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चिकित्सक के अभाव में मायूस होकर अस्पताल से लौट रहे आंखों के मरीज
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बहजोई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र चिकित्सक के अभाव में मरीजों को बिना उपचार के ही मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। महीने भर में करीब तीन सौ से अधिक नेत्र रोगियों की ओपीडी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर गंभीर नहीं हैं। इससे नेत्र रोगी मुश्किल में हैं।
सीएचसी परिसर में नेत्र रोगियों के उपचार को लेकर मुश्किल आ रही है। चार माह पहले नेत्र परीक्षण अधिकारी का स्थानांतरण दूसरे चिकित्सालय में हो जाने के कारण कक्ष पर ताला लटका रहता है। इसके चलते उपचार के लिए सीएचसी में पहुंचने वाले मरीजों को निराशा हाथ लगती है।
सीएचसी में नेत्र रोग चिकित्सक की तैनाती न होने से भी मरीजों को मुश्किल है। यह हाल तब है, जबकि सीएचसी परिसर में ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी का दफ्तर स्थित है। बावजूद इसके सीएचसी में नेत्र रोगियों के उपचार को लेकर किसी भी स्तर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। मरीजों का कहना है कि विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान दें और समय रहते सीएचसी में नेत्र रोग चिकित्सक की तैनाती की जाए, जिससे कि नेत्र रोगियों का आसानी से उपचार हो सके।
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सीएचसी परिसर में नेत्र रोगियों के उपचार को लेकर मुश्किल आ रही है। चार माह पहले नेत्र परीक्षण अधिकारी का स्थानांतरण दूसरे चिकित्सालय में हो जाने के कारण कक्ष पर ताला लटका रहता है। इसके चलते उपचार के लिए सीएचसी में पहुंचने वाले मरीजों को निराशा हाथ लगती है।
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सीएचसी में नेत्र रोग चिकित्सक की तैनाती न होने से भी मरीजों को मुश्किल है। यह हाल तब है, जबकि सीएचसी परिसर में ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी का दफ्तर स्थित है। बावजूद इसके सीएचसी में नेत्र रोगियों के उपचार को लेकर किसी भी स्तर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। मरीजों का कहना है कि विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान दें और समय रहते सीएचसी में नेत्र रोग चिकित्सक की तैनाती की जाए, जिससे कि नेत्र रोगियों का आसानी से उपचार हो सके।
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