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बुखार का कहर जारी, दो और लोगों की जान गई
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चंदौसी/कुढ़ फतेहगढ़। क्षेत्र में संक्रामक रोगों का प्रकोप थम नहीं रहा है। तमाम प्रयासों के बावजूद बुखार जानलेवा होता जा रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग भी इसमें कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। वहीं, निजी चिकित्सालयों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। निजी चिकित्सक मरीजों का ब्लड टेस्ट सहित कई तरह की जांच करा रहे हैं। नगर की सभी लैब पर सुबह से मेला सा लग जाता है।
कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव चितौरा में लगातार दूसरे दिन भी एक महिला की मौत गई। जिससे ग्रामीणों में बुखार का खौफ बढ़ गया है। तारावती (45) पत्नी फूल चंद कश्यप को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
शरीर में प्लेटलेट्स कम हो जाने के कारण परिजन दिल्ली के डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार करा रहे थे। उपचार के दौरान ही रविवार की रात्रि तारावती की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव को घर लेकर आए और सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया।
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परिजनों ने बताया कि तारावती को डाक्टरों ने दिमागी बुखार बताया था। इससे पहले रविवार की सुबह नौ बजे सावित्री पत्नी गंगा सहाय की भी बुखार से मौत हो गई। लगातार हुई दो मौतों से ग्रामीणों में बुखार का भय छाया हुआ है।
इधर, नरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के आटा गांव में जयंती प्रसाद (55) पुत्र डालचंद्र को सप्ताह भर से लगातार बुखार आ रहा था। चंदौसी व मुरादाबाद के कई डाक्टरों को दिखाया गया लेकिन बुखार कम ही नहीं हो रहा था। परिजन जयंती प्रसाद को रविवार को घर ले आए थे। रात्रि करीब साढ़े ग्यारह बजे जयंती प्रसाद की घर पर ही मौत हो गई।
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कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव चितौरा में लगातार दूसरे दिन भी एक महिला की मौत गई। जिससे ग्रामीणों में बुखार का खौफ बढ़ गया है। तारावती (45) पत्नी फूल चंद कश्यप को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था।
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शरीर में प्लेटलेट्स कम हो जाने के कारण परिजन दिल्ली के डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार करा रहे थे। उपचार के दौरान ही रविवार की रात्रि तारावती की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव को घर लेकर आए और सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया।
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परिजनों ने बताया कि तारावती को डाक्टरों ने दिमागी बुखार बताया था। इससे पहले रविवार की सुबह नौ बजे सावित्री पत्नी गंगा सहाय की भी बुखार से मौत हो गई। लगातार हुई दो मौतों से ग्रामीणों में बुखार का भय छाया हुआ है।
इधर, नरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के आटा गांव में जयंती प्रसाद (55) पुत्र डालचंद्र को सप्ताह भर से लगातार बुखार आ रहा था। चंदौसी व मुरादाबाद के कई डाक्टरों को दिखाया गया लेकिन बुखार कम ही नहीं हो रहा था। परिजन जयंती प्रसाद को रविवार को घर ले आए थे। रात्रि करीब साढ़े ग्यारह बजे जयंती प्रसाद की घर पर ही मौत हो गई।