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दफ्तरों में तो चल रहा काम, अस्पतालों में मचा कोहराम
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 11 Aug 2016 01:45 AM IST
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हड़ताल
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बुधवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले पहले दिन हड़ताल की। सरकारी कार्यालयों में जाकर हड़ताल सफल बनाने का आह्वान किया। कार्यालय में कार्य से विरत रहने के लिए प्रेरित किया। हड़ताल का असर मिला जुला रहा। खासतौर पर स्वास्थ्य सेेवाएं प्रभावित रहीं।
स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, आइटीआई, वाणिज्य कर, ग्राम पंचायत, वन विभाग, चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन काम काज ठप रखा। स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों की हड़ताल का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। संयुक्त चिकित्सालय चंदौसी में ओपीडी खुली।
औषधियों का भी वितरण हुआ। ओपीडी में करीब 80 मरीजों का इलाज भी हुआ। इसके बाद हड़ताल समर्थकों ने संयुक्त चिकित्सालय पहुंचकर कामकाज ठप करा दिया। इलाज के लिए अस्पताल में मरीजों को मशक्कत का सामना करना पड़ा। बारिश के मौसम में दिक्कतों के बीच अस्पताल पहुंचे मरीज बैरंग ही अपने घर वापस लौट गए।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर उत्तर प्रदेश औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के चंदौसी इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हड़ताल की। आईटीआई में सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। महीपाल सिंह, अमित कुमार शुक्ला, मुकेश कुमार गौतम, उपेंद्र सिंह, कुलदीप गोपाल चतुर्वेदी, कीर्तिपाल शर्मा, अनिल गुप्ता, सर्वेश कुमार, अमर पाल सिंह, सुधाकर मिश्रा, कुसुम मौजूद रहे।
राज्य कर्मचारी परिषद के आह्वान पर नरौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी हड़ताल का असर दिखा। मरीजों को दवा और उपचार के बिना ही बैरंग अपने घरों को लौटना पड़ा। प्रदेश सरकार के खिलाफ वादा खिलाफी का आरोप लगाकर नारेबाजी कर विरोध जताया। सावित्री विल्सन, अनीता सिंह, कृष्णा टीजी, नीलम, सर्वेश रानी, कुसुम गुप्ता, हरनंदी, प्रभा रानी, सुनीता देवी, अवनेश गुप्ता, गोपेश सारस्वत, रजनेश, एनके यादव, धर्मवीर सिंह, कुलदीप, शमीम अहमद मौजूद रहे।
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हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवाएं प्रभावित
संभल/गुन्नौर(ब्यूरो)। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से जिला अस्पताल में बुधवार को सुबह आठ बजे से दिन में 11 बजे तक कामकाज प्रभावित रहा। जो स्टाफ दवाएं बांटता था उसने काम नहीं किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर तीन घंटे की हड़ताल की. ग्यारह बजे से दवाओं का वितरण हुआ और सेवाएं सुचारू हो गईं। अन्य सरकारी विभागों में हड़ताल असर नजर नहीं आया।
सामान्य तौर पर कामकाज चल रहा था। जिला अस्पताल कर्मचारियों ने कहा कि संगठन की ओर से तीन घंटे सांकेतिक विरोध का निर्देश था।इसलिए इसके बाद काम किया गया है। जिला अस्पताल से केकेहटवाल ने बताया कि गुरुवार को भी कर्मचारी तीन घंटे कामकाज ठप रखेंगे।उधर, राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल रहे। इससे मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
दफ्तरों में कर्मचारियों से मांगा सहयोग
