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Sambhal News: नोएडा किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे भाकियू कार्यकर्ताओं को किया नजरबंद
Thu, 05 Dec 2024 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 05 Dec 2024 02:00 AM IST
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चंदाैसी में नजरबंद किसान नेता। संवाद
- फोटो : संभल
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चंदौसी (संभल)। नोएडा में चल रहे किसान आंदोलन में बुधवार को शामिल होने जा रहे भाकियू टिकैत के प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव को पुलिस ने घर पर ही नजरबंद कर दिया। सूचना पर तमाम कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंच गए और विरोध में नारेबाजी की। एसडीएम के अनुरोध के बाद कार्यकर्ता शांत हुए। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
संयुक्त मोर्चा ने ग्रेटर नोएडा में किसान आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया था। इसके बाद से जनपद में भाकियू टिकैत के पदाधिकारी आंदोलन में शामिल होने की तैयारी करने लगे। इसकी जानकारी जब प्रशासन को हुई तो रात से ही पदाधिकारियों को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया। चंदौसी में प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव के घर रात में प्रभारी निरीक्षक रेनू सिंह पहुंच गई। इसके बाद विजेंद्र सिंह को नजरबंद कर दिया। सुबह जब कार्यकर्ताओं को जानकारी हुई तो वह विजेंद्र सिंह के आवास पर पहुंच गए। दोपहर में विजेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए मुरादाबाद हाईवे पर आ गए। यहां नोएडा जाने की जिद पर अड़ गए। इसी बीच एसडीएम नीतू रानी भी आ गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए नोएडा न जाने का अनुरोध किया। इसके बाद विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम नीतू रानी को दिया। इस दौरान जबर सिंह, देशराज सिंह, राजेश मौर्य, महावीर सिंह, विपिन यादव, चंद्रविजय सिंह, अंकित ठाकुर, हैदर अली, प्रधान धमेंद्र यादव, हाजी अजीम सिद्धकी, मोहम्मद जफर, ताहिर हुसैन, विनोद यादव आदि रहे।
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ये हैं मांगें
देश के किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाई जाए।
किसानों की सिंचाई के लिए डीजल पर सब्सिडी दी जाए।
किसान आंदोलन के मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
रबी की फसल बुआई के लिए डीएपी, एनपीके खाद की आपूर्ति शीघ्र कराई जाए।
किसानों को उनके फसलों के रेट की एमएसपी देना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
तीन दिसंबर को नोएडा में जो किसान गिरफ्तार किए गए हैं उनको बिना शर्त रिहा किया जाए।
60 वर्ष से अधिक के किसानों को कम से कम 10 हजार रुपये प्रति माह किसान पेंशन दी जाए।
जिन किसानों की भूमि अधिकृत की गई है, उनके परिवार के सदस्यों कोस्टाई रोजगार दिया जाए।
हाइकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नोएडा के किसानों की अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा 64 प्रतिशत बढ़ाकर दिया जाए।
नोएडा जनपद के किसानों की अधिग्रहीत भूमि से विकसित की गई भूमि में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार 10 प्रतिशत भूमि किसानों को दी जाए।
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संयुक्त मोर्चा ने ग्रेटर नोएडा में किसान आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया था। इसके बाद से जनपद में भाकियू टिकैत के पदाधिकारी आंदोलन में शामिल होने की तैयारी करने लगे। इसकी जानकारी जब प्रशासन को हुई तो रात से ही पदाधिकारियों को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया। चंदौसी में प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव के घर रात में प्रभारी निरीक्षक रेनू सिंह पहुंच गई। इसके बाद विजेंद्र सिंह को नजरबंद कर दिया। सुबह जब कार्यकर्ताओं को जानकारी हुई तो वह विजेंद्र सिंह के आवास पर पहुंच गए। दोपहर में विजेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए मुरादाबाद हाईवे पर आ गए। यहां नोएडा जाने की जिद पर अड़ गए। इसी बीच एसडीएम नीतू रानी भी आ गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए नोएडा न जाने का अनुरोध किया। इसके बाद विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम नीतू रानी को दिया। इस दौरान जबर सिंह, देशराज सिंह, राजेश मौर्य, महावीर सिंह, विपिन यादव, चंद्रविजय सिंह, अंकित ठाकुर, हैदर अली, प्रधान धमेंद्र यादव, हाजी अजीम सिद्धकी, मोहम्मद जफर, ताहिर हुसैन, विनोद यादव आदि रहे।
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ये हैं मांगें
देश के किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाई जाए।
किसानों की सिंचाई के लिए डीजल पर सब्सिडी दी जाए।
किसान आंदोलन के मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
रबी की फसल बुआई के लिए डीएपी, एनपीके खाद की आपूर्ति शीघ्र कराई जाए।
किसानों को उनके फसलों के रेट की एमएसपी देना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
तीन दिसंबर को नोएडा में जो किसान गिरफ्तार किए गए हैं उनको बिना शर्त रिहा किया जाए।
60 वर्ष से अधिक के किसानों को कम से कम 10 हजार रुपये प्रति माह किसान पेंशन दी जाए।
जिन किसानों की भूमि अधिकृत की गई है, उनके परिवार के सदस्यों कोस्टाई रोजगार दिया जाए।
हाइकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नोएडा के किसानों की अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा 64 प्रतिशत बढ़ाकर दिया जाए।
नोएडा जनपद के किसानों की अधिग्रहीत भूमि से विकसित की गई भूमि में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार 10 प्रतिशत भूमि किसानों को दी जाए।