फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   A new twist in the case of 32 shops, Engineer and EO face to face

Sambhal News: 32 दुकानों के मामले में आया नया मोड़, अभियंता-ईओ आमने सामने

Fri, 24 Jan 2025 01:17 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Fri, 24 Jan 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
A new twist in the case of 32 shops, Engineer and EO face to face

विज्ञापन

मिलक। कस्बे में बिलासपुर जाने वाली सड़क किनारे 32 दुकानों के अतिक्रमण के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया है। अब पीडब्ल्यूडी ने व्यापारियों से भिड़ने के बजाय नगर पालिका के ईओ को नोटिस जारी कर तत्काल मार्ग की जमीन खाली कराने को कहा है। उधर, ईओ ने कहा कि संबंधित दुकानों के बने 40 साल हो गए और अभी तक पीडब्ल्यूडी कहां रहा। उन्होंने पीडब्ल्यूडी से नोटिस मिलने की बात को भी नहीं स्वीकार किया है। संबंधित प्रत्येक दुकान से पालिका को हर महीने 700 रुपये की दर से व्यापारी किराया जमा करते हैं।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने बृहस्पतिवार को ही नोटिस ईओ को जारी किया है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार बिलासपुर मार्ग पर सेंटर से 10 मीटर की परिधि की जमीन पीडब्ल्यूडी की है, जबकि रोड साइड लाइन कंट्रोल एक्ट के मुताबिक, मार्ग के सेंटर से बिल्डिंग लाइन की परिधि 15.89 मीटर होनी चाहिए। लेकिन, नगर पालिका ने पीडब्ल्यूडी की सड़क की जमीन पर कब्जा करके मार्ग के सेंटर से 10 मीटर की परिधि के अंदर दुकानें बना रखी हैं और व्यापारियों से किराया वसूल रही है।
विज्ञापन

सहायक अभियंता ने कहा कि हमें दुकानदारों से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने ईओ को जो पत्र लिख रहे हैं उसके आधार पर उन्हीं का उत्तरदायित्व भी निर्धारित होगा। अभियंता ने नोटिस में ईओ से कहा कि आप पीडब्ल्यूडी की जमीन पर दुकान बनाकर आवंटित कर किराया वसूल रहे हैं, जो गलत है लिहाजा जमीन खाली कर दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरी तरफ ईओ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्हें पीडब्ल्यूडी का कोई भी नोटिस नहीं मिला है और जो दुकानें अतिक्रमण के दायरे में थीं वह 23 दुकानें टूट चुकी हैं। अब शेष दुकानें 20 हैं जिनके संबंध में पीडब्ल्यूडी विवाद कर रहा है। ईओ ने कहा कि यदि यह संबंधित 20 दुकानें भी अतिक्रमण के दायरे में हैं तो पीडब्ल्यूडी नोटिस दे और उन्हें भी गिरवा दे, हम नहीं रोक रहे हैं। ईओ ने यह भी कहा कि दुकानें 1985-86 के दौर में बनीं, उस समय कैसे और किन परिस्थितियों में दुकानें बनी उन्हें नहीं पता है।
ईओ ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले भी जिन 23 दुकानों को पीडब्ल्यूडी ने जेसीबी से ढहाया है, उसमें भी पीडब्ल्यूडी ने ही व्यापारियों को नोटिस दिया और फिर दुकानें ढहा दी थीं। इस कार्रवाई में भी नगर पालिका का कोई दखल नहीं था।



केमरी में भी पीडब्ल्यूडी ने किया था अतिक्रमण का दावा
ईओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बिलासपुर मार्ग पर निर्मित प्रत्येक दुकान से निकाय को 700 रुपये किराया मिलता है। शुरुआत में इन दुकानों का 1000 रुपये वार्षिक किराया था। पांच वर्ष के अंतराल में पांच प्रतिशत की वृद्धि होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ समय पहले केमरी में भी पीडब्ल्यूडी ने 32 दुकानों को लेकर अतिक्रमण का दावा किया था। जिस पर नगर पंचायत कोर्ट चली गई थी और वहां पीडब्ल्यूडी को हार का सामना करना पड़ा था।



23 दुकानें ढहने के बाद अन्य 32 व्यापारियों में दहशत
सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार सोमवार को दुकानों के पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बने होने और व्यापारियों से खाली करने के संबंध में सोमवार को नोटिस चस्पा करने पहुंचे थे। तीन-चार दुकानों की दीवार पर नोटिस चस्पा भी कर दिया था लेकिन, व्यापारियों के विरोध जताने पर वह लौट आए थे। इसके बाद से व्यापारी अपनी रोजी-रोटी के चक्कर में दुकानों को ढहने से बचाने के लिए परेशान हैं। चूंकि पिछले दिनों ही पीडब्ल्यूडी ने तहसील प्रशासन के सहयोग से अन्य 23 दुकानों पर जेसीबी चलाकर उन्हें ढहा दिया था। इसके बाद से ही पीडब्ल्यूडी ने अन्य 32 दुकानों को भी अतिक्रमण के दायरे में बता दिया और इनके भी गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। जिस पर परेशान व्यापारी अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों से मिलकर राहत की मांग कर रहे हैं। पालिकाध्यक्ष दीक्षा गंगवार से भी गुहार लगा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed