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वेतन न मिलने पर नजारत में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने की आत्महत्या

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 12:39 AM IST
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employee of tahsi suicide in chandausi for salary
चंदौसी/गुन्नौर। गुन्नौर तहसील में तैनात चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने छह माह से वेतन न मिलने पर सरकारी क्वार्टर में पंखे से लटकर कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। एसडीएम और सीओ ने घटना का जायजा लिया।
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उत्तराखंड के जिला उधमसिंह नगर के गांव सितारगंज निवासी राम गिरीश सिंह 50 वर्ष गुन्नौर तहसील में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे और पिछले 30 वर्षों से परिसर के नजदीक बने सरकारी आवास में पत्नी कमलेश के साथ रहते थे। सोमवार की दोपहर बाहर से आए और कमरे में चले गए। उनकी पत्नी घर के बाहर बैठी थी। काफी देकर तक बाहर न आने पर उन्होंने अंदर जाकर देखा, उनकी चीख निकल गई। राम गिरीश सिंह का शव छत के पंखे में बंधी रस्सी से लटका था। चीख सुनकर आसपास के लोग आ गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र कुमार शर्मा ने मौके पर पहुंचकर शव नीचे उतारवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी कमलेश व अन्य लोगों ने बताया कि पिछले कई माह से उन्हें वेतन नहीं मिला था। एसडीएम गुन्नौर दीपेंद्र यादव, सीओ डा. केके सरोज घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आसपास के लोगों से घटना के विषय में जानकारी ली।
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वहीं मृतक की पत्नी कमलेश ने बताया कि आठ माह से वेतन नहीं मिल रहा था। इसी बात लेकर वह परेशान रहा करते थे। मैं घर से बाहर बैठी थी तभी वह कमरे में घुसे और कुछ देर बाद अंदर मैंने जाकर देखा तो वह पंखे पर बंधी रस्सी से लटके थे। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
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दिसंबर माह में बिना बताए हो गए थे गायब
एसडीएम गुन्नौर दीपेंद्र यादव ने बताया कि मृतक राम गिरीश सिंह माह दिसंबर 2019 में बिना बताए ड्यूटी से गायब हो गए थे। अनुपस्थित रहने पर तहसीलदार ने उनका वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिये थे। जनवरी माह के आखिर में आफिस आए थे। उन्होंने केवल जनवरी माह का निजी चिकित्सक का मेडिकल सर्टिफिकेट लगाया था। उस पर काउंटर साइन भी नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने फिटनेस सर्टिफिकेट भी जमा नहीं किया था। वह ऑन रिकार्ड ड्यूटी नहीं आ रहे थे। इस कारण उनका छह माह का वेतन नहीं मिल पाया। आसपास के लोगों से जानकारी करने पर पता चला कि वह शराब भी पीते थे।
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