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दबंगों के डर से परिवार ने छोड़ा गांव
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 23 Jul 2016 01:10 AM IST
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थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर बाबई का एक परिवार गांव के ही दबंगों के उत्पीड़न से तंग आकर गांव छोड़ गया। शुक्रवार को परिवार समेत शकरुद्दीन(70) दुखी मन से गांव को अलविदा कह गए। शकरुद्दीन के बड़े बेटे इरशाद ने पुलिस को तहरीर भी थी। शकरुद्दीन ने संभल के मनौटा दबाई निवासी अपनी बेटी के घर पर शरण ली है।
लंबे समय तक बदहाली का सामना करने के बाद बड़े अरमानों से घर बनाया था। थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर बाबई निवासी शकरुद्दीन पुत्र जफरुद्दीन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। शकरुद्दीन गांव में ही मेहनत मजदूरी करते हैं। शकरुद्दीन ने बताया कि दोनों बेटे इरशाद और जमशेद कर्नाटक के मंगलौर में मेहनत मजदूरी से तिल तिल कर रकम एकत्र कर गांव लाए।
करीब साल भर पहले गांव में रहने के लिए अपने सपनों का मकान बनाया। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से गांव के ही कुछ दबंग युवक शकरुद्दीन के परिवार का उत्पीड़न कर रहे थे। परिवार की महिलाओं के साथ भी कई बार उक्त युवक मारपीट कर चुके हैं। परिवार मदद के लिए पुलिस के पास तक गया।
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न्याय और सुरक्षा नहीं मिली तो थक हार कर गांव छोड़ने का निर्णय ले लिया। गांव छोड़कर जाने लगे तो बुजुर्ग शकरुद्दीन की आंखे भर आईं। परिजन भी भावुक हो गए। गांव कुछ लोगों को इस तरह जाना बुरा भी लगा लेकिन सुरक्षा के लिहाज से रोकना मुनासिब नहीं समझा।
एक साल से गांव के ही कुछ दबंग युवकों ने जीना मुहाल कर दिया है। दोनों बेटे मेहनत मजदूरी के लिए बाहर चले जाते हैं तो घर की महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं। मैं बुजुर्ग हूं क्या करुं समझ में नहीं आ रहा? मजबूरन बेटी के घर शरण ली है। -शकरुद्दीन, निवासी मोहम्मद पुर बाबई।
- आए दिन गांव के दबंग युवक मेरे पिता, पत्नी के साथ मारपीट करते हैं। अभद्रता की जाती है। पिछले एक साल से हम बहुत परेशान थे। लेकिन हमने सोचा पहले मकान बेच लें उसके बाद ही जाएंगे। गुरुवार की रात फिर से युवक गाली गलौज करने लगे। मारपीट की। अब हमने गांव छोड़ने का फैसला कर लिया है। -इरशाद, शकरुद्दीन का बेटा।
- परिवार की आर्थिक हालत कमजोर थी। इसलिए हम दोनों भाइयों ने बाहर जाकर मजदूरी का निर्णय लिया। कनार्टक के मंगलौर में दिन रात एक कर दिया। रकम एकत्र कर लाए। मकान बनवाया। दोनों भाई बाहर रहते थे। इसी का फायदा उठाकर गांव कुछ दबंग युवकों ने आए दिन घर पर चढ़ाई करनी शुरू कर दी। -जमशेद, शकरुद्दीन का छोटा बेटा।
मुझे घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है। न ही कोई तहरीर मिली है। यदि कोई मामला है तो जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार, थानाध्यक्ष, बनियाठेर।
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लंबे समय तक बदहाली का सामना करने के बाद बड़े अरमानों से घर बनाया था। थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर बाबई निवासी शकरुद्दीन पुत्र जफरुद्दीन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। शकरुद्दीन गांव में ही मेहनत मजदूरी करते हैं। शकरुद्दीन ने बताया कि दोनों बेटे इरशाद और जमशेद कर्नाटक के मंगलौर में मेहनत मजदूरी से तिल तिल कर रकम एकत्र कर गांव लाए।
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करीब साल भर पहले गांव में रहने के लिए अपने सपनों का मकान बनाया। पिछले एक वर्ष से अधिक समय से गांव के ही कुछ दबंग युवक शकरुद्दीन के परिवार का उत्पीड़न कर रहे थे। परिवार की महिलाओं के साथ भी कई बार उक्त युवक मारपीट कर चुके हैं। परिवार मदद के लिए पुलिस के पास तक गया।
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न्याय और सुरक्षा नहीं मिली तो थक हार कर गांव छोड़ने का निर्णय ले लिया। गांव छोड़कर जाने लगे तो बुजुर्ग शकरुद्दीन की आंखे भर आईं। परिजन भी भावुक हो गए। गांव कुछ लोगों को इस तरह जाना बुरा भी लगा लेकिन सुरक्षा के लिहाज से रोकना मुनासिब नहीं समझा।
एक साल से गांव के ही कुछ दबंग युवकों ने जीना मुहाल कर दिया है। दोनों बेटे मेहनत मजदूरी के लिए बाहर चले जाते हैं तो घर की महिलाओं के साथ मारपीट करते हैं। मैं बुजुर्ग हूं क्या करुं समझ में नहीं आ रहा? मजबूरन बेटी के घर शरण ली है। -शकरुद्दीन, निवासी मोहम्मद पुर बाबई।
- आए दिन गांव के दबंग युवक मेरे पिता, पत्नी के साथ मारपीट करते हैं। अभद्रता की जाती है। पिछले एक साल से हम बहुत परेशान थे। लेकिन हमने सोचा पहले मकान बेच लें उसके बाद ही जाएंगे। गुरुवार की रात फिर से युवक गाली गलौज करने लगे। मारपीट की। अब हमने गांव छोड़ने का फैसला कर लिया है। -इरशाद, शकरुद्दीन का बेटा।
- परिवार की आर्थिक हालत कमजोर थी। इसलिए हम दोनों भाइयों ने बाहर जाकर मजदूरी का निर्णय लिया। कनार्टक के मंगलौर में दिन रात एक कर दिया। रकम एकत्र कर लाए। मकान बनवाया। दोनों भाई बाहर रहते थे। इसी का फायदा उठाकर गांव कुछ दबंग युवकों ने आए दिन घर पर चढ़ाई करनी शुरू कर दी। -जमशेद, शकरुद्दीन का छोटा बेटा।
मुझे घटना की कोई जानकारी नहीं मिली है। न ही कोई तहरीर मिली है। यदि कोई मामला है तो जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -विनय कुमार, थानाध्यक्ष, बनियाठेर।