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श्रीलंका के नागरिक की गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी
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संभल। देश में अवैध रूप से रह रहे श्रीलंका के नागरिक ने अधिवक्ता के माध्यम से अपनी गिरफ्तारी को उच्च न्यायालय (इलाहाबाद) में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने विदेशी नागरिकता कानून का पालन नहीं करने पर नाराजगी भी जताई है। इस मामले में अगली सुनवाई दो मार्च को होगी।
श्रीलंका से वर्ष 1989 में आकर नगर के मोहल्ला हातिम सराय में होम्योपैथिक चिकित्सक अब्दुल कादिर मोहम्मद नजीर रह रहे हैं। उनका किसी मामले को लेकर पत्नी से विवाद चल रहा है। उनकी पत्नी भी इसी मोहल्ले में रहती हैं। महिला ने पति की नागरिकता पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की रिपोर्ट पर जनवरी महीने में नखासा थाने में चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने विदेशी नागरिकता कानून का पालन नहीं करने पर होम्योपैथिक चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया था।
इस मामले में डॉक्टर नजीर ने जेल से ही प्रथम सूचना रिपोर्ट को उच्च न्यायालय (इलाहाबाद) में चुनौती दी है। अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि इस मामले में स्थानीय प्रशासन के साथ ही भारत और राज्य सरकार को भी पार्टी बनाया गया है। अधिवक्ता ने इस आधार पर एफआईआर को चुनौती दी है कि डॉक्टर नजीर ने भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदन भारत सरकार के पास किया है। उनका आवेदन भारत सरकार के पास अभी लंबित है। ऐसे में राज्य सरकार रिपोर्ट कैसे दर्ज कर रही है। उच्च न्यायालय में दो दिन तक इस मामले में सुनवाई हुई। अदालत ने भारत सरकार व राज्य सरकार को श्रीलंका नागरिक को अवैधानिक रूप से जेल भेजने पर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई की तिथि दो मार्च तय की है।
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श्रीलंका से वर्ष 1989 में आकर नगर के मोहल्ला हातिम सराय में होम्योपैथिक चिकित्सक अब्दुल कादिर मोहम्मद नजीर रह रहे हैं। उनका किसी मामले को लेकर पत्नी से विवाद चल रहा है। उनकी पत्नी भी इसी मोहल्ले में रहती हैं। महिला ने पति की नागरिकता पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की रिपोर्ट पर जनवरी महीने में नखासा थाने में चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने विदेशी नागरिकता कानून का पालन नहीं करने पर होम्योपैथिक चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया था।
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इस मामले में डॉक्टर नजीर ने जेल से ही प्रथम सूचना रिपोर्ट को उच्च न्यायालय (इलाहाबाद) में चुनौती दी है। अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि इस मामले में स्थानीय प्रशासन के साथ ही भारत और राज्य सरकार को भी पार्टी बनाया गया है। अधिवक्ता ने इस आधार पर एफआईआर को चुनौती दी है कि डॉक्टर नजीर ने भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदन भारत सरकार के पास किया है। उनका आवेदन भारत सरकार के पास अभी लंबित है। ऐसे में राज्य सरकार रिपोर्ट कैसे दर्ज कर रही है। उच्च न्यायालय में दो दिन तक इस मामले में सुनवाई हुई। अदालत ने भारत सरकार व राज्य सरकार को श्रीलंका नागरिक को अवैधानिक रूप से जेल भेजने पर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जयंत प्रकाश सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई की तिथि दो मार्च तय की है।
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