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Sambhal News: आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम
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संभल। हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव कमालपुर सराय निवासी अजय (20) की मौत मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजन व ग्रामीण भड़क गए। सोमवार की शाम करीब 6 बजे संभल-गवां मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।
परिजनों ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस के अधिकारियों ने तीन दिन में रिपोर्ट दर्ज करने का भरोसा दिया तो जाम खोला गया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देर शाम शव का अंतिम संस्कार हुआ तो पुलिस ने राहत की सांस ली।
रविवार की सुबह अजय का शव घर के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला था। मृतक के बड़े भाई संजीव कुमार का आरोप है कि शनिवार की रात को गांव के तीन लोग घर से बुलाकर ले गए थे। देररात तक भाई घर नहीं लौटा और रविवार की सुबह शव लटका हुआ मिला। आरोप लगाया कि गांव के लोगों ने हत्या कर शव फंदे से लटकाया है। पुलिस ने जांच का भरोसा देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। सोमवार की शाम को शव गांव पहुंचा तो परिजन कार्रवाई करने और गिरफ्तारी करने की जिद पर अड़ गए। एएसपी कुलदीप सिंह चार थानों की फोर्स और पीएसी-आरआरएफ के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे तो हालात पर काबू पाया गया।
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मृतक के भाई का कहना है कि छह भाई और दो बहनों में पांचवें नंबर का अजय था। दो महीने से चंडीगढ़ में रहकर सिक्योरिटी में नौकरी करता था। तीन फरवरी को बहन की गोदभराई की रस्म होनी थी इसलिए गांव आया था। बताया कि गांव के कुछ लोग रंजिश मानते हैं, उन्होंने ही हत्या की है। अब पुलिस ने तीन दिन का समय दिया है।
गांव की युवती से प्रेमप्रसंग करने पर छोड़ना पड़ा था गांव, 70 हजार लगा था जुर्माना
अजय का गांव की युवती से प्रेमप्रसंग था। दो महीने पहले इस प्रेमप्रसंग को लेकर गांव में पंचायत हुई थी। पंचायत ने 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और गांव छोड़ने की सजा दी थी। जिसमें यह तय हुआ था कि युवती की शादी होने तक अजय गांव नहीं लौटेगा, लेकिन इसमें यह शर्त तय की थी कि यदि अजय के परिवार में कोई खुशी होगी तो वह आ सकता है और कार्यक्रम कर लौटना होगा। अजय के भाई संजीव ने बताया कि दो महीने तक भाई गांव नहीं आया और अब बहन की गोदभराई की रस्म होनी थी तो आ गया था। इससे ही दूसरे पक्ष ने रंजिश मान ली और हत्या कर दी। अजय के भाई संजीव ने बताया कि उनके भाई का जिस युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह गांव की होने के साथ बिरादरी की भी है। इसलिए शादी नहीं हो सकती थी। पंचायत का फैसला सभी ने मंजूर कर लिया था। अब घटना करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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परिजनों ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने और आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस के अधिकारियों ने तीन दिन में रिपोर्ट दर्ज करने का भरोसा दिया तो जाम खोला गया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देर शाम शव का अंतिम संस्कार हुआ तो पुलिस ने राहत की सांस ली।
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रविवार की सुबह अजय का शव घर के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला था। मृतक के बड़े भाई संजीव कुमार का आरोप है कि शनिवार की रात को गांव के तीन लोग घर से बुलाकर ले गए थे। देररात तक भाई घर नहीं लौटा और रविवार की सुबह शव लटका हुआ मिला। आरोप लगाया कि गांव के लोगों ने हत्या कर शव फंदे से लटकाया है। पुलिस ने जांच का भरोसा देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। सोमवार की शाम को शव गांव पहुंचा तो परिजन कार्रवाई करने और गिरफ्तारी करने की जिद पर अड़ गए। एएसपी कुलदीप सिंह चार थानों की फोर्स और पीएसी-आरआरएफ के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे तो हालात पर काबू पाया गया।
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मृतक के भाई का कहना है कि छह भाई और दो बहनों में पांचवें नंबर का अजय था। दो महीने से चंडीगढ़ में रहकर सिक्योरिटी में नौकरी करता था। तीन फरवरी को बहन की गोदभराई की रस्म होनी थी इसलिए गांव आया था। बताया कि गांव के कुछ लोग रंजिश मानते हैं, उन्होंने ही हत्या की है। अब पुलिस ने तीन दिन का समय दिया है।
गांव की युवती से प्रेमप्रसंग करने पर छोड़ना पड़ा था गांव, 70 हजार लगा था जुर्माना
अजय का गांव की युवती से प्रेमप्रसंग था। दो महीने पहले इस प्रेमप्रसंग को लेकर गांव में पंचायत हुई थी। पंचायत ने 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था और गांव छोड़ने की सजा दी थी। जिसमें यह तय हुआ था कि युवती की शादी होने तक अजय गांव नहीं लौटेगा, लेकिन इसमें यह शर्त तय की थी कि यदि अजय के परिवार में कोई खुशी होगी तो वह आ सकता है और कार्यक्रम कर लौटना होगा। अजय के भाई संजीव ने बताया कि दो महीने तक भाई गांव नहीं आया और अब बहन की गोदभराई की रस्म होनी थी तो आ गया था। इससे ही दूसरे पक्ष ने रंजिश मान ली और हत्या कर दी। अजय के भाई संजीव ने बताया कि उनके भाई का जिस युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह गांव की होने के साथ बिरादरी की भी है। इसलिए शादी नहीं हो सकती थी। पंचायत का फैसला सभी ने मंजूर कर लिया था। अब घटना करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।