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रेलवे ट्रेनिंग कालेज के कार्यालय अधीक्षक की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या
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चंदौसी। शहर कोतवाली क्षेत्र में क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान (रेलवे ट्रेनिंग कालेज) के कार्यालय अधीक्षक रनवीर सिंह की गुरुवार को दिन दहाड़े उनके सरकारी आवास में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस समय कालेज में अधिकांश लोग होली के हुड़दंग में थककर घरों पर थे। मौके से दो आरोपियों को जाते देखा गया है। मृतक के अपने ही कार्यालय की एक महिला लिपिक से संबंधों की चर्चा है। पुलिस भी मान रही हैकि महिला से संबंधों में दूसरे प्रेमी की इंट्री उनकी हत्या बजह हो सकती है। हालांकि मृतक के बेटे ने उनकी सहकर्मी महिला लिपिक व एक पुरुष लिपिक को नामजद करते हुए तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
जिला एटा के थाना, कस्बा जैथरा निवासी ठाकुर रनवीर सिंह ने लंबे समय से चंदौसी के क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान (रेलवे ट्रेनिंग कालेज) में कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। उन्हें संस्थान की आवासीय कालोनी में क्वार्टर संख्या-119ए आवंटित था।
गुरुवार को होलिकोत्सव का अवकाश था। रनवीर सिंह भी दोपहर बारह बजे तक आवास के निकट ही होलिकोत्सव पर कर्मचारियों द्वारा लगवाए गए डीजे पर होली के हुड़दंग में शामिल थे। वह अपने आवास पर अकेले की रहते थे। दोपहर को ही रनवीर सिंह अपने सरकारी आवास पर चले गए। कालोनी के आसपास के लगो भी होली के हुड़दंग में थककर घरों पर चले गए। इसी बीच करीब अपराह्न 2.30 बजे सरकारी आवास से फायर की आवाज आई। लेकिन डीजे की धुनों व शोर शराबे के कारण लोगों ने समझा कि शायद कोई पटाखा छोड़ रहा होगा। लेकिन पड़ोस में ही दो बच्चे खेल रहे थे, उन्होंने रनवीर सिंह के आवास से दो लोगों को निकलकर जाते भी देखा।
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आवाज सुनकर उत्सुकतावश दोनों बच्चे आवास के अंदर गए तो चीखकर बाहर निकले। इसके बाद आसपास के लोगों को जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा, कोतवाल ऋषिराम कठेरिया मयफोर्स पहुंचे। मृतक के परिजनों को सूचित दिया। फिंगर एक्सपर्ट टीम ने मौके पर जाकर प्रिंट लिए। आवश्यक जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। देर रात परिवार कोतवाली पहुंचा।
मझले पुत्र विनय कुमार सिंह ने कोतवाली में लिखाई रिपोर्ट में कहा हैकि वह व उसका छोटा भाई अंकित कुमार सिंह गुरुवार होली खेलकर क्वार्टर कमरे में आराम कर रहे थे। जबकि उसके पापा चाय बनाने किचन में गए हुए थे। इसी दौरान अपराह्न तीन बजे घर के सामने रहने वाले मृतक के कार्यालय में ही लिपिक सतीश चंद्र पुत्र ओमप्रकाश, महिला लिपिक सोनिया कश्यप, एक अन्य कुर्ता पजामे पहने हुए व्यक्ति के साथ आवास पर आया।
रनवीर सिंह ने चाय को पूछा तो कहाकि आज तो वह चाय पिलाने आए हैं। जैसे ही रनवीर सिंह उनके समीप आए तो कुर्ता पायजामा पहने व्यक्ति ने यह कहते हुए पिस्तौल से गोली मार दी कि तूने हम लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है।
फायर की आवाज सुनकर बेटों ने देखा तो वह खून से लथपथ पड़े थे। उनकी मौत हो चुकी थी। विनय ने तहरीर में लिखा कि उसके मामा रनवीर सिंह के आवास महिला लिपिक सोनिया कश्यप का अधिक आना जाना था, यह बात सतीश चंद्र को पसंद नहीं था, इस कारण वह रनवीर सिंह से रंजिश मानता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर सतीशचंद्र व सोनिया को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक की पुत्रवधू तमिलनाडु में है आईएएस
चंदौसी।
रेलवे ट्रेनिंग कालेज के मुख्य कार्यालय अधीक्षक ठाकुर रनवीर सिंह के तीन पुत्र हैं। जिसमें सबसे बड़ा पुत्र विमल सिंह सीआरपीएफ में सर्विस करने के बाद छोड़कर बंगलौर में एक इंस्टीट्यूट चला रहा है। विमल सिंह की पत्नी आईएएस वंदना सिंह तमिलनाडु में तैनात है। दूसरा पुत्र विनय संगीतकार है, वह दिल्ली में रहकर म्यूजिक कंपनी चलाता है। तीसरा पुत्र अंकित सिंह दिल्ली में रहकर पढ़ता है। दिल्ली में निजी मकान है। मां रजनेश भी दोनों पुत्र के साथ एक वर्ष से दिल्ली में रह रही थी। रनवीर सिंह यहां अकेले ही रहते थे। बताया जाता है। पति से अनबन होने के कारण वह अपने पुत्रों के साथ ही रहती है।
कहीं मामला कुछ और तो नहीं...
