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राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया 7994 वादों का निस्तारण
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चंदौसी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें सिविल न्यायालय, गुन्नौर व संभल के बाह्य न्यायालय, चकबंदी न्यायालय एवं बैंकों से संबंधित वाद तथा एमएसीटी के वाद, परिवार न्यायालय के वाद, पॉक्सो एक्ट के वाद