गुन्नौर। तहसील में लेखपाल और अधिवक्ता के बीच हुई मारपीट के बाद प्रशासन दोनों पक्षों में फैसला कराने की जुगत में है, लेकिन अभी तक दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनी है। मंगलवार को नाराज अधिवक्ताओं ने कलमबंद हड़ताल कर प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं लेखपाल पौधरोपण कार्य में व्यस्त रहे। इन दोनों के झगड़े में वादकारियों और काश्तकारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप उपनिबंधक कार्यालय में कोई बैनामा नहीं होने दिया।
तहसील परिसर के बाहर मंगलवार को गुन्नौर बार एसोसिएशन के बैनर तले वकीलों ने कलमबंद हड़ताल कर धरना प्रदर्शन किया। वकीलों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे प्रकरण के लिए तहसीलदार को जिम्मेदार ठहराया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान सिंह यादव ने कहा कि अधिवक्ता ही है जो अपने लिए नहीं औरों के लिए लड़ता है। तमाम तकलीफों को झेलता है और उफ तक नहीं करता। इसके बाद भी उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लेखपाल द्वारा अधिवक्ता भगत सिंह से बदसलूकी की गई। इसके बाद भी तहसील स्तरीय अधिकारी लेखपाल का समर्थन कर रहे हैं। कहा कि अधिवक्ताओं का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे और विरोध स्वरूप उपनिबंधक कार्यालय में कोई भी बैनामा नहीं होने दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं में शैलेंद्र यादव, विशाल मित्तल, श्रीपाल सिंह, राहुल सक्सेना, विद्वान सिंह, शीलेंद्र यादव, अरविंद कुमार, राजेश कुमार, हरिओम, भगत सिंह, अनवर अली आदि रहे।