चंदौसी।
रेलवे ट्रेनिंग कालेज के कार्यालय अधीक्षक रनवीर सिंह की महिला लिपिक सोनिया कश्यप से नजदीकियों की जानकारी जब उनकी पत्नी रजनेश को हुई तो घर में कलह का माहौल हो गया। आलम यह हुआ कि करीब डेढ़ साल पहले ही रजनेश अपने पति का साथ छोड़कर दिल्ली में बेटे के पास जाकर रहने लगी। उसके बाद उन्होंने यहां आना जाना तक छोड़ दिया। यह बात सही हैकि सोनिया कश्यप के यहां सतीशचंद्र का भी आना जाना था, जिस पर रनवीर सिंह भी आपत्ति करते थे। जिसे लेकर सतीश व रनवीर सिंह भी अनबन रहती थी। लेकिन परिजन भी सोेनिया से नजदीकियों को लेकर इनसे काफी खिलाफ थे। सबसे अहम बात यह भी हैकि हत्या के लिए होली का दिन ही चुना गया, वह दिन का समय। जब हर तरफ चहल पहल थी।
यह भी बताया जा रहा हैकि कोई दो व्यक्ति रनवीर सिंह के दरवाजे पर पहुंचे तो उन्होंने खुद को सतीशचंद्र का दोस्त बताया, तो रनवीर सिंह ने सतीश को फोन करके कन्फर्म किया तो सतीश ने मना कर दिया कि वह उन्हें नहीं जानता है।
यदि इस बात पर भरोसा किया जाए तो कहानी दूसरी ओर घूमती हुई नजर आती है। एक बात यह भी सामने आ रही हैकि जब अधिक रंजिश बढ़ने लगी तो रनवीर सिंह सोनिया का तबादला कहीं और कराने के प्रयास शुरू कर दिए थे, हालांकि पुलिस इन सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है। सोनिया कश्यप के पति सोनू कश्यप रेलवे सिग्नल विभाग में था, सोनू डिबाई रहता था, उसका राजघाट में हत्या कर दी गई थी। उसी के स्थान पर सोनिया को मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी।
दो गोलियां लगी थी कार्यालय अधीक्षक
चंदौसी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया हैकि रनवीर सिंह को दो गोली लगी। एक तो सिर में गोली मारी गई, जो सिर को पार करते दीवार से जाकर लगी। दूसरी गोली पेट में मारी गई, जिसका पता नहीं लग पाया। एक्स-रे कराने के बाद वह होली गले से बरामद हुई। यह स्पष्ट हैकि गोली बहुत पास से मारी गई है। मौके पर 32 बोर का एक खोखा, एक जीवित कारतूस, एक दीवार फंसी बुलेट मिली है।
सोशल आईडी पर डाटा डिलिट किया गया
चंदौसी। मृतक रनवीर सिंह की सोशल मीडिया पर आईडी से सारा डाटा खत्म कर दिया गया। यह डाटा खुद रनवीर सिंह ने खत्म किया, हत्यारों ने खत्म किया या फिर किसी और ने, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। व्हाट्सएप व फेसबुक दोनों पर ही फोटो व अन्य पूरा डाटा डिलिट कर दिया गया है।
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रेलवे ट्रेनिंग कालेज के कार्यालय अधीक्षक रनवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है, उनके बेटे की तहरीर पर लिपिक सतीशचंद्र, महिला लिपिक सोनिया कश्यप सहित तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। यह बात प्रकाश में आई हैकि मृतक रनवीर सिंह से महिला लिपिक सोनिया कश्यप के संबंध थे, यह भी बताया कि इनके प्रेम संबंधों के बीच किसी तीसरे की इंट्री से दोनों में विवाद भी रहने लगा था। यह बात मृतक की पत्नी को भी पता था, जिसके कारण वह रनवीर सिंह से अलग रहने लगी थी। प्रथम दृष्टया यह मामला सामने आ रहा था लेकिन पुलिस कुछ अन्य बिंदुओं पर भी कार्य कर रही है, शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
-यमुना प्रसाद, पुलिस अधीक्षक, संभल।
