। उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
विज्ञापन

मेले की मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख भूरी देवी ने स्टॉलों का निरीक्षण किया और बीज देखे। कृषि विभाग के कर्मचारी कोमल चरण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मान धन योजना में हर किसान को पंजीकरण कराना चाहिए। इसके लिए आधार कार्ड, पासबुक, खतौनी होनी चाहिए। ध्यान रहे कि पात्र वही किसान है जिसके पास तीस बीघा जमीन से अधिक न हो। किसान की उम्र भी 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए।
विज्ञापन

इससे अधिक उम्र के किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। किसान को 60 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद तीन हजार रुपये हर माह पेंशन के तौर पर मिलेंगे। डेयरी विभाग के स्थानीय प्रभारी डॉ जागन सिंह ने कहा कि अगर कोई किसान अपने गांव में दूध की डेयरी चलाना चाहता है तो उसे अपने गांव के 40 लोगों की एक समिति बनानी पड़ेगी। जिसमें सभी सदस्यों से 55 रुपये प्रतिमाह एकत्र किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्हीं 40 लोगों में से 11 लोगों की कमेटी बनाकर इसे संचालित किया जाएगा। जिसमें अध्यक्ष, सचिव और एक संचालक होगा। डा. अरविंद ने किसानों को खेती में गोबर की सड़ी हुई खाद डालने की सलाह दी। जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार चाहती है कि 2022 तक किसान की आय दोगुनी हो जाए, इसके लिए गांव-गांव में किसान पाठशाला का भी आयोजन किया जा रहा है।

कोई भी किसान अपने खेत में पराली कूड़ा कचरा न जलाए। अगर कोई जलाते हुए पकड़ा गया। तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डा. महावीर सिंह ने कहा कि गेहूं लगाने के बाद रेतीली जमीन में 18 दिन बाद पानी लगाना चाहिए। जहां रेतीली जमीन नहीं है वहां 28 में दिन पानी लगाना चाहिए। सत्येंद्र कुमार ने भी खेती-किसानी जानकारी दी। अध्यक्षता पूर्व विधायक ठाकुर सत्येंद्र सिंह ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed