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कम रेट पर गेहूं नहीं बेचा तो क्रय केंद्र संचालक ने किसान से की मारपीट, भगाया
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कुढ़ फतेहगढ़/चंदौसी। सरकारी गेहूं क्रय गेहूं बेचने गए किसान को पहले तो केंद्र प्रभारी ने सौ रुपये कम कीमत पर नगद गेहूं बेचने का ऑफर दिया लेकिन जब किसान ने सरकारी रेट पर ही गेहूं बेचने की बात कही तो केंद्र संचालक आगबबूला हो गया। आरोप है कि केंद्र संचालक और उसके साथियों ने किसान के साथ मारपीट की और बिना गेहूं खरीदे ही भगा दिया। किसान ने पुलिस को तहरीर देने की बात कही है।
शनिवार को रीठ गांव निवासी किसान अनोखे पुत्र प्रेमराज अपने गेहूं की ट्राली भरकर गांव रीठ में ही स्थापित एक गेहूं खरीद केंद्र पर गए। वहां जाकर केंद्र प्रभारी से गेहूं तोलने को कहा। आरोप है कि केंद्र संचालक ने 1740 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं नगद बेचने का आफर दिया। लेकिन किसान ने सौ रुपये कम रेट पर गेहूं बेचने से इनकार कर दिया। किसान का कहना है कि उसका पंजीकरण भी है, किसान बही भी है। तो फिर वह सौ रुपये कम दाम पर गेहूं क्यों बेचे। इस पर क्रय केंद्र संचालक किसानों को उल्टी सीधी सुनाने लगा।
इसी बात को लेकर दोनों के बीत कहासुनी हो गई। बेखौफ क्रय केंद्र संचालक व उसके साथी बिचौलिये यहीं नहीं रुके। गेहूं का सरकारी भाव मांगा तो उन्होंने किसान के साथ मारपीट भी कर दी। ट्रैक्टर-ट्रॉली को वहां से भगा दिया। गेहूं तोलने से मना कर दिया। थाना क्षेत्र में अधिकतर क्रय केंद्रों पर बिचौलियों एवं व्यापारियों के माध्यम से ही गेहूं तोले जा रहे हैं। केंद्र प्रभारी, किसानों को समझाते हैं कि सरकारी कीमत पर गेहूं बेचोगे तो कई तरह की परेशानी है। काले दाने का चक्कर है, भुगतान में काफी समय लगेगा। सौ रुपये कम रेट पर नगद रुपया लेकर घर चले जाओगे।
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किसान अनोखे ने गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं तोलने और संचालक एवं साथियों द्वारा मारपीट करने की तहरीर पुलिस को दी है। किसान ने गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं तोलने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल भी पर भी की है। इधर, थाना प्रभारी सहदेव सिंह ने बताया कि उन्हें इस तरह की कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलेगी तो जांचकर कार्रवाई होगी।
...जब केंद्र संचालक ही बन गए बिचौलिए
चंदौसी। किसान आखिरकार किससे उम्मीद करे और किससे शिकायत करे। गेहूं खरीद केंद्र बिचौलिये के हाथों में चली गई है। क्योंकि जिन्हें केंद्र प्रभारी नामित किया गया है, वही बिचौलिया बनकर सरकारी केंद्र पर बैठकर सरकारी रेट से 100 कम दाम पर नगद गेहूं की खरीद कर रहे हैं। जिले के आला अधिकारी सिर्फ बैठकों में निर्देश देने तक सीमित हैं। किसानों को सरेआम ठगा जा रहा है।
किसी सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर कोई कर्मचारी यदि गड़बड़ी करे तो केंद्र प्रभारी से शिकायत करके स्थिति में सुधार लाया जा सकता है लेकिन जब केंद्र प्रभारी ही बिचौलिए बन जाएं। मुनाफा कमाने के लिए किसानों को सरकारी रेट पर गेहूं बेचने को प्रेरित करने की बजाय सौ रुपये कम दाम पर नगद खरीद करने लगे तो आखिरकार शिकायत किससे की जाए। जो किसान क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंचते हैं, केंद्र प्रभारी व उनके बिचौलिया साथी गेहूं तोलकर नगद खरीद कर लेते हैं, उन्हीं गेहूं को सरकारी गेट पर खरीदा दर्ज करके सौ रुपये प्रति क्विंटल मुनाफा कमा रहे हैं। रही बात अधिकारियों की तो भीषण गर्मी में अधिकारी अपने एसी कार्यालयों व गाड़ियों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि किसानों के साथ गेहूं खरीद के नाम पर छल किया जा रहा है।
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रीठ गांव निवासी अनोखे शनिवार की रात्रि 10 बजे बदायूं जिले के एक रिश्तेदार के गेहूं ट्रैक्टर ट्राली से लेकर क्रय केंद्र पर आया और दबंगई दिखाते हुए रात्रि में ही गेहूं तुलवाने के लिए कहने लगा। उससे रात्रि में लेबर न होने की बात बताई और सुबह होते ही गेहूं तोलने के लिए कह दिया। इसी बात को लेकर हमारे क्रय केंद्र पर रह रहे मजदूरों के साथ अभद्रता करने लगा। खुद ही तहरीर भी देने की बात कह रहा है। उससे किसी ने नगद खरीद की बात नहीं कही थी।
