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अपराजिताओं ने दिखाया तरक्की का जज्बा
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संभल के बृजरतन सुंदर आर्य कन्या इंटर कालेज में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में ?
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत बृजरतन सुंदर आर्य कन्या इंटर कालेज में सोमवार को कार्यशाला हुई जिसमें कामयाब महिलाओं ने बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बेटियों ने भी आगे बढ़ने और तरक्की करने का जज्बा दिखाया। अतिथि वक्ता के रूप में आईं डा. ऋतु सक्सेना, डा. उर्वशी वार्ष्णेय, डा. निशात अकबर, महिला हेल्पलाइन की सुविधा दाता सीमा रानी, शिक्षिका संजना गुप्ता, राजस्व कर्मी मोना आर्य, शिक्षिका सविता मेहरोत्रा, रानी रस्तोगी, मधु त्रिपाठी ने छात्राओं से सीधा संवाद किया।
उन्हें अपने अनुभव सुनाए। आगे बढ़कर तरक्की करने के तरीके बताए। डा. ऋतु सक्सेना ने मिशन मंगल का उदाहरण देते हुए कहा कि लड़कियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यदि आगे बढ़ना है तो खुद से प्रेरित हों और जहां भी रहें अपनी योग्यता क्षमता का शत प्रतिशत इस्तेमाल करें। यदि आज के समय का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर लेंगी तो कल अपने आप संवर जाएगा। डा. उर्वशी वार्ष्णेय ने कहा कि उनके बेटा नहीं है पर बेटियां बेटों से ज्यादा नाम रोशन कर रहीं हैं। एक बेटी ने मुरादाबाद में सीबीएसई की परीक्षा में टॉप करके दिखाया है।
अगर बेटियां ठान लेती हैं तो वे कामयाबी के शिखर को छू जाती हैं। एशियन हसीना बेगम हास्पिटल की डा. निशात अकबर ने कहा कि उनकी पहचान अब उनके नाम से है। माता पिता को भी उन पर गर्व है। अगर पढ़ती- लिखती नहीं तो ऐसा नहीं होता। इसलिए बेटियों से यही आग्रह है कि वे पढ़ें और आगे बढ़ें। सीमा रानी ने कहा कि पढ़ाई ही काम आती है। कोई साथ नहीं देता तो पढ़ाई लिखाई के बदौलत मुकाम मिल जाता है।
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सविता मेहरात्रा ने कहा कि जरूरी नहीं है कि पढ़-लिखकर नौकरी ही करें। हमें एक अच्छे इंसान की तरह जिंदगी गुजारने का मौका भी पढ़ने लिखने से मिलता है। रानी रस्तोगी ने कहा कि उनके विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. विनीता रस्तोगी आयरन लेडी हैं। उनकी प्रेरणा से तमाम बेटियों ने अपने मुकाम के लिए आगे बढ़ने का जज्बा दिखाया है। डा. विनीता रस्तोगी ने अमर उजाला की अपराजिता मुहिम को सराहनीय बताया।
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उन्हें अपने अनुभव सुनाए। आगे बढ़कर तरक्की करने के तरीके बताए। डा. ऋतु सक्सेना ने मिशन मंगल का उदाहरण देते हुए कहा कि लड़कियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यदि आगे बढ़ना है तो खुद से प्रेरित हों और जहां भी रहें अपनी योग्यता क्षमता का शत प्रतिशत इस्तेमाल करें। यदि आज के समय का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर लेंगी तो कल अपने आप संवर जाएगा। डा. उर्वशी वार्ष्णेय ने कहा कि उनके बेटा नहीं है पर बेटियां बेटों से ज्यादा नाम रोशन कर रहीं हैं। एक बेटी ने मुरादाबाद में सीबीएसई की परीक्षा में टॉप करके दिखाया है।
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अगर बेटियां ठान लेती हैं तो वे कामयाबी के शिखर को छू जाती हैं। एशियन हसीना बेगम हास्पिटल की डा. निशात अकबर ने कहा कि उनकी पहचान अब उनके नाम से है। माता पिता को भी उन पर गर्व है। अगर पढ़ती- लिखती नहीं तो ऐसा नहीं होता। इसलिए बेटियों से यही आग्रह है कि वे पढ़ें और आगे बढ़ें। सीमा रानी ने कहा कि पढ़ाई ही काम आती है। कोई साथ नहीं देता तो पढ़ाई लिखाई के बदौलत मुकाम मिल जाता है।
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सविता मेहरात्रा ने कहा कि जरूरी नहीं है कि पढ़-लिखकर नौकरी ही करें। हमें एक अच्छे इंसान की तरह जिंदगी गुजारने का मौका भी पढ़ने लिखने से मिलता है। रानी रस्तोगी ने कहा कि उनके विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. विनीता रस्तोगी आयरन लेडी हैं। उनकी प्रेरणा से तमाम बेटियों ने अपने मुकाम के लिए आगे बढ़ने का जज्बा दिखाया है। डा. विनीता रस्तोगी ने अमर उजाला की अपराजिता मुहिम को सराहनीय बताया।