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हस्तशिल्पियों के लिए कॉमन फैसलिटी सेंटर विकसित कराएगी सरकार
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संभल के सरायतरीन में सींग से बने शानदार कप।
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। हड्डी सींग के हस्तशिल्प के लिए सात समंदर पार तक मशहूर संभल और सरायतरीन में राज्य सरकार का ध्यान अब गया है। राज्य सरकार ने विभिन्न जनपदों के छोटे-बड़े उद्योगों को तवज्जो दी है। इसी क्रम में एक जिला एक उत्पाद योजना शुरू की गई जिसमें संभल जिले के हड्डी सींग हस्तशिल्प उद्योग को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया। प्रोत्साहन देने के साथ साथ उद्योग के विकास की योजना पर अमल होना है।
इसके तहत संभल और सरायतरीन में तैयार होने वाले उत्पादों को और अधिक आकर्षक और जरूरत का बनाने के लिए काम होना है। इसके लिए कॉमन फैसलिटी सेंटर विकसित किया जाना है। इस काम को राज्य सरकार की ओर से जिला उद्योग केंद्र कराएगा। शासन स्तर पर इसके लिए लगातार जानकारी मांगी जा रही है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त ने जिला प्रशासन से कॉमन फैसलिटी सेंटर के लिए जगह मांगी है। अगर सार्वजनिक भूमि मिल जाती है तो फैसलिटी सेंटर जल्दी बन जाएगा। अन्यथा की स्थिति में किसी हस्तशिल्प समिति को यह काम सौंपा जाएगा। या कारोबारियों और निर्यातकों के जरिए विभाग कामन फैसलिटी सेंटर विकसित कराएगा।
कॉमन फैसलिटी सेंटर बनने से स्थानीय हस्तशिल्पयों काफी मदद मिलेगी। अभी संभल और सरायतरीन हस्तशिल्प को सजाने और संवारने के लिए तमाम काम मुरादाबाद जाकर मशीनों से कराने पड़ते हैं। यहां तक कि लकड़ी को काम लायक बनाने के लिए स्थानीय हस्तशिल्पी मुरादाबाद जाते हैं। वहां पर मशीनों के माध्यम से लकड़ी को सुखाया जाता है। लकड़ी सूख जाने पर उसे संभल लाते हैं तब उसे हस्तसिल्पी मनचाहा आकार दे पाते हैं।
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अगर गीली लकड़ी पर हस्तशिल्प तैयार किया जाए तो वह गुणवत्ता में फेल हो जाता है। ऐसे तमाम काम हैं जिनके लिए मुरादाबाद पर संभल निर्भर है। इसमें उत्पादों में पॉलिस कराने का काम भी है। इन कामों को कॉमन फैसलिटी सेंटर में विकसित किया जा सकता है। इन सेवाओं के लिए शुल्क भी आपसी सहमति से तय किया जा सकता है ताकि कॉमन फैसलिटी सेंटर का खर्च निकलता रहे।
सरकार आधारभूत सुविधाएं विकसित कराने के लिए मदद दे रही है लेकिन इसके लिए सरकारी पहल में स्थानीय हस्तशिल्प कारोबारियों को भी जुड़ना पड़ेगा। कॉमन फैसलिटी सेंटर बनान के लिए हस्तशिल्पियों और कारोबारियों से जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी सीधा संवाद करेंगे।
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इसके तहत संभल और सरायतरीन में तैयार होने वाले उत्पादों को और अधिक आकर्षक और जरूरत का बनाने के लिए काम होना है। इसके लिए कॉमन फैसलिटी सेंटर विकसित किया जाना है। इस काम को राज्य सरकार की ओर से जिला उद्योग केंद्र कराएगा। शासन स्तर पर इसके लिए लगातार जानकारी मांगी जा रही है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त ने जिला प्रशासन से कॉमन फैसलिटी सेंटर के लिए जगह मांगी है। अगर सार्वजनिक भूमि मिल जाती है तो फैसलिटी सेंटर जल्दी बन जाएगा। अन्यथा की स्थिति में किसी हस्तशिल्प समिति को यह काम सौंपा जाएगा। या कारोबारियों और निर्यातकों के जरिए विभाग कामन फैसलिटी सेंटर विकसित कराएगा।
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कॉमन फैसलिटी सेंटर बनने से स्थानीय हस्तशिल्पयों काफी मदद मिलेगी। अभी संभल और सरायतरीन हस्तशिल्प को सजाने और संवारने के लिए तमाम काम मुरादाबाद जाकर मशीनों से कराने पड़ते हैं। यहां तक कि लकड़ी को काम लायक बनाने के लिए स्थानीय हस्तशिल्पी मुरादाबाद जाते हैं। वहां पर मशीनों के माध्यम से लकड़ी को सुखाया जाता है। लकड़ी सूख जाने पर उसे संभल लाते हैं तब उसे हस्तसिल्पी मनचाहा आकार दे पाते हैं।
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अगर गीली लकड़ी पर हस्तशिल्प तैयार किया जाए तो वह गुणवत्ता में फेल हो जाता है। ऐसे तमाम काम हैं जिनके लिए मुरादाबाद पर संभल निर्भर है। इसमें उत्पादों में पॉलिस कराने का काम भी है। इन कामों को कॉमन फैसलिटी सेंटर में विकसित किया जा सकता है। इन सेवाओं के लिए शुल्क भी आपसी सहमति से तय किया जा सकता है ताकि कॉमन फैसलिटी सेंटर का खर्च निकलता रहे।
सरकार आधारभूत सुविधाएं विकसित कराने के लिए मदद दे रही है लेकिन इसके लिए सरकारी पहल में स्थानीय हस्तशिल्प कारोबारियों को भी जुड़ना पड़ेगा। कॉमन फैसलिटी सेंटर बनान के लिए हस्तशिल्पियों और कारोबारियों से जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी सीधा संवाद करेंगे।