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बुखार से मासूम समेत दो की गई जान
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Fri, 02 Sep 2016 01:33 AM IST
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चौबीस घंटें में दो और मौतें हुईं हैं।
सिरसी के सराय सादक में बुखार से मुस्लेमीन (16 वर्ष) पुत्री मुस्तकीम की गुरुवार को सुबह मौत हुई है।
उसे दो दिन से बुखार आ रहा था। मुस्लेमीन के भाई अजीम ने बताया कि दो दिन पहले उनकी बहन को बुखार आया था। पहले सिरसी में दिखाया। वहां से मुरादाबाद रेफर किया गया। रास्ते में बहन ने दम तोड़ दिया। दूसरी मौत रजपुरा क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में योगेंद्र के एक वर्षीय बेटे अंकुर की बुखार से मौत हो गई। उसे दो दिन पहले बुखार आया था। बुखार के उपचार के लिए परिजन उसे अलीगढ़ ले गए थे।
अलीगढ़ में उसने दम तोड़ दिया। पवांसा ब्लाक के मंगनपुर गांव में पिछले पंद्रह दिनों से बुखार का कहर चल रहा है। गांव में 100 अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। पवांसा स्वास्थ्य केंद्र को बीमारी की सूचना दी गई है लेकिन सूचना के बाद भी डाक्टरों की टीम के गांव में नहीं पहुंची। पवांसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. पवन सिंह का कहना है कि समय नहीं मिल पाने के कारण टीम गांव नहीं जा सकी। शुक्रवार को टीम को गांव भेजा जाएगा। वहीं पंवासा ब्लाक के मऊ भूड़ गांव में डा. हसीब के नेतृत्व में टीम पहुंची। टीम ने 150 लोगों को दवाएं वितरित की हैं।
डाक्टरों की छुट्टियों पर रोक
चंदौसी। बैंकर्स एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान जिले में फैल रही बीमारियों व बुखार से हो रही मौतों पर चिंतित दिखे। बैठक में अनुपस्थित संविदा चिकित्सकों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए। साथ ही डाक्टरों से कहाकि वह एक दो महीने पूरी निष्ठा और लगन से कार्य करें, ताकि बीमारियों पर काबू पाया जा सके। डाक्टरों की छुट्टियों पर भी रोक लगा दी गई है।
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बहजोई में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान ने सबसे पहले अनुपस्थित आयुष डाक्टरों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश सीएमओ को दिए। सभी डाक्टरो को निर्देशित किया है कि एक-दो माह पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं जनता को दें ताकि बीमारियों का प्रकोप खत्म हो। डाक्टर को मरीजों से अच्छा व्यवहार करना होगा। क्योंकि अच्छे व्यवहार से मरीज की बीमारी शीघ्र ठीक हो जाती है। किसी भी मरीज की ठीक से जांच करें। उसके पश्चात मरीज को उचित दवाई दें।
आईएमए की मदद से बुखार को करेंगे कंट्रोल
संभल। बुखार से लगातार हो रही मौतों पर प्रशासन ही नहीं शासन भी चेत गया है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से वार्ता की। उनसे बुखार से निबटने के एक्शन प्लान और अब तक हुई मौतों का ब्योरा मांगा है।
इसके बाद जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने गुरुवार बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट में मैराथन मीटिंग। इसमें प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ-साथ सीएमओ भी मौजूद रहे। लंबे मंथन के बाद तय किया गया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का सहयोग लेकर बुखार को कंट्रोल करने के लिए निजी चिकित्सकों का सहयोग लिया जाए।
बैठक के बाद सीएमओ डा. उमराव सिंह ने बताया कि शुक्रवार को शाम चार बजे संभल के तहसील सभागार में और शाम छह बजे चंदौसी के संजीवनी पैलेस में आईएमए तथा अन्य निजी चिकित्सकों के साथ डीएम की मौजूदगी में बैठक होगी। बताया, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डाक्टरों को भी बुखार कंट्रोल करने के लिए लगाया जाएगा। आयुष और यूनानी पद्धति के डाक्टरों से भी सहयोग लेंगे।
