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Sambhal News: महिला को सांप ने डसा, झाड़ फूंक के चक्कर में गई जान
Wed, 15 May 2024 04:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 15 May 2024 04:54 AM IST
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सौंधन (संभल)। कैला देवी थाना क्षेत्र के गांव चाचूनागल में सोमवार को सांप के डसने के बाद परिजन महिला को झाड़-फूंक करने वालों के पास लेकर दौड़ते रहे। देर रात महिला की मौत हो गई। मंगलवार को परिजनों ने महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव चाचूनागल निवासी जगवती (23) पत्नी निरोती सोमवार की सुबह में घर में रखी गेहूं की कोठी से गेहूं निकाल रही थी। इसी समय उंगली में सांप ने डस लिया था। जिसके बाद परिजन महिला को लेकर झाड़-फूंक के चक्कर में फंसे रहे। सुबह से शाम तक परिजन महिला को बेहोशी की हालत में लेकर कई झाड़फूंक करने वालों के पास लेकर गए। लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। रात को परिजन थक हारकर महिला को गढ़मुक्तेश्वर ले गए। जहां पर देर रात उसकी मौत हो गई। बाद में परिजन उसे लेकर घर आ गए। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के पास दो बच्चे हैं। एक बेटी मात्र 6 माह की है। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
समय से मिलता उपचार तो बच सकती थी जान
परिजन यदि झाड़-फूंक के चक्कर न पड़कर महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाते तो उसे समय से उपचार मिल जाता। जिससे शायद उसकी जान बच सकती थी। लेकिन अंधविश्वास के चलते अस्पताल न ले जाकर झाड़-फूंक कराते रहे। जिससे उसकी जान चली गई।
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गांव चाचूनागल निवासी जगवती (23) पत्नी निरोती सोमवार की सुबह में घर में रखी गेहूं की कोठी से गेहूं निकाल रही थी। इसी समय उंगली में सांप ने डस लिया था। जिसके बाद परिजन महिला को लेकर झाड़-फूंक के चक्कर में फंसे रहे। सुबह से शाम तक परिजन महिला को बेहोशी की हालत में लेकर कई झाड़फूंक करने वालों के पास लेकर गए। लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। रात को परिजन थक हारकर महिला को गढ़मुक्तेश्वर ले गए। जहां पर देर रात उसकी मौत हो गई। बाद में परिजन उसे लेकर घर आ गए। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के पास दो बच्चे हैं। एक बेटी मात्र 6 माह की है। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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समय से मिलता उपचार तो बच सकती थी जान
परिजन यदि झाड़-फूंक के चक्कर न पड़कर महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाते तो उसे समय से उपचार मिल जाता। जिससे शायद उसकी जान बच सकती थी। लेकिन अंधविश्वास के चलते अस्पताल न ले जाकर झाड़-फूंक कराते रहे। जिससे उसकी जान चली गई।
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