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Sambhal News: गुमथल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूम उठे श्रद्धालु, सजी मनमोहक झांकी
Sun, 25 Oct 2026 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:55 AM IST
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चंदौसी। गांव के ब्रह्मपुरी स्थल पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य गौरव कुमार शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीला का वर्णन सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और खुशी से झूमने लगे। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी भी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
कथावाचक आचार्य गौरव कुमार शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुनाते हुए बताया कि द्वापर युग में मथुरा में कंस का अत्याचारी शासन था। कंस ने अपने पिता को कारागार में डालकर स्वयं राजगद्दी पर अधिकार कर लिया था। उन्होंने बताया कि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की अंधेरी रात में कंस के कारागार में अचानक दिव्य प्रकाश फैल गया और माता देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। भगवान की लीला से पहरेदार मूर्छित हो गए और कारागार के दरवाजे खुल गए। इसके बाद वासुदेव नवजात श्रीकृष्ण को सूप में रखकर यमुना पार गोकुल में नंद बाबा के घर पहुंचा आए और वहां से नवजात कन्या को लेकर वापस मथुरा लौट आए। सुबह होते ही गोकुल में नंद बाबा के घर बालक के जन्म की खबर फैल गई। इसके बाद पूरे गोकुल में उत्सव मनाया जाने लगा। कथा स्थल पर भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की। झांकी देखकर श्रद्धालु आनंदित हो उठे और पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
कथा में अजय पाठक, विवेक शर्मा, आनंद शर्मा, अनमोल पाठक, अवनेश शर्मा, डॉ हरिसिंह, राजेश शर्मा, अंशु शर्मा, जुगल किशोर शर्मा, उमंग पाठक, कमलेश शर्मा, उर्मिला शर्मा,ओमकुमारी शर्मा,अनुपम शर्मा, लवली शर्मा, आरती शर्मा आदि भक्तगण उपस्थित रहे।
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कथावाचक आचार्य गौरव कुमार शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुनाते हुए बताया कि द्वापर युग में मथुरा में कंस का अत्याचारी शासन था। कंस ने अपने पिता को कारागार में डालकर स्वयं राजगद्दी पर अधिकार कर लिया था। उन्होंने बताया कि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की अंधेरी रात में कंस के कारागार में अचानक दिव्य प्रकाश फैल गया और माता देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। भगवान की लीला से पहरेदार मूर्छित हो गए और कारागार के दरवाजे खुल गए। इसके बाद वासुदेव नवजात श्रीकृष्ण को सूप में रखकर यमुना पार गोकुल में नंद बाबा के घर पहुंचा आए और वहां से नवजात कन्या को लेकर वापस मथुरा लौट आए। सुबह होते ही गोकुल में नंद बाबा के घर बालक के जन्म की खबर फैल गई। इसके बाद पूरे गोकुल में उत्सव मनाया जाने लगा। कथा स्थल पर भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की। झांकी देखकर श्रद्धालु आनंदित हो उठे और पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
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कथा में अजय पाठक, विवेक शर्मा, आनंद शर्मा, अनमोल पाठक, अवनेश शर्मा, डॉ हरिसिंह, राजेश शर्मा, अंशु शर्मा, जुगल किशोर शर्मा, उमंग पाठक, कमलेश शर्मा, उर्मिला शर्मा,ओमकुमारी शर्मा,अनुपम शर्मा, लवली शर्मा, आरती शर्मा आदि भक्तगण उपस्थित रहे।
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