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सिरसी के सराय सादक में बुखार से मुस्लेमीन (16 वर्ष) पुत्री मुस्तकीम की गुरुवार को सुबह मौत हुई है।
उसे दो दिन से बुखार आ रहा था। मुस्लेमीन के भाई अजीम ने बताया कि दो दिन पहले उनकी बहन को बुखार आया था। पहले सिरसी में दिखाया। वहां से मुरादाबाद रेफर किया गया। रास्ते में बहन ने दम तोड़ दिया। दूसरी मौत रजपुरा क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में योगेंद्र के एक वर्षीय बेटे अंकुर की बुखार से मौत हो गई। उसे दो दिन पहले बुखार आया था। बुखार के उपचार के लिए परिजन उसे अलीगढ़ ले गए थे।
अलीगढ़ में उसने दम तोड़ दिया। पवांसा ब्लाक के मंगनपुर गांव में पिछले पंद्रह दिनों से बुखार का कहर चल रहा है। गांव में 100 अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। पवांसा स्वास्थ्य केंद्र को बीमारी की सूचना दी गई है लेकिन सूचना के बाद भी डाक्टरों की टीम के गांव में नहीं पहुंची। पवांसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. पवन सिंह का कहना है कि समय नहीं मिल पाने के कारण टीम गांव नहीं जा सकी। शुक्रवार को टीम को गांव भेजा जाएगा। वहीं पंवासा ब्लाक के मऊ भूड़ गांव में डा. हसीब के नेतृत्व में टीम पहुंची। टीम ने 150 लोगों को दवाएं वितरित की हैं।
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डाक्टरों की छुट्टियों पर रोक
चंदौसी। बैंकर्स एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान जिले में फैल रही बीमारियों व बुखार से हो रही मौतों पर चिंतित दिखे। बैठक में अनुपस्थित संविदा चिकित्सकों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए। साथ ही डाक्टरों से कहाकि वह एक दो महीने पूरी निष्ठा और लगन से कार्य करें, ताकि बीमारियों पर काबू पाया जा सके। डाक्टरों की छुट्टियों पर भी रोक लगा दी गई है।
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बहजोई में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी एनके सिंह चौहान ने सबसे पहले अनुपस्थित आयुष डाक्टरों की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश सीएमओ को दिए। सभी डाक्टरो को निर्देशित किया है कि एक-दो माह पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं जनता को दें ताकि बीमारियों का प्रकोप खत्म हो। डाक्टर को मरीजों से अच्छा व्यवहार करना होगा। क्योंकि अच्छे व्यवहार से मरीज की बीमारी शीघ्र ठीक हो जाती है। किसी भी मरीज की ठीक से जांच करें। उसके पश्चात मरीज को उचित दवाई दें।
आईएमए की मदद से बुखार को करेंगे कंट्रोल
संभल। बुखार से लगातार हो रही मौतों पर प्रशासन ही नहीं शासन भी चेत गया है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से वार्ता की। उनसे बुखार से निबटने के एक्शन प्लान और अब तक हुई मौतों का ब्योरा मांगा है।
इसके बाद जिलाधिकारी एनकेएस चौहान ने गुरुवार बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट में मैराथन मीटिंग। इसमें प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ-साथ सीएमओ भी मौजूद रहे। लंबे मंथन के बाद तय किया गया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का सहयोग लेकर बुखार को कंट्रोल करने के लिए निजी चिकित्सकों का सहयोग लिया जाए।
बैठक के बाद सीएमओ डा. उमराव सिंह ने बताया कि शुक्रवार को शाम चार बजे संभल के तहसील सभागार में और शाम छह बजे चंदौसी के संजीवनी पैलेस में आईएमए तथा अन्य निजी चिकित्सकों के साथ डीएम की मौजूदगी में बैठक होगी। बताया, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डाक्टरों को भी बुखार कंट्रोल करने के लिए लगाया जाएगा। आयुष और यूनानी पद्धति के डाक्टरों से भी सहयोग लेंगे।