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Sambhal News: श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर झूमे श्रद्धालु
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चंदौसी। शक्तिनगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहा। इस अवसर पर कथा वाचक शिवशंकर भारद्वाज ने सरल शब्दों में बताया कि भागवत कथा सभी शास्त्रों का सार है और यह हमें सही जीवन जीने की सीख देती है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया।
कथा वाचक ने बताया कि कृष्ण जन्म के बाद गोकुल में नंद बाबा के घर खुशी का माहौल था और बधाइयां दी जा रही थीं। जन्म के सातवें दिन पूतना नाम की राक्षसी सुंदर रूप बनाकर बालकृष्ण को उठा ले गई, लेकिन भगवान ने उसका भी उद्धार कर दिया। उन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए माखन लीला को अद्भुत बताया और कहा कि उस समय दूध और माखन मथुरा में बेच दिया जाता था, इसलिए भगवान ने बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह लीला की, ताकि पहले घर के बच्चे दूध-घी का सेवन करें।
कथा वाचक ने बताया कि भगवान ने कंस द्वारा भेजे गए सभी राक्षसों का उद्धार किया और यमुना के जल को शुद्ध करने के लिए कालिया नाग को वहां से भगा दिया। समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए चीर हरण की लीला के माध्यम से भी शिक्षा दी गई। सात वर्ष की आयु में भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पूजा का महत्व समझाया और इंद्र की जगह गोवर्धन की पूजा कराई।
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इस अवसर पर खेंद्र पाल सिंह, अनिल वाष्र्णेय, जगपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, सतेंद्र कुमार, अरविंद गुप्ता, ममता राघव, मीरा सिंह, कृष्णा सिंह, शालिनी, संगीता शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कथा वाचक ने बताया कि कृष्ण जन्म के बाद गोकुल में नंद बाबा के घर खुशी का माहौल था और बधाइयां दी जा रही थीं। जन्म के सातवें दिन पूतना नाम की राक्षसी सुंदर रूप बनाकर बालकृष्ण को उठा ले गई, लेकिन भगवान ने उसका भी उद्धार कर दिया। उन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए माखन लीला को अद्भुत बताया और कहा कि उस समय दूध और माखन मथुरा में बेच दिया जाता था, इसलिए भगवान ने बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह लीला की, ताकि पहले घर के बच्चे दूध-घी का सेवन करें।
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कथा वाचक ने बताया कि भगवान ने कंस द्वारा भेजे गए सभी राक्षसों का उद्धार किया और यमुना के जल को शुद्ध करने के लिए कालिया नाग को वहां से भगा दिया। समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए चीर हरण की लीला के माध्यम से भी शिक्षा दी गई। सात वर्ष की आयु में भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पूजा का महत्व समझाया और इंद्र की जगह गोवर्धन की पूजा कराई।
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इस अवसर पर खेंद्र पाल सिंह, अनिल वाष्र्णेय, जगपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, सतेंद्र कुमार, अरविंद गुप्ता, ममता राघव, मीरा सिंह, कृष्णा सिंह, शालिनी, संगीता शर्मा आदि मौजूद रहे।