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Sambhal News: श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह की कथा सुनकर झूम उठे श्रद्धालु
Wed, 22 May 2024 04:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 22 May 2024 04:57 AM IST
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बबराला (संभल)। नगर के स्टेशन रोड स्थित बांके बिहारी लाल मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को भगवान श्रीकृष्ण व रुकमणि विवाह की कथा सुनाई गई। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।
कथावाचक आचार्य गौरव देव शर्मा ने बताया कि रुक्मणि विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री थी। रुक्मणि ने जब देव ऋषि नारद के मुख से भगवान श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उन्होंने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय कर लिया। लेकिन उनका बड़ा भाई रुक्मणि श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह शिशुपाल से कराना चाहता था। रुक्मणि को जब इस बात का पता चला, तो उन्होंने एक संदेशवाहक द्वारा श्रीकृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। जिसके बाद श्रीकृष्ण विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर बारात लेकर पहुंचे और शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं को परास्त कर रुक्मणि को अपने साथ ले गए। कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण श्रद्धालुओं में किया गया। इस मौके पर पंडित श्याम बिहारी, संजय, टिंकू, टेस्टी वार्ष्णेय, डिंपल वार्ष्णेय, उमेश, सोनू, कार्तिक आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक आचार्य गौरव देव शर्मा ने बताया कि रुक्मणि विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री थी। रुक्मणि ने जब देव ऋषि नारद के मुख से भगवान श्रीकृष्ण के रूप, सौंदर्य एवं गुणों की प्रशंसा सुनी तो उन्होंने मन ही मन श्रीकृष्ण से विवाह करने का निश्चय कर लिया। लेकिन उनका बड़ा भाई रुक्मणि श्रीकृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह शिशुपाल से कराना चाहता था। रुक्मणि को जब इस बात का पता चला, तो उन्होंने एक संदेशवाहक द्वारा श्रीकृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। जिसके बाद श्रीकृष्ण विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर बारात लेकर पहुंचे और शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं को परास्त कर रुक्मणि को अपने साथ ले गए। कथा के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण श्रद्धालुओं में किया गया। इस मौके पर पंडित श्याम बिहारी, संजय, टिंकू, टेस्टी वार्ष्णेय, डिंपल वार्ष्णेय, उमेश, सोनू, कार्तिक आदि मौजूद रहे।
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