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आवारा कुत्ते के काटने के एक माह बाद किसान की मौत
सार
आवारा कुत्ते के काटने के एक माह बाद किसान की मौत हो गई।दो दिन पहले किसान को हाइड्रोफोबिया के लक्षण दिखाई दिए थे।सभी जंगल में घूम रहे आवारा कुत्तों ने किसान पर हमला कर काट लिया था।
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विस्तार
आवारा कुत्ते के काटने के एक माह बाद किसान की मौत हो गई। दो दिन पहले किसान को हाइड्रोफोबिया के लक्षण दिखाई दिए थे। परिजन अलीगढ़ में देसी इलाज कराते रहे और रविवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक किसान ने एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी।
जुनावई थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा राम रायपुर निवासी किसान उदयवीर सिंह (30) एक माह पहले अपने खेत में बाजरे की फसल को बोने जा रहे थे। सभी जंगल में घूम रहे आवारा कुत्तों ने किसान पर हमला कर काट लिया था। उदयवीर के छोटे भाई चंद्रभान ने बताया कि कुत्ते के काटने की बात उन्होंने घर आकर नहीं बताई थी और न ही एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई थी। उदयवीर को एक-दो दिन पहले हाइड्रोफोबिया के लक्षण दिखाई दिए थे। तब उदयवीर ने परिजनों को बताया था कि उन्हें एक माह पहले कुत्ते ने काटा था। उसके बाद परिजन उन्हें देसी उपचार के लिए अलीगढ़ क्षेत्र के जरगवां में चिकित्सक के पास ले गए। जहां चिकित्सक ने उदयवीर को इलाज करने से मना कर दिया। वहां से उसे बरेली उपचार के लिए जा रहे थे। रास्ते में जाते समय उसकी मौत हेे गई। मृतक के तीन बेटे व तीन बेटियां हैं।
हाइड्रोफोबिया के लक्षण
लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, अतिरिक्त लार बनना, मांसपेशियों में ऐंठन, पक्षाघात, मानसिक भ्रम शामिल होता है।
कुत्ता काटने के बाद क्या करें
- कुत्ते की सतत निगरानी करें।
- कुत्ता मरा या नहीं देख लें।
- कुत्ते की मौत इस बात का सबूत है कि उसके अंदर थे रैबीज के विषाणु
- पांच बार रैबीज का टीका लें
- टीका निर्धारित तिथि में ही लें
- काटने के बाद उस स्थल को डिटॉल से धो दें।
- कटे स्थान को छोटे बच्चे को न छूने दें।
कुत्ते के काटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन अवश्य लगवाएं। लापरवाही न बरतें। लापरवाही घातक हो सकती है।
डॉ. हरवेंद्र सिंह, एमओआईसी सीएचसी, चंदौसी
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जुनावई थाना क्षेत्र के गांव रम्पुरा राम रायपुर निवासी किसान उदयवीर सिंह (30) एक माह पहले अपने खेत में बाजरे की फसल को बोने जा रहे थे। सभी जंगल में घूम रहे आवारा कुत्तों ने किसान पर हमला कर काट लिया था। उदयवीर के छोटे भाई चंद्रभान ने बताया कि कुत्ते के काटने की बात उन्होंने घर आकर नहीं बताई थी और न ही एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई थी। उदयवीर को एक-दो दिन पहले हाइड्रोफोबिया के लक्षण दिखाई दिए थे। तब उदयवीर ने परिजनों को बताया था कि उन्हें एक माह पहले कुत्ते ने काटा था। उसके बाद परिजन उन्हें देसी उपचार के लिए अलीगढ़ क्षेत्र के जरगवां में चिकित्सक के पास ले गए। जहां चिकित्सक ने उदयवीर को इलाज करने से मना कर दिया। वहां से उसे बरेली उपचार के लिए जा रहे थे। रास्ते में जाते समय उसकी मौत हेे गई। मृतक के तीन बेटे व तीन बेटियां हैं।
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हाइड्रोफोबिया के लक्षण
लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, अतिरिक्त लार बनना, मांसपेशियों में ऐंठन, पक्षाघात, मानसिक भ्रम शामिल होता है।
कुत्ता काटने के बाद क्या करें
- कुत्ते की सतत निगरानी करें।
- कुत्ता मरा या नहीं देख लें।
- कुत्ते की मौत इस बात का सबूत है कि उसके अंदर थे रैबीज के विषाणु
- पांच बार रैबीज का टीका लें
- टीका निर्धारित तिथि में ही लें
- काटने के बाद उस स्थल को डिटॉल से धो दें।
- कटे स्थान को छोटे बच्चे को न छूने दें।
कुत्ते के काटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन अवश्य लगवाएं। लापरवाही न बरतें। लापरवाही घातक हो सकती है।
डॉ. हरवेंद्र सिंह, एमओआईसी सीएचसी, चंदौसी