बहजोई(ब्यूरो)। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 10 से 12 अगस्त तक की जाने वाली हड़ताल की रणनीति बनाकर शुरूआत की गई। इसमें विभिन्न विभागों के दफ्तरों में पहुंचकर कर्मचारियों से सहयोग लिया गया। चंद्रकेश यादव, वीरेंद्र राघव, एडीओ अमरसिंह, सतराज यादव, राजेश कुमार चौधरी, वसीम अब्बास, जयकिशोर, रामौतार यादव, अमित कुमार, नितेंद्र नाथ गुप्ता, रमेश कुमार, अवनीश कुमार, सत्यवीर सिंह, नेत्रपाल, धर्मवीर सिंह, गोविंद सिंह, नीरज कुमार सिंह, हरीशंकर व वीना आदि मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, आइटीआई, वाणिज्य कर, ग्राम पंचायत, वन विभाग, चकबंदी विभाग के कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन काम काज ठप रखा। स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य विभागों की हड़ताल का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के बाद मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। संयुक्त चिकित्सालय चंदौसी में ओपीडी खुली।
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औषधियों का भी वितरण हुआ। ओपीडी में करीब 80 मरीजों का इलाज भी हुआ। इसके बाद हड़ताल समर्थकों ने संयुक्त चिकित्सालय पहुंचकर कामकाज ठप करा दिया। इलाज के लिए अस्पताल में मरीजों को मशक्कत का सामना करना पड़ा। बारिश के मौसम में दिक्कतों के बीच अस्पताल पहुंचे मरीज बैरंग ही अपने घर वापस लौट गए।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर उत्तर प्रदेश औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के चंदौसी इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हड़ताल की। आईटीआई में सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। महीपाल सिंह, अमित कुमार शुक्ला, मुकेश कुमार गौतम, उपेंद्र सिंह, कुलदीप गोपाल चतुर्वेदी, कीर्तिपाल शर्मा, अनिल गुप्ता, सर्वेश कुमार, अमर पाल सिंह, सुधाकर मिश्रा, कुसुम मौजूद रहे।
राज्य कर्मचारी परिषद के आह्वान पर नरौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी हड़ताल का असर दिखा। मरीजों को दवा और उपचार के बिना ही बैरंग अपने घरों को लौटना पड़ा। प्रदेश सरकार के खिलाफ वादा खिलाफी का आरोप लगाकर नारेबाजी कर विरोध जताया। सावित्री विल्सन, अनीता सिंह, कृष्णा टीजी, नीलम, सर्वेश रानी, कुसुम गुप्ता, हरनंदी, प्रभा रानी, सुनीता देवी, अवनेश गुप्ता, गोपेश सारस्वत, रजनेश, एनके यादव, धर्मवीर सिंह, कुलदीप, शमीम अहमद मौजूद रहे।
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हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवाएं प्रभावित
संभल/गुन्नौर(ब्यूरो)। राज्य कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से जिला अस्पताल में बुधवार को सुबह आठ बजे से दिन में 11 बजे तक कामकाज प्रभावित रहा। जो स्टाफ दवाएं बांटता था उसने काम नहीं किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर तीन घंटे की हड़ताल की. ग्यारह बजे से दवाओं का वितरण हुआ और सेवाएं सुचारू हो गईं। अन्य सरकारी विभागों में हड़ताल असर नजर नहीं आया।
सामान्य तौर पर कामकाज चल रहा था। जिला अस्पताल कर्मचारियों ने कहा कि संगठन की ओर से तीन घंटे सांकेतिक विरोध का निर्देश था।इसलिए इसके बाद काम किया गया है। जिला अस्पताल से केकेहटवाल ने बताया कि गुरुवार को भी कर्मचारी तीन घंटे कामकाज ठप रखेंगे।उधर, राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल रहे। इससे मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा।
दफ्तरों में कर्मचारियों से मांगा सहयोग
बहजोई(ब्यूरो)। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 10 से 12 अगस्त तक की जाने वाली हड़ताल की रणनीति बनाकर शुरूआत की गई। इसमें विभिन्न विभागों के दफ्तरों में पहुंचकर कर्मचारियों से सहयोग लिया गया। चंद्रकेश यादव, वीरेंद्र राघव, एडीओ अमरसिंह, सतराज यादव, राजेश कुमार चौधरी, वसीम अब्बास, जयकिशोर, रामौतार यादव, अमित कुमार, नितेंद्र नाथ गुप्ता, रमेश कुमार, अवनीश कुमार, सत्यवीर सिंह, नेत्रपाल, धर्मवीर सिंह, गोविंद सिंह, नीरज कुमार सिंह, हरीशंकर व वीना आदि मौजूद रहे।