- पालन सिंह, संचालक- बालाजी बहुउद्देशीय सहकारी विपणन सहकारी समिति गेहूं खरीद केंद्र, धर्मपुर रत्ता (रीठ)
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शनिवार को रीठ गांव निवासी किसान अनोखे पुत्र प्रेमराज अपने गेहूं की ट्राली भरकर गांव रीठ में ही स्थापित एक गेहूं खरीद केंद्र पर गए। वहां जाकर केंद्र प्रभारी से गेहूं तोलने को कहा। आरोप है कि केंद्र संचालक ने 1740 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं नगद बेचने का आफर दिया। लेकिन किसान ने सौ रुपये कम रेट पर गेहूं बेचने से इनकार कर दिया। किसान का कहना है कि उसका पंजीकरण भी है, किसान बही भी है। तो फिर वह सौ रुपये कम दाम पर गेहूं क्यों बेचे। इस पर क्रय केंद्र संचालक किसानों को उल्टी सीधी सुनाने लगा।
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इसी बात को लेकर दोनों के बीत कहासुनी हो गई। बेखौफ क्रय केंद्र संचालक व उसके साथी बिचौलिये यहीं नहीं रुके। गेहूं का सरकारी भाव मांगा तो उन्होंने किसान के साथ मारपीट भी कर दी। ट्रैक्टर-ट्रॉली को वहां से भगा दिया। गेहूं तोलने से मना कर दिया। थाना क्षेत्र में अधिकतर क्रय केंद्रों पर बिचौलियों एवं व्यापारियों के माध्यम से ही गेहूं तोले जा रहे हैं। केंद्र प्रभारी, किसानों को समझाते हैं कि सरकारी कीमत पर गेहूं बेचोगे तो कई तरह की परेशानी है। काले दाने का चक्कर है, भुगतान में काफी समय लगेगा। सौ रुपये कम रेट पर नगद रुपया लेकर घर चले जाओगे।
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किसान अनोखे ने गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं तोलने और संचालक एवं साथियों द्वारा मारपीट करने की तहरीर पुलिस को दी है। किसान ने गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं नहीं तोलने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल भी पर भी की है। इधर, थाना प्रभारी सहदेव सिंह ने बताया कि उन्हें इस तरह की कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलेगी तो जांचकर कार्रवाई होगी।
...जब केंद्र संचालक ही बन गए बिचौलिए
चंदौसी। किसान आखिरकार किससे उम्मीद करे और किससे शिकायत करे। गेहूं खरीद केंद्र बिचौलिये के हाथों में चली गई है। क्योंकि जिन्हें केंद्र प्रभारी नामित किया गया है, वही बिचौलिया बनकर सरकारी केंद्र पर बैठकर सरकारी रेट से 100 कम दाम पर नगद गेहूं की खरीद कर रहे हैं। जिले के आला अधिकारी सिर्फ बैठकों में निर्देश देने तक सीमित हैं। किसानों को सरेआम ठगा जा रहा है।
किसी सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर कोई कर्मचारी यदि गड़बड़ी करे तो केंद्र प्रभारी से शिकायत करके स्थिति में सुधार लाया जा सकता है लेकिन जब केंद्र प्रभारी ही बिचौलिए बन जाएं। मुनाफा कमाने के लिए किसानों को सरकारी रेट पर गेहूं बेचने को प्रेरित करने की बजाय सौ रुपये कम दाम पर नगद खरीद करने लगे तो आखिरकार शिकायत किससे की जाए। जो किसान क्रय केंद्र पर गेहूं लेकर पहुंचते हैं, केंद्र प्रभारी व उनके बिचौलिया साथी गेहूं तोलकर नगद खरीद कर लेते हैं, उन्हीं गेहूं को सरकारी गेट पर खरीदा दर्ज करके सौ रुपये प्रति क्विंटल मुनाफा कमा रहे हैं। रही बात अधिकारियों की तो भीषण गर्मी में अधिकारी अपने एसी कार्यालयों व गाड़ियों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि किसानों के साथ गेहूं खरीद के नाम पर छल किया जा रहा है।
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रीठ गांव निवासी अनोखे शनिवार की रात्रि 10 बजे बदायूं जिले के एक रिश्तेदार के गेहूं ट्रैक्टर ट्राली से लेकर क्रय केंद्र पर आया और दबंगई दिखाते हुए रात्रि में ही गेहूं तुलवाने के लिए कहने लगा। उससे रात्रि में लेबर न होने की बात बताई और सुबह होते ही गेहूं तोलने के लिए कह दिया। इसी बात को लेकर हमारे क्रय केंद्र पर रह रहे मजदूरों के साथ अभद्रता करने लगा। खुद ही तहरीर भी देने की बात कह रहा है। उससे किसी ने नगद खरीद की बात नहीं कही थी।
- पालन सिंह, संचालक- बालाजी बहुउद्देशीय सहकारी विपणन सहकारी समिति गेहूं खरीद केंद्र, धर्मपुर रत्ता (रीठ)