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बिना रिफ्लेक्टर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 15 Dec 2016 01:24 AM IST
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यह स्थिति तब है जब उत्तर प्रदेश के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और डीजीपी ने ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रिफ्लेक्टर लगाने के आदेश दिए हैं।
इसी क्रम में एआटीओ ने चीनी मिलों के अधिकारियों को तलब कर गन्ने की ट्रालियों और ट्रैक्टरों में रिफ्लेक्टर लगवाने के लिए कहा है लेकिन अभी भी अधिकतर ट्रैक्टर ट्राली बिना रिफ्लेक्टर के चल रहे हैं। असमोली स्थित डीएसएम शुगर मिल के चेयरमैन सुभाष पांडेय ने बताया कि उनके क्षेत्र में 225 बड़े ट्राले, 500-600 ट्रिपलर तथा 200 ट्रालियां उनके क्षेत्र में हैं। इसमें करीब 40 प्रतिशत वाहनों में वह रिफ्लेक्टर पट्टी लगवा चुके हैं। बाकी वाहनों के लिए अभियान चल रहा है।
जब तक सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर या रिफ्लेक्टर वाली पट्टी नहीं लग जाती है तब तक अभियान अभी जारी है। मुरादाबाद मे जहां से रिफ्लेक्टर पट्टी आती है वहां कैश पेमेंट मांगा जा रहा है। इसलिए थोड़ी सी दिक्कत है लेकिन सात दिनों में सभी ट्रैक्टर ट्रालियों और गन्ना ढोने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर पट्टी लग जाएगी। इस बीच अपर पुलिस अधीक्षक राममूरत यादव ने बताया कि ट्रैफिक की टीम को बुलाया गया है। गुरुवार से पुलिस अभियान चलाएगी।
गन्ना ढो रही ट्रैक्टर-ट्रालियों से ज्यादा खतरा
गन्ने को ढो रही ट्रैक्टर ट्रालियों से सबसे ज्यादा खतरा होता है क्योंकि ओवर लोड होने के साथ उनमें कहीं कोई रिफ्लेक्टर नहीं हैं। मैंने खुद रजपुरा और असमोली में चेकिंग के दौरान इसे देखा है। इसके बाद मैंने असमोली और रजुपरा चीनी मिलों के अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर बातचीत की है। रिफ्लेक्टर लगवाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। कितने रिफ्लेक्टर लगे। इस बारे में गुरुवार को जानकारी ली जाएगी।
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- छबि सिंह चौहान, एआरटीओ, संभल।
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इसी क्रम में एआटीओ ने चीनी मिलों के अधिकारियों को तलब कर गन्ने की ट्रालियों और ट्रैक्टरों में रिफ्लेक्टर लगवाने के लिए कहा है लेकिन अभी भी अधिकतर ट्रैक्टर ट्राली बिना रिफ्लेक्टर के चल रहे हैं। असमोली स्थित डीएसएम शुगर मिल के चेयरमैन सुभाष पांडेय ने बताया कि उनके क्षेत्र में 225 बड़े ट्राले, 500-600 ट्रिपलर तथा 200 ट्रालियां उनके क्षेत्र में हैं। इसमें करीब 40 प्रतिशत वाहनों में वह रिफ्लेक्टर पट्टी लगवा चुके हैं। बाकी वाहनों के लिए अभियान चल रहा है।
जब तक सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर या रिफ्लेक्टर वाली पट्टी नहीं लग जाती है तब तक अभियान अभी जारी है। मुरादाबाद मे जहां से रिफ्लेक्टर पट्टी आती है वहां कैश पेमेंट मांगा जा रहा है। इसलिए थोड़ी सी दिक्कत है लेकिन सात दिनों में सभी ट्रैक्टर ट्रालियों और गन्ना ढोने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर पट्टी लग जाएगी। इस बीच अपर पुलिस अधीक्षक राममूरत यादव ने बताया कि ट्रैफिक की टीम को बुलाया गया है। गुरुवार से पुलिस अभियान चलाएगी।
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गन्ना ढो रही ट्रैक्टर-ट्रालियों से ज्यादा खतरा
गन्ने को ढो रही ट्रैक्टर ट्रालियों से सबसे ज्यादा खतरा होता है क्योंकि ओवर लोड होने के साथ उनमें कहीं कोई रिफ्लेक्टर नहीं हैं। मैंने खुद रजपुरा और असमोली में चेकिंग के दौरान इसे देखा है। इसके बाद मैंने असमोली और रजुपरा चीनी मिलों के अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर बातचीत की है। रिफ्लेक्टर लगवाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। कितने रिफ्लेक्टर लगे। इस बारे में गुरुवार को जानकारी ली जाएगी।
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- छबि सिंह चौहान, एआरटीओ, संभल।