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धुंध ने रोकी वाहनों की रफ्तार, जनजीवन रहा प्रभावित
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:34 AM IST
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चंदौसी में गुरुवार को रेलवे स्टेशन पर कोहरे में पहुंच रही ट्रेन।
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धुंध ने यातायात की रफ्तार रोक दी। आम जनजीवन को भी प्रभावित किया। मंगलवार से धुंध छाई है जो अब तक नहीं छंट पाई है। रात्रि नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक धुंध ने लोगों के जीवन को प्रभावित किया। रोडवेज बसों से लेकर ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री की आमदनी को झटका लगा है। सामान्य कारोबार भी प्रभावित है।
धुंध की जो मुसीबत दिसंबर में सामने आती थी उसकी शुरूआत अबकी बार नवंबर से ही हो गई है। लगातार चौथा दिन जब धुंध मुसीबत बन कर सामने आई है। बुधवार को रात वाहन रेंग रेंग कर चले जबकि गुरुवार को दोपहर तक धीरे धीरे धुंध छटी। लेकिन कई इलाके ऐसे थे जहां दिन भर धुंध छाई थी। इसके चलते वाहनों की रफ्तार नहीं बन सकी। रोडवेज के स्टेशन प्रभारी मोहम्मद इकबाल ने बताया कि धुंध की वजह से आमदनी घटी है। संभल से मुरादाबाद जाने वाली बसों में सुबह के वक्त यात्री बहुत कम मिलते हैं। बसें तो दोपहर तक खाली चलीं। सामान्य दिनों के मुकाबले चौथाई यात्री भी नहीं निकले।
मेरठ, दिल्ली और अलीगढ़ की बस सेवाएं देरी से पहुंची। इनके चालकों ने धुंध को कारण बताया। वहीं ट्रांसपोर्टरों का कहना था कि एक दिन का सफर दो दिन में पूरा हो रहा है। आमदनी प्रभावित है।चंदौसी में घने धुंध की चादर तीसरे दिन भी छाई रही, जिससे मुख्य मार्गो पर वाहन सुबह नौ बजे तक फॉग लाइट व हेडलाइट जलाकर रेंगते दिखे। सुबह स्कूली बच्चों को भी सर्दी में स्कूल जाना पड़ा। घना धुंध तो मंगलवार की शाम से शुरू हो गया था, लेकिन बुधवार को भी सुबह करीब ग्यारह बजे और शाम से पूरी रातभर रहा। गुरुवार की सुबह भी घने धुंध की चपेट में रही। जिससे सुबह नौ बजे के बाद तक भी घना धुंध रहने के कारण वाहन चालकों के हेड लाइट जलाकर धीमी गति में चलना पड़ा। वाहन रेंगते रहे। स्कूली बच्चोें के लिए कोहरे से ढकी सुबह काफी परेशानी भरी रही। सर्दी में सिकुड़ते हुए स्कूलों को जाना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर भी यात्री गर्म कपड़ों में लिपटे दिखे।
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धुंध की जो मुसीबत दिसंबर में सामने आती थी उसकी शुरूआत अबकी बार नवंबर से ही हो गई है। लगातार चौथा दिन जब धुंध मुसीबत बन कर सामने आई है। बुधवार को रात वाहन रेंग रेंग कर चले जबकि गुरुवार को दोपहर तक धीरे धीरे धुंध छटी। लेकिन कई इलाके ऐसे थे जहां दिन भर धुंध छाई थी। इसके चलते वाहनों की रफ्तार नहीं बन सकी। रोडवेज के स्टेशन प्रभारी मोहम्मद इकबाल ने बताया कि धुंध की वजह से आमदनी घटी है। संभल से मुरादाबाद जाने वाली बसों में सुबह के वक्त यात्री बहुत कम मिलते हैं। बसें तो दोपहर तक खाली चलीं। सामान्य दिनों के मुकाबले चौथाई यात्री भी नहीं निकले।
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मेरठ, दिल्ली और अलीगढ़ की बस सेवाएं देरी से पहुंची। इनके चालकों ने धुंध को कारण बताया। वहीं ट्रांसपोर्टरों का कहना था कि एक दिन का सफर दो दिन में पूरा हो रहा है। आमदनी प्रभावित है।चंदौसी में घने धुंध की चादर तीसरे दिन भी छाई रही, जिससे मुख्य मार्गो पर वाहन सुबह नौ बजे तक फॉग लाइट व हेडलाइट जलाकर रेंगते दिखे। सुबह स्कूली बच्चों को भी सर्दी में स्कूल जाना पड़ा। घना धुंध तो मंगलवार की शाम से शुरू हो गया था, लेकिन बुधवार को भी सुबह करीब ग्यारह बजे और शाम से पूरी रातभर रहा। गुरुवार की सुबह भी घने धुंध की चपेट में रही। जिससे सुबह नौ बजे के बाद तक भी घना धुंध रहने के कारण वाहन चालकों के हेड लाइट जलाकर धीमी गति में चलना पड़ा। वाहन रेंगते रहे। स्कूली बच्चोें के लिए कोहरे से ढकी सुबह काफी परेशानी भरी रही। सर्दी में सिकुड़ते हुए स्कूलों को जाना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर भी यात्री गर्म कपड़ों में लिपटे दिखे।
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