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एम्स दिल्ली ने कराया इंतजार, ऋषिकेश ने बचाई 15 दिन की नन्हीं जान की जिंदगी

Fri, 22 Dec 2017 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ चंदौसी।
अमर उजाला ब्यूरो/ चंदौसी। Updated Fri, 22 Dec 2017 02:30 AM IST
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All india institute of medical science delhi hold but rishikesh aiims done sucessfull surgery
नन्हीं रीना अपने माता-पिता के साथ, उसके सिर के पीछे रसौली जिसका ऑपरेशन किया गया। (इनसेट में) - फोटो : अमर उजाला
यूपी के चंदौसी की 15 दिन की नन्हीं सी जान को  एम्स ऋषिकेश ने जिंदगी दे दी। चंदौसी की 15 दिन की इस बच्ची के सिर में एक बड़ी रसौली थी। जो अब निकाल दी गई है। 
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में सफल आपरेशन कर दिया गया। जबकि एम्स दिल्ली के डाक्टरों ने 26 नवंबर-2019 की तिथि आपरेशन के लिए दी थी, तब तक शायद उसका बचना भी संभव नहीं था।
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चंदौसी निवासी महेंद्र मौर्य पेंटर है। पंद्रह महीने पहले जब उसके यहां बेटी रीना पैदा हुई। लेकिन उसके सिर पर रसौली थी। रसौली लगातार बढ़ रही थी। आलम यह हो गया कि रीना के सिर के बराबर ही उसकी रसौली भी हो गई। 
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उसका साइज 48 सेंटीमीटर हो गया। महेंद्र मौर्य ने शायद ही कोई ऐसा अस्पताल छोड़ा था, जिसमें बेटी की जिंदगी बचाने की बात न की हो। लेकिन निजी अस्पतालों में ढाई से तीन लाख रुपये का खर्च बताया और बचने की गारंटी सिर्फ पांच फीसदी बताई। 

आखिरकार, बात सोशल मीडिया पर पहुंची तो चंदौसी के ही समाजसेवी पवन गुप्ता ने महेंद्र से बात की। इसके बाद ऋषिकेश (उत्तराखंड) के एम्स निदेशक डा. रविकांत से बात की। उन्हें महेंद्र की आर्थिक स्थिति की जानकारी दी तो डा. रविकांत ने तत्काल ही न्यूरोसर्जन डा. जितेंद्र कुमार से बातचीत करने के बाद 23 नवंबर-2017 की तिथि तय कर दी।

साथ ही उसकी आपरेशन फीस भी माफ कर दी। डा. जितेंद्र कुमार ने बताया कि रीना का आपरेशन सफल रहा है। हालांकि आपरेशन के बाद भी रसोली के स्थल पर पानी आ गया था लेकिन उसे बिना आपरेशन के दवाओं से ही ठीक कर दिया। 


हालांकि अभी रीना एम्स ऋषिकेश में भर्ती है। पांच हजार के बीच कभी एक को यह बीमारी होती है। ऑपरेशन जटिल होता है। परिजनों में खुशी का ठिकाना नहीं है। 
 
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