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देश शरीयत से नहीं संविधान से चलेगा : अशफाक
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गुन्नौर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अशफाक सैफी ने कहा कि देश शरीयत से नहीं संविधान से चलेगा जिस मुल्क में रहो, उसके कानून को भी मानो। उन्होंने मुस्लिमों से आह्वान किया कि हमको कोई भी गैर कानूनी काम नहीं करना है। किसी के भड़काए में नहीं आना है। उन्होंने मुस्लिमों के पिछड़ेपन के किए पिछली सरकारों को जिम्मेदार बताया। उन्होंने बकरीद पर होने वाली कुर्बानी को लेकर कहा कि खुले में कुर्बानी न दें जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
अशफाक सैफी गुन्नौर में अल्पसंख्यक समाज के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर आरोप लगाए कि वर्षों जिनकी सरकारें रहीं, उन्होंने कभी मुस्लिमों की चिंता नहीं की। मुस्लिम समाज मेहनकश समाज है।
उन्होंने कहा कि इस देश की आजादी में हमारे बुजुर्गों ने कुर्बानी दी है, शहादत दी है। उनकी कब्र आज भी देश के मिट्टी में दफन हैं। इस लिए हमारे बुजुर्गों ने यहां रहना स्वीकार किया। जितना ये मुल्क हिंदुओं का है, उतना ही मुसलमानों का है। इस मुल्क से जितनी मोहब्बत हिंदू करता है, उतनी मुसलमान करता है। वह केवल फिरका परस्त ताकतें हैं, जो हमें एक नहीं होने देना चाहती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि फिरका परस्त ताकतों से हमें बचना है, संभलना हैं। अगर कोई भी गलत करेगा तो उसके लिए कानून है। और कानून अपना कार्य करेगा। हमें कानून में विश्वास रखना चाहिए।
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अशफाक सैफी गुन्नौर में अल्पसंख्यक समाज के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर आरोप लगाए कि वर्षों जिनकी सरकारें रहीं, उन्होंने कभी मुस्लिमों की चिंता नहीं की। मुस्लिम समाज मेहनकश समाज है।
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उन्होंने कहा कि इस देश की आजादी में हमारे बुजुर्गों ने कुर्बानी दी है, शहादत दी है। उनकी कब्र आज भी देश के मिट्टी में दफन हैं। इस लिए हमारे बुजुर्गों ने यहां रहना स्वीकार किया। जितना ये मुल्क हिंदुओं का है, उतना ही मुसलमानों का है। इस मुल्क से जितनी मोहब्बत हिंदू करता है, उतनी मुसलमान करता है। वह केवल फिरका परस्त ताकतें हैं, जो हमें एक नहीं होने देना चाहती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि फिरका परस्त ताकतों से हमें बचना है, संभलना हैं। अगर कोई भी गलत करेगा तो उसके लिए कानून है। और कानून अपना कार्य करेगा। हमें कानून में विश्वास रखना चाहिए।
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