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खेत में शस्त्र बनाने की फैक्ट्री पकड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 08 Oct 2016 01:25 AM IST
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- फोटो : demo pic
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गुन्नौर पुलिस ने क्षेत्र के एक गन्ने के खेत में चल रही शस्त्र बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। एटा जिले के गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अलीगढ़ का गैंग जो बाहरी क्षेत्रों से शस्त्र कारीगरों को बुलाकर अनाधिकृत असलाह तैयार कराता है, उन्हें क्षेत्रीय में विक्रय करता है। गुन्नौर पुलिस अभी मुख्य गैंग तक नहीं पहुंच सकी है।
गुन्नौर थाना पुलिस ने गुरुवार को अपराह्न तीन बजे एक सूचना पर ईसमपुर मार्ग पर एक मढ़ी के निकट गन्ने के खेत में दबिश दी तो वहां दो युवक शस्त्र तैयार दिखे लेकिन इनमें से सिर्फ एक ही गिरफ्तार किया जा सका। गिरफ्तार बिजेंद्र सिंह पुत्र कृपाल सिंह एटा जिले के थाना जैथरा के बनियाढ़ारा गांव का है। भागने में सफल रहा उसका साथी भी उसी के गांव का धर्मवीर पुत्र बच्चन सिंह था।
इसके पास से दो तैयार रायफल, दो तैयार तमंचे, एक अधबना तमंचा, 17 बैरल बड़ी, आठ बैरल छोटी, चार ड्रिल, हथौड़ी आदि कई शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सभाराज यादव ने शस्त्र फैक्ट्री बरामद करने वाली पुलिस टीम को ढ़ाई हजार रुपये के पुरस्कार का ऐलान भी कर दिया है। लेकिन अभी तक एटा जिले के इन कारीगरों को शस्त्र तैयार कराने के लिए कौन लाया, कौन इसका मास्टर माइंड है, इस बावत पुलिस आगे नहीं बढ़ सकी है।
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गिरफ्तार आरोपी बिजेंद्र सिंह की बात पर भरोसा करें तो मास्टर माइंड अलीगढ़ का है। अलीगढ़ का ही पूरा गैंग जहां तहां से शस्त्र कारीगरों को लाता है। कारीगरों को सात सौ रुपये प्रति पीस मिलता है। शेष तैयार शस्त्रों को जहां तहां भेजकर बेचने का कार्य इसी गैंग के सदस्य करते हैं। उसने बताया कि कई कारीगर क्षेत्र में शस्त्र तैयार कर जा भी चुके हैं। यही गैंग शस्त्र बनाने का रॉ मैटेरियल उपलब्ध कराता है, जबकि उपकरण कारीगरों के अपने होते हैं।
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गुन्नौर थाना पुलिस ने गुरुवार को अपराह्न तीन बजे एक सूचना पर ईसमपुर मार्ग पर एक मढ़ी के निकट गन्ने के खेत में दबिश दी तो वहां दो युवक शस्त्र तैयार दिखे लेकिन इनमें से सिर्फ एक ही गिरफ्तार किया जा सका। गिरफ्तार बिजेंद्र सिंह पुत्र कृपाल सिंह एटा जिले के थाना जैथरा के बनियाढ़ारा गांव का है। भागने में सफल रहा उसका साथी भी उसी के गांव का धर्मवीर पुत्र बच्चन सिंह था।
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इसके पास से दो तैयार रायफल, दो तैयार तमंचे, एक अधबना तमंचा, 17 बैरल बड़ी, आठ बैरल छोटी, चार ड्रिल, हथौड़ी आदि कई शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सभाराज यादव ने शस्त्र फैक्ट्री बरामद करने वाली पुलिस टीम को ढ़ाई हजार रुपये के पुरस्कार का ऐलान भी कर दिया है। लेकिन अभी तक एटा जिले के इन कारीगरों को शस्त्र तैयार कराने के लिए कौन लाया, कौन इसका मास्टर माइंड है, इस बावत पुलिस आगे नहीं बढ़ सकी है।
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गिरफ्तार आरोपी बिजेंद्र सिंह की बात पर भरोसा करें तो मास्टर माइंड अलीगढ़ का है। अलीगढ़ का ही पूरा गैंग जहां तहां से शस्त्र कारीगरों को लाता है। कारीगरों को सात सौ रुपये प्रति पीस मिलता है। शेष तैयार शस्त्रों को जहां तहां भेजकर बेचने का कार्य इसी गैंग के सदस्य करते हैं। उसने बताया कि कई कारीगर क्षेत्र में शस्त्र तैयार कर जा भी चुके हैं। यही गैंग शस्त्र बनाने का रॉ मैटेरियल उपलब्ध कराता है, जबकि उपकरण कारीगरों के अपने होते हैं।