फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Electric pole fell due to hydra, Class 3 student crushed to death

Sambhal News: हाइड्रा से गिरा बिजली का खंभा, कक्षा तीन की छात्रा की दबकर मौत

Wed, 15 May 2024 05:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Wed, 15 May 2024 05:00 AM IST
विज्ञापन
Electric pole fell due to hydra, Class 3 student crushed to death
सरायतरीन (संभल)। कैला देवी थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा सोनक में मंगलवार की सुबह 10 बजे विद्युतीकरण कार्य के दौरान हाइड्रा से गिरा बिजली का खंभा गांव निवासी नन्हे की बेटी सलोनी (7) के ऊपर गिर गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद विद्युतीकरण का कार्य कर रहे लोग भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन

गांव बरखेड़ा सोनक में चार-पांच दिन से विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। गांव में जगह जगह खंभे लगाए गए हैं। मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे मोहल्ले में ही बिजली का खंभा लगाया जा रहा था। कुछ दूरी पर मोहल्ले के बच्चों के साथ नन्हे के सात साल की बेटी सलोनी भी खेल रही थी। इसी दौरान हाइड्रा मशीन से बिजली का खंभा गिर गया। जिसकी चपेट में आने से सलोनी की मौत हो गई। जबकि अन्य बच्चे बाल-बाल बचे। पीड़ित पिता ने बताया कि दो बेटी व एक बेटे में सलोनी दूसरे नंबर की थी। पीड़ित ने ठेकेदार को बेटी की मौत का जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया कि दो ट्रैक्टर मौके से मिले हैं। तहरीर मिली नहीं है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
विज्ञापन


हाइड्रा की पत्ती थी टूटी हुई, ग्रामीणों ने चेताया था ठेकेदार
जिस हाइड्रा मशीन से हादसा हुआ है। उसमें पत्ती लोहे की टूटी हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार को इसकी जानकारी दी गई थी कि मशीन की पत्ती को दुरूस्त करा लें। इससे हादसा हो सकता है। मंगलवार को ऐसा ही हुआ। जब खंभा उठाया तो वह अचानक से गिर गया। इसमें बालिका की मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

मां के साथ आधी रोटी खाकर खेलने निकली थी सलोनी
सलोनी की मां प्रेमवती ने बताया कि गांव में विद्युतीकरण का कार्य चल रहा था। मोहल्ले में ही बिजली का खंभा लगाने के लिए जब ट्रैक्टर आया तो बेटी मेरे साथ ही खाना खा रही थी। उसने आधी रोटी खाई थी और आधी रोटी छोड़कर देखने के लिए चली गई थी। लेकिन मुझे क्या पता था कि इसी बिजली के खंभे के नीचे दबकर मेरी बेटी की मौत हो जाएगी। मोहल्ले के लोगों का शोर शराबा होने के बाद जब मौके पर गई तो बेटी की मौत हो चुकी थी। बताया कि बेटी यदि स्कूल चली गई होती तो उसकी जान बच जाती। वह गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article