फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   clinic seal

दो झोलाछाप पकड़े, क्लीनिक सील 

Thu, 28 Apr 2016 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/संभल
अमर उजाला ब्यूरो/संभल Updated Thu, 28 Apr 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
clinic seal
झोलाछाप का क्लीनिक सील
संभल में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। बुधवार को को इसका खुलासा एसडीएम के निरीक्षण में हुआ। नारंगपुर गांव में पहुंचे एसडीएम को देखकर झोलाछाप भागने लगे तो कर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया। एसडीएम ने हयातनगर थाने की पुलिस और डिप्टी सीएमओ को मौके पर बुलाया।
विज्ञापन


दोनों फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उनके क्लीनिक भी सील कर दिए गए। डिप्टी सीएमओ ने हयातनगर थाने में तहरीर दी है। एसडीएम जेबी सिंह बुधवार को दोपहर तहसीलदार अरविंद तिवारी के साथ क्षेत्र में भ्रमण पर निकले थे। जब यह अधिकारी नारंगपुर तालाब का निरीक्षण कर रहे थे।
विज्ञापन


तभी फर्जी डाक्टर अपने क्लीनिक बंद करके भागने की तैयारी में थे। इसी दौरान सरकारी कर्मचारियों की निगाह उन पर पड़ गई। कर्मचारियों ने दोनों को पकड़ लिया और इसके दोनों को पुलिस के हवाले करा दिया। डिप्टी सीएमओ डा. कप्तान सिंह को मौके पर बुलाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डिप्टी सीएमओ कप्तान सिंह ने बताया कि चूहरपुर निवासी इंद्रपाल यादव पुत्र राजपाल यादव और मोतीनगर निवासी चंद्रपाल पुत्र भागीरथ बिना किसी पंजीकरण के क्लीनिक चला रहे थे। दोनों के क्लीनिक सील किए गए हैं। दोनों के खिलाफ हयातनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। 


वहीं नारंगपुर गांव में कापी किताबों की दुकान से दवाओं की बिक्री की जा रही थी। मौके पर 33 दवाएं मिलीं हैं। इसमें पांच दवाओं के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। दवाएं औषधि निरीक्षक ने अपने कब्जे में लीं और सभी दवाओं को सील किया गया है। अवैध तरीके से दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई गई है।


सहायक आयुक्त औषधि एके जैन के पास किसी व्यक्ति ने गोपनीय शिकायत की थी जिसमें कहा गया था कि नारंगपुर गांव में फर्जी तरीके से मेडिकल स्टोर संचालित है। आयुक्त ने अमरोहा के औषधि निरीक्षक पीयूष कुमार और संभल के औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे को शामिल करते हुए टीम का गठन किया गया।

 

टीम के अधिकारी बुधवार को दोपहर गांव पहुंच गए। गांव में लव बुक स्टोर के नाम से एक दुकान थी जिसमें दवाएं भी रखी हुईं थीं। दवाओं को अधिकारियों ने अपने कब्जे में लिया लेकिन दुकानदार हाथ नहीं आया। दुकानदार का भाई आया उसने छापे और चेकिंग का विरोध किया। हल्की फुल्की बहस की लेकिन जब उसे औषधि निरीक्षक ने समझाया तो वह मान गया। इसके बाद कानूनी कार्रवाई में उसने भी सहयोग दिया। औषधि निरीक्षक आशुतोष चौबे ने बताया कि उन्होंने इस मामले में रवि कुमार पुत्र वीरपाल के खिलाफ तहरीर दी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed