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सीबीएसई में अंग्रेजी विषय का आसान आया था प्रश्न पत्र, विद्यार्थियों के चेहरे खिले
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चंदौसी के आरआरके स्कूल में परीक्षा देकर कक्ष से बाहर निकलते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : CHANDAUSI
सीबीएसई की 10वीं की टर्म-2 की परीक्षा बुधवार से प्रारंभ हो गई। पहले दिन हाईस्कूल के परीक्षार्थियों ने अंग्रेजी विषय की परीक्षा दी। प्रश्नपत्र आसान देख कर परीक्षार्थियों के चेहरों पर खुशी दिखी।
कोरोना काल के चलते विद्यार्थी दो साल से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। पिछले साल परीक्षा भी नहीं हुई थी। मार्च 2022 में स्कूल खुल गए थे, तभी से कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के चलते विद्यार्थियों को लिखने का अभ्यास कम हो गया। बुधवार को परीक्षा देकर केंद्र से बाहर आए परीक्षार्थियों ने परीक्षा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अधिकांश परीक्षार्थी एक माह पहले से ही अपने घर पर लिखने का अभ्यास कर रहे थे। इससे उन्हें परीक्षा में कम परेशानी हुई। आसानी से अंग्रेजी विषय का पेपर हल कर दिया। परीक्षार्थियों ने बताया कि अंग्रेजी का प्रश्न पत्र आसान आया था। इसे हल करने में परीक्षार्थियों को आसानी हुई। प्रश्न पत्र सिलेबस के पाठ्यक्रम से आउट नहीं था।
कोरोना संक्रमण के चलते पिछली बार परीक्षा नहीं हुई थी। इस कारण लिखने की प्रेक्टिस कम हो गई थी। परीक्षा से एक माह पहले घर पर लिखने का रिवीजन करना शुरू कर दिया था। इससे प्रश्न पत्र हल करने के दौरान परेशानी नहीं हुई। - अनंत अग्रवाल, छात्र, चंदौसी
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अंग्रेजी का प्रश्न पत्र आसान आया था। हालांकि प्रश्न पत्र मिलने से पहले काफी घबराहट हो रही थी। जैसे ही प्रश्न पत्र मिला, इसमें आए सभी प्रश्न के उत्तर आते। आसानी से पूरा प्रश्न पत्र हल कर दिया। - ईशान वार्ष्णेय, छात्र, चंदौसी
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान अभ्यास करने की आदत खत्म हो गई थी। इस बार ऑफलाइन परीक्षा संपन्न होने पर कुछ परेशानी जरूरी हुई। मगर पूरा प्रश्न पत्र आसानी से हल कर दिया। - आंचल, छात्रा, चंदौसी
लिखने की आदत कम होने के कारण परीक्षा के दौरान कक्ष में मौजूद विद्यार्थियों को परेशानी हो रही थी। मगर कक्ष में मौजूद शिक्षकों ने बच्चों का हौसला बढ़ाया, तब छात्र-छात्राएं को हिम्मत बंधी। - मोहम्मद रुहम, छात्र, चंदौसी
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कोरोना काल के चलते विद्यार्थी दो साल से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। पिछले साल परीक्षा भी नहीं हुई थी। मार्च 2022 में स्कूल खुल गए थे, तभी से कक्षाएं संचालित हो रही हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के चलते विद्यार्थियों को लिखने का अभ्यास कम हो गया। बुधवार को परीक्षा देकर केंद्र से बाहर आए परीक्षार्थियों ने परीक्षा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अधिकांश परीक्षार्थी एक माह पहले से ही अपने घर पर लिखने का अभ्यास कर रहे थे। इससे उन्हें परीक्षा में कम परेशानी हुई। आसानी से अंग्रेजी विषय का पेपर हल कर दिया। परीक्षार्थियों ने बताया कि अंग्रेजी का प्रश्न पत्र आसान आया था। इसे हल करने में परीक्षार्थियों को आसानी हुई। प्रश्न पत्र सिलेबस के पाठ्यक्रम से आउट नहीं था।
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कोरोना संक्रमण के चलते पिछली बार परीक्षा नहीं हुई थी। इस कारण लिखने की प्रेक्टिस कम हो गई थी। परीक्षा से एक माह पहले घर पर लिखने का रिवीजन करना शुरू कर दिया था। इससे प्रश्न पत्र हल करने के दौरान परेशानी नहीं हुई। - अनंत अग्रवाल, छात्र, चंदौसी
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अंग्रेजी का प्रश्न पत्र आसान आया था। हालांकि प्रश्न पत्र मिलने से पहले काफी घबराहट हो रही थी। जैसे ही प्रश्न पत्र मिला, इसमें आए सभी प्रश्न के उत्तर आते। आसानी से पूरा प्रश्न पत्र हल कर दिया। - ईशान वार्ष्णेय, छात्र, चंदौसी
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान अभ्यास करने की आदत खत्म हो गई थी। इस बार ऑफलाइन परीक्षा संपन्न होने पर कुछ परेशानी जरूरी हुई। मगर पूरा प्रश्न पत्र आसानी से हल कर दिया। - आंचल, छात्रा, चंदौसी
लिखने की आदत कम होने के कारण परीक्षा के दौरान कक्ष में मौजूद विद्यार्थियों को परेशानी हो रही थी। मगर कक्ष में मौजूद शिक्षकों ने बच्चों का हौसला बढ़ाया, तब छात्र-छात्राएं को हिम्मत बंधी। - मोहम्मद रुहम, छात्र, चंदौसी