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दुष्कर्म के आरोपी ने गिरफ्तारी के भय से की आत्महत्या
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जुनावई/चंदौसी। दुष्कर्म का आरोप ऐसा लगा कि घर से भागते भागते परेशान हो गया। आखिरकार युवक जिंदगी से हार गया और उसने गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के धनीपुर गांव के पास पेड़ से फंदे पर लटकर आत्महत्या कर ली। युवक जिला कासगंज का रहने वाला था। परिजन बिना किसी पुलिस कार्रवाई के शव को अपने साथ कासगंज ले गए। कासगंज जिले के एक गांव निवासी वीरेश कुमार (35) एक पैर से दिव्यांग है। बताते हैं कि वह शादियों में आतिशबाजी छोड़ने का कार्य करता है। कुछ समय पहले एक महिला ने उसके खिलाफ दुष्कर्म करने के आरोप में मुकदमा लिखा दिया। जिससे पुलिस उसे तलाश करने लगी।
गिरफ्तारी के भय से वीरेश इधर उधर नाते रिश्तेदारों के यहां रहने लगा। उसकी बहन भी गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में ब्याही है। एक फुफेरा भी इसी क्षेत्र के गांव में रहता है। कुछ दिन पहले तक अपनी बहन के यहां रह रहा था लेकिन उसके बाद वह अपने फुफेरे भाई के पास जाकर रहने लगा लेकिन सभी रिश्तेदार भी उसे रखने से भयभीत होने लगे थे। जिससे वह काफी परेशान हो गया।
बताते हैं कि बुधवार को उसके फुफेरे भाई के खेत में ईख के चारों तरफ गड्ढे खोद कर बैरीकेटिंग करने का कार्य किया जा रहा था। वीरेश भी वहीं पहुंच गया लेकिन इसके बाद वह लौटकर नहीं आया। गुरुवार को उसका शव खलिहान में एक बबूल के पेड़ से रस्सी के उंदे पर लटकता हुआ मिला।
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उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर परिजन पहुंचे और बिना किसी कार्रवाई के शव को कासगंज लेकर चले गए। परिजनों के अनुसार दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद वह गिरफ्तारी से काफी भयभीत था। लगातार घर से भागा हुआ था। जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली।
गुन्नौर थाना प्रभारी सुमन कुमार ने बताया कि मृतक वीरेश पर गांव में कोई मुकदमा दर्ज होने के कारण वह फरार था। जबकि कासगंज थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मृतक वीरेश थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला था, जिस पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज है।
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गिरफ्तारी के भय से वीरेश इधर उधर नाते रिश्तेदारों के यहां रहने लगा। उसकी बहन भी गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में ब्याही है। एक फुफेरा भी इसी क्षेत्र के गांव में रहता है। कुछ दिन पहले तक अपनी बहन के यहां रह रहा था लेकिन उसके बाद वह अपने फुफेरे भाई के पास जाकर रहने लगा लेकिन सभी रिश्तेदार भी उसे रखने से भयभीत होने लगे थे। जिससे वह काफी परेशान हो गया।
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बताते हैं कि बुधवार को उसके फुफेरे भाई के खेत में ईख के चारों तरफ गड्ढे खोद कर बैरीकेटिंग करने का कार्य किया जा रहा था। वीरेश भी वहीं पहुंच गया लेकिन इसके बाद वह लौटकर नहीं आया। गुरुवार को उसका शव खलिहान में एक बबूल के पेड़ से रस्सी के उंदे पर लटकता हुआ मिला।
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उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर परिजन पहुंचे और बिना किसी कार्रवाई के शव को कासगंज लेकर चले गए। परिजनों के अनुसार दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद वह गिरफ्तारी से काफी भयभीत था। लगातार घर से भागा हुआ था। जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली।
गुन्नौर थाना प्रभारी सुमन कुमार ने बताया कि मृतक वीरेश पर गांव में कोई मुकदमा दर्ज होने के कारण वह फरार था। जबकि कासगंज थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मृतक वीरेश थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला था, जिस पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज है।