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जिला एटा के थाना, कस्बा जैथरा निवासी ठाकुर रनवीर सिंह ने लंबे समय से चंदौसी के क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान (रेलवे ट्रेनिंग कालेज) में कार्यालय अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। उन्हें संस्थान की आवासीय कालोनी में क्वार्टर संख्या-119ए आवंटित था।
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गुरुवार को होलिकोत्सव का अवकाश था। रनवीर सिंह भी दोपहर बारह बजे तक आवास के निकट ही होलिकोत्सव पर कर्मचारियों द्वारा लगवाए गए डीजे पर होली के हुड़दंग में शामिल थे। वह अपने आवास पर अकेले की रहते थे। दोपहर को ही रनवीर सिंह अपने सरकारी आवास पर चले गए। कालोनी के आसपास के लगो भी होली के हुड़दंग में थककर घरों पर चले गए। इसी बीच करीब अपराह्न 2.30 बजे सरकारी आवास से फायर की आवाज आई। लेकिन डीजे की धुनों व शोर शराबे के कारण लोगों ने समझा कि शायद कोई पटाखा छोड़ रहा होगा। लेकिन पड़ोस में ही दो बच्चे खेल रहे थे, उन्होंने रनवीर सिंह के आवास से दो लोगों को निकलकर जाते भी देखा।
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आवाज सुनकर उत्सुकतावश दोनों बच्चे आवास के अंदर गए तो चीखकर बाहर निकले। इसके बाद आसपास के लोगों को जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा, कोतवाल ऋषिराम कठेरिया मयफोर्स पहुंचे। मृतक के परिजनों को सूचित दिया। फिंगर एक्सपर्ट टीम ने मौके पर जाकर प्रिंट लिए। आवश्यक जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। देर रात परिवार कोतवाली पहुंचा।
मझले पुत्र विनय कुमार सिंह ने कोतवाली में लिखाई रिपोर्ट में कहा हैकि वह व उसका छोटा भाई अंकित कुमार सिंह गुरुवार होली खेलकर क्वार्टर कमरे में आराम कर रहे थे। जबकि उसके पापा चाय बनाने किचन में गए हुए थे। इसी दौरान अपराह्न तीन बजे घर के सामने रहने वाले मृतक के कार्यालय में ही लिपिक सतीश चंद्र पुत्र ओमप्रकाश, महिला लिपिक सोनिया कश्यप, एक अन्य कुर्ता पजामे पहने हुए व्यक्ति के साथ आवास पर आया।
रनवीर सिंह ने चाय को पूछा तो कहाकि आज तो वह चाय पिलाने आए हैं। जैसे ही रनवीर सिंह उनके समीप आए तो कुर्ता पायजामा पहने व्यक्ति ने यह कहते हुए पिस्तौल से गोली मार दी कि तूने हम लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है।
फायर की आवाज सुनकर बेटों ने देखा तो वह खून से लथपथ पड़े थे। उनकी मौत हो चुकी थी। विनय ने तहरीर में लिखा कि उसके मामा रनवीर सिंह के आवास महिला लिपिक सोनिया कश्यप का अधिक आना जाना था, यह बात सतीश चंद्र को पसंद नहीं था, इस कारण वह रनवीर सिंह से रंजिश मानता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर सतीशचंद्र व सोनिया को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक की पुत्रवधू तमिलनाडु में है आईएएस
चंदौसी।
रेलवे ट्रेनिंग कालेज के मुख्य कार्यालय अधीक्षक ठाकुर रनवीर सिंह के तीन पुत्र हैं। जिसमें सबसे बड़ा पुत्र विमल सिंह सीआरपीएफ में सर्विस करने के बाद छोड़कर बंगलौर में एक इंस्टीट्यूट चला रहा है। विमल सिंह की पत्नी आईएएस वंदना सिंह तमिलनाडु में तैनात है। दूसरा पुत्र विनय संगीतकार है, वह दिल्ली में रहकर म्यूजिक कंपनी चलाता है। तीसरा पुत्र अंकित सिंह दिल्ली में रहकर पढ़ता है। दिल्ली में निजी मकान है। मां रजनेश भी दोनों पुत्र के साथ एक वर्ष से दिल्ली में रह रही थी। रनवीर सिंह यहां अकेले ही रहते थे। बताया जाता है। पति से अनबन होने के कारण वह अपने पुत्रों के साथ ही रहती है।
कहीं मामला कुछ और तो नहीं...
