{"_id":"64e907650fc82254fe0b4f56","slug":"crops-drowned-in-the-water-of-sot-river-a-young-man-drowned-contact-with-villages-cut-off-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-2143-2023-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: सोत नदी के पानी में डूबीं फसलें, एक युवक बहा, गांवों का संपर्क कटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: सोत नदी के पानी में डूबीं फसलें, एक युवक बहा, गांवों का संपर्क कटा
Sat, 26 Aug 2023 01:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:26 AM IST
विज्ञापन
सरायतरीन। पुनर्जीवित हुई सोत नहीं का रूप इस समय बेहद ही खतरनाक स्तर पर है। नदी पूरी तरह भरकर चल रही है और तेज बहाव किसानों की फसलों के लिए खतरा बन गया है। सैकड़ों बीघा फसलें पानी में डूब गई हैं। दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। सिरसी असमोली लिंक मार्ग पर गांव शाहपुर सोत के नजदीक सोत नदी का बहाव इतना तेज चल रहा है कि शनिवार को बाइक सवार अनियंत्रित होकर नदी में गिरने के बाद बह गया। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो बचाने के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह युवक को बचाया। युवक ने अपनी पहचान सिरसी निवासी नदीम के रूप में कराई। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की रात भी तीन युवक बह गए थे। जिन्हें ग्रामीणों ने किसी तरह बचाया था।
चंदौसी और पवांसा के बीच जो दूरी कम थी वह अब करीब सात किलोमीटर बढ़ गई है। पवांसा की ओर से चंदौसी जाने वाले लोग बहजोई या संभल होकर जा रहे हैं। किसानों की फसलें डूबने से समस्या ज्यादा गंभीर है। लापरवाही इसमें पवांसा-आटा मार्ग बनाने वाली संस्था की सामने आ रही है। संस्था की ओर से सड़क के नीचे से पानी बहने के लिए पुलिया नहीं बनाईं। इसलिए पानी सड़क पर बह रहा है। जो फसलों में भी पहुंच रहा है। सैकड़ों बीघा धान, उड़द और बाजरे की फसल इस नदी की चपेट में हैं। किसानों को लाभ मिले इसलिए पुनर्जीवित किया गया था लेकिन सिस्टम की लापरवाही से यही नदी अब किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई।
विज्ञापन
चंदौसी और पवांसा के बीच जो दूरी कम थी वह अब करीब सात किलोमीटर बढ़ गई है। पवांसा की ओर से चंदौसी जाने वाले लोग बहजोई या संभल होकर जा रहे हैं। किसानों की फसलें डूबने से समस्या ज्यादा गंभीर है। लापरवाही इसमें पवांसा-आटा मार्ग बनाने वाली संस्था की सामने आ रही है। संस्था की ओर से सड़क के नीचे से पानी बहने के लिए पुलिया नहीं बनाईं। इसलिए पानी सड़क पर बह रहा है। जो फसलों में भी पहुंच रहा है। सैकड़ों बीघा धान, उड़द और बाजरे की फसल इस नदी की चपेट में हैं। किसानों को लाभ मिले इसलिए पुनर्जीवित किया गया था लेकिन सिस्टम की लापरवाही से यही नदी अब किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई।
विज्ञापन