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बुखार से तीन और ने तोड़ा दम
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 08 Sep 2016 01:34 AM IST
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नरौली कस्बा और देहात क्षेत्र में बुखार का प्रकोप जानलेवा साबित हो रहा है। बुधवार को तीन व्यक्तियों को मलेरिया के प्रकोप ने अपना शिकार बनाया है। नरौली के मोहल्ला बंजारी कुआ निवासी साठव साल की वरीसा पत्नी कमरुद्दीन गत छह दिनों से बुखार से पीड़ित थीं।
परिजनों को नरौली फिर चंदौसी में वरीसा का इलाज कराया। इलाज के दौरान वरीसा ने मंगलवार की देर रात दम तोड़ दिया। वहीं मोहल्ला काजी टोला निवासी सोलह वर्षीय सादमा बी पुत्री रफीक अहमद ने चार दिन बुखार से पीड़ित रहने के बाद दम तोड़ दिया। सादमा की मां शमशुल जहां का कहना है कि चिकित्सक ने टायफायड की बीमारी बताई थी। तीसरा मामला भी नरौली के ही मकूपुरा मोहल्ला निवासी गोकुल सैनी पुत्र नन्हू सैनी को भी चार पांच दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने उपचार कराया। इलाज से राहत नहीं मिलने पर चंदौसी में निजी चिकित्सक को भी दिखाया। बुधवार को गोकुल सैनी की अचानक हालत बिगड़ी और मौत हो गई।
चिकन गुनिया ने दी दस्तक
चंदौसी। मलेरिया के बाद अब क्षेत्र में चिकन गुनिया ने भी दस्तक दे दी है। नगर के अंबेपुरम कालोनी निवासी संजय रघुवंशी, उनकी पत्नी नीरू रघुवंशी, बेटी आकांक्षा और मां कृष्णा तीन दिन पहले दिल्ली में एक रिश्तेदार के यहां गए थे। सोमवार को दिल्ली से वापस घर पहुंचने पर सबसे पहले मां कृष्णा को बुखार की शिकायत हुई। बाद में पता चला कि चिकन गुनिया की चपेट में हैं। इसके बाद परिवार के अन्य सभी सदस्य एक एक कर चिकन गुनिया की चपेट में आ गए।
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सभी का उपचार चल रहा है। डेगूं की तरह से फैलने और नुकसान पहुंचाने वाला चिकन गुनिया तेजी से लोगों को अपनी जद में ले रहा है। नगरवासियों में स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये से आक्रोश है। नगर में पालिका पर भी सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। डा. पवन सिंह ने बताया कि चिकन गुनिया के पीड़ितों को इलेक्ट्राल और पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना चाहिए। पेरासीटामोल का चिकित्सकीय परामर्श के बाद सेवन करें।
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परिजनों को नरौली फिर चंदौसी में वरीसा का इलाज कराया। इलाज के दौरान वरीसा ने मंगलवार की देर रात दम तोड़ दिया। वहीं मोहल्ला काजी टोला निवासी सोलह वर्षीय सादमा बी पुत्री रफीक अहमद ने चार दिन बुखार से पीड़ित रहने के बाद दम तोड़ दिया। सादमा की मां शमशुल जहां का कहना है कि चिकित्सक ने टायफायड की बीमारी बताई थी। तीसरा मामला भी नरौली के ही मकूपुरा मोहल्ला निवासी गोकुल सैनी पुत्र नन्हू सैनी को भी चार पांच दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने उपचार कराया। इलाज से राहत नहीं मिलने पर चंदौसी में निजी चिकित्सक को भी दिखाया। बुधवार को गोकुल सैनी की अचानक हालत बिगड़ी और मौत हो गई।
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चिकन गुनिया ने दी दस्तक
चंदौसी। मलेरिया के बाद अब क्षेत्र में चिकन गुनिया ने भी दस्तक दे दी है। नगर के अंबेपुरम कालोनी निवासी संजय रघुवंशी, उनकी पत्नी नीरू रघुवंशी, बेटी आकांक्षा और मां कृष्णा तीन दिन पहले दिल्ली में एक रिश्तेदार के यहां गए थे। सोमवार को दिल्ली से वापस घर पहुंचने पर सबसे पहले मां कृष्णा को बुखार की शिकायत हुई। बाद में पता चला कि चिकन गुनिया की चपेट में हैं। इसके बाद परिवार के अन्य सभी सदस्य एक एक कर चिकन गुनिया की चपेट में आ गए।
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सभी का उपचार चल रहा है। डेगूं की तरह से फैलने और नुकसान पहुंचाने वाला चिकन गुनिया तेजी से लोगों को अपनी जद में ले रहा है। नगरवासियों में स्वास्थ्य विभाग के ढुलमुल रवैये से आक्रोश है। नगर में पालिका पर भी सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। डा. पवन सिंह ने बताया कि चिकन गुनिया के पीड़ितों को इलेक्ट्राल और पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना चाहिए। पेरासीटामोल का चिकित्सकीय परामर्श के बाद सेवन करें।
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