चंदौसी।
रेलवे ट्रेनिंग कालेज के कार्यालय अधीक्षक रनवीर सिंह की महिला लिपिक सोनिया कश्यप से नजदीकियों की जानकारी जब उनकी पत्नी रजनेश को हुई तो घर में कलह का माहौल हो गया। आलम यह हुआ कि करीब डेढ़ साल पहले ही रजनेश अपने पति का साथ छोड़कर दिल्ली में बेटे के पास जाकर रहने लगी। उसके बाद उन्होंने यहां आना जाना तक छोड़ दिया। यह बात सही हैकि सोनिया कश्यप के यहां सतीशचंद्र का भी आना जाना था, जिस पर रनवीर सिंह भी आपत्ति करते थे। जिसे लेकर सतीश व रनवीर सिंह भी अनबन रहती थी। लेकिन परिजन भी सोेनिया से नजदीकियों को लेकर इनसे काफी खिलाफ थे। सबसे अहम बात यह भी हैकि हत्या के लिए होली का दिन ही चुना गया, वह दिन का समय। जब हर तरफ चहल पहल थी।
यह भी बताया जा रहा हैकि कोई दो व्यक्ति रनवीर सिंह के दरवाजे पर पहुंचे तो उन्होंने खुद को सतीशचंद्र का दोस्त बताया, तो रनवीर सिंह ने सतीश को फोन करके कन्फर्म किया तो सतीश ने मना कर दिया कि वह उन्हें नहीं जानता है।
यदि इस बात पर भरोसा किया जाए तो कहानी दूसरी ओर घूमती हुई नजर आती है। एक बात यह भी सामने आ रही हैकि जब अधिक रंजिश बढ़ने लगी तो रनवीर सिंह सोनिया का तबादला कहीं और कराने के प्रयास शुरू कर दिए थे, हालांकि पुलिस इन सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच कर रही है। सोनिया कश्यप के पति सोनू कश्यप रेलवे सिग्नल विभाग में था, सोनू डिबाई रहता था, उसका राजघाट में हत्या कर दी गई थी। उसी के स्थान पर सोनिया को मृतक आश्रित में नौकरी मिली थी।
दो गोलियां लगी थी कार्यालय अधीक्षक
चंदौसी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया हैकि रनवीर सिंह को दो गोली लगी। एक तो सिर में गोली मारी गई, जो सिर को पार करते दीवार से जाकर लगी। दूसरी गोली पेट में मारी गई, जिसका पता नहीं लग पाया। एक्स-रे कराने के बाद वह होली गले से बरामद हुई। यह स्पष्ट हैकि गोली बहुत पास से मारी गई है। मौके पर 32 बोर का एक खोखा, एक जीवित कारतूस, एक दीवार फंसी बुलेट मिली है।
सोशल आईडी पर डाटा डिलिट किया गया
चंदौसी। मृतक रनवीर सिंह की सोशल मीडिया पर आईडी से सारा डाटा खत्म कर दिया गया। यह डाटा खुद रनवीर सिंह ने खत्म किया, हत्यारों ने खत्म किया या फिर किसी और ने, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। व्हाट्सएप व फेसबुक दोनों पर ही फोटो व अन्य पूरा डाटा डिलिट कर दिया गया है।
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रेलवे ट्रेनिंग कालेज के कार्यालय अधीक्षक रनवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है, उनके बेटे की तहरीर पर लिपिक सतीशचंद्र, महिला लिपिक सोनिया कश्यप सहित तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। यह बात प्रकाश में आई हैकि मृतक रनवीर सिंह से महिला लिपिक सोनिया कश्यप के संबंध थे, यह भी बताया कि इनके प्रेम संबंधों के बीच किसी तीसरे की इंट्री से दोनों में विवाद भी रहने लगा था। यह बात मृतक की पत्नी को भी पता था, जिसके कारण वह रनवीर सिंह से अलग रहने लगी थी। प्रथम दृष्टया यह मामला सामने आ रहा था लेकिन पुलिस कुछ अन्य बिंदुओं पर भी कार्य कर रही है, शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
-यमुना प्रसाद, पुलिस अधीक्षक, संभल।