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Sambhal News: स्कूली बच्चों से वेल्डिंग की दुकान से विद्यालय तक उठवाई गईं बेंच
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गोविंद बल्लभ पंत कम्पोजिट विद्यालय के बच्चों फव्वारा चौक पर बैंचों पर वेल्डिंग करवाने के बाद बेंच उठाकर लाते नजर आए। यह नजारा फव्वारा चौक पर हर आने-जाने वाला व्यक्ति देख रहा था। वहीं वेल्डिंग की दुकान पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मौजूद थे। स्कूली बच्चों से इस तरह का कार्य कराना उचित नहीं है। क्योंकि बच्चे स्कूल में पढ़ने जाते हैं।
सरकार द्वारा शहर व देहात क्षेत्र में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए बनाए हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके इसके लिए हर विद्यालय में शिक्षक व शिक्षामित्र की तैनाती की गई है। मगर शहर के फव्वारा चौक पर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कंपोजिट विद्यालय में स्कूली बच्चे अपने कंधों पर स्कूल की बेंच ले जाते नजर आए। मंगलवार की दोपहर एक बजे स्कूल के टूटी-फूटी बेंचों को विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष गुप्ता ने विद्यालय से 100 मीटर दूरी पर स्थित वेल्डिंग की दुकान पर दुरुस्त कराया। जहां बच्चे विद्यालय से टूटी बेंचों को अपने कंधों पर रखकर वेल्डिंग की दुकान पर पहुंचे, इसके बादे वेल्डिंग करने के बाद बच्चे फिर से बेंचों को लेकर विद्यालय आए। करीब 7 से 8 बेंचों पर प्रधानाध्यापक द्वारा वेल्डिंग कराई गई। जब स्कूली बच्चे अपने कंधों पर बेंच लादकर ला रहे थे तो हर आने-जाने वाला व्यक्ति उन्हें देख रहा है। जबकि यह कार्य विद्यालय के चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी का है या अन्य किसी मजदूर से कराया जा सकता है। जबकि दूसरी ओर मोहल्ला कागजी स्थित शहीद ग्रीश चंद्र कंपोजिट विद्यालय के बच्चे विद्यालय से 50 मीटर की दूरी पर स्थित हैंडपंप से पानी लेने आते हैं।
इस तरह का कार्य स्कूली बच्चों से कराना उचित नहीं है, यह गलत की श्रेणी में आता है। प्रधानाध्यापक से जवाब व स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।-अरुण कुमार, एबीएसए, चंदौसी
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सरकार द्वारा शहर व देहात क्षेत्र में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए बनाए हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके इसके लिए हर विद्यालय में शिक्षक व शिक्षामित्र की तैनाती की गई है। मगर शहर के फव्वारा चौक पर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कंपोजिट विद्यालय में स्कूली बच्चे अपने कंधों पर स्कूल की बेंच ले जाते नजर आए। मंगलवार की दोपहर एक बजे स्कूल के टूटी-फूटी बेंचों को विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष गुप्ता ने विद्यालय से 100 मीटर दूरी पर स्थित वेल्डिंग की दुकान पर दुरुस्त कराया। जहां बच्चे विद्यालय से टूटी बेंचों को अपने कंधों पर रखकर वेल्डिंग की दुकान पर पहुंचे, इसके बादे वेल्डिंग करने के बाद बच्चे फिर से बेंचों को लेकर विद्यालय आए। करीब 7 से 8 बेंचों पर प्रधानाध्यापक द्वारा वेल्डिंग कराई गई। जब स्कूली बच्चे अपने कंधों पर बेंच लादकर ला रहे थे तो हर आने-जाने वाला व्यक्ति उन्हें देख रहा है। जबकि यह कार्य विद्यालय के चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी का है या अन्य किसी मजदूर से कराया जा सकता है। जबकि दूसरी ओर मोहल्ला कागजी स्थित शहीद ग्रीश चंद्र कंपोजिट विद्यालय के बच्चे विद्यालय से 50 मीटर की दूरी पर स्थित हैंडपंप से पानी लेने आते हैं।
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इस तरह का कार्य स्कूली बच्चों से कराना उचित नहीं है, यह गलत की श्रेणी में आता है। प्रधानाध्यापक से जवाब व स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।-अरुण कुमार, एबीएसए, चंदौसी
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