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चौबीस कोसीय परिक्रमा में रात्रि पड़ाव के लिए चंद्रेश्वर तीर्थ पर कराई गई साफ-सफाई
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वंश गोपाल कल्किधाम से 29 अक्तूबर की भोर में शुरू होने वाली चौबीस कोसीय परिक्रमा का रात्रि पड़ाव चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में होगा। रात्रि विश्राम के दौरान तीर्थ यात्रियों को कोई दिक्कत न हो, इसी के दृष्टिगत बृहस्पतिवार को साफ-सफाई कराई गई। पंडाल लगाने के स्थान को चिह्नित किया गया और फिर जेसीबी की मदद स्थान को समतल कराया गया। वहीं, उप जिलाधिकारी ने भी वंश गोपाल तीर्थ पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
बृहस्पतिवार को वंश गोपाल कल्किधाम चौबीस कोसीय परिक्रमा के अध्यक्ष जीतपाल यादव, प्रबंधक विजय शर्मा, मुकेश गोयल टीम के साथ चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन पहुंचे। रात्रि विश्राम के लिए पंडाल लगाने वाले स्थान को चिह्नित किया। इसके बाद जेसीबी की मदद से स्थान को समतल कराया गया। साफ-सफाई कराई गई। विजय शर्मा ने बताया कि 29 अक्तूबर की भोर में वंश गोपाल कल्किधाम से परिक्रमा का शुभारंभ होगा। परिक्रमा परंपरागत मार्गों से होकर क्षेमनाथ तीर्थ पहुंचेंगी और फिर चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में रात्रि पड़ाव होगा। रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन तीस अक्तूबर की सुबह में परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु बढ़ेंगे और वंश गोपाल कल्किधाम पहुंचकर बेनीपुर चक में समापन किया जाएगा।
उधर, परिक्रमा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्र वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ पहुंचे। महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज से जानकारी हासिल की। स्वामी भगवत प्रिय ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों से यही आग्रह है कि परिक्रमा मार्ग को लेकर सतर्क रहे। क्योंकि मार्ग जहां-तहां खराब है और जब श्रद्धालु मार्ग पर चलेंगे तो उन्हें दिक्कत होगी। इस दौरान व्यवधान पैदा न हों, ऐसी तैयारी के साथ प्रशासन सक्रिय रहें।
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बृहस्पतिवार को वंश गोपाल कल्किधाम चौबीस कोसीय परिक्रमा के अध्यक्ष जीतपाल यादव, प्रबंधक विजय शर्मा, मुकेश गोयल टीम के साथ चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन पहुंचे। रात्रि विश्राम के लिए पंडाल लगाने वाले स्थान को चिह्नित किया। इसके बाद जेसीबी की मदद से स्थान को समतल कराया गया। साफ-सफाई कराई गई। विजय शर्मा ने बताया कि 29 अक्तूबर की भोर में वंश गोपाल कल्किधाम से परिक्रमा का शुभारंभ होगा। परिक्रमा परंपरागत मार्गों से होकर क्षेमनाथ तीर्थ पहुंचेंगी और फिर चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में रात्रि पड़ाव होगा। रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन तीस अक्तूबर की सुबह में परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु बढ़ेंगे और वंश गोपाल कल्किधाम पहुंचकर बेनीपुर चक में समापन किया जाएगा।
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उधर, परिक्रमा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्र वंश गोपाल कल्किधाम तीर्थ पहुंचे। महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज से जानकारी हासिल की। स्वामी भगवत प्रिय ने बताया कि प्रशासन के अधिकारियों से यही आग्रह है कि परिक्रमा मार्ग को लेकर सतर्क रहे। क्योंकि मार्ग जहां-तहां खराब है और जब श्रद्धालु मार्ग पर चलेंगे तो उन्हें दिक्कत होगी। इस दौरान व्यवधान पैदा न हों, ऐसी तैयारी के साथ प्रशासन सक्रिय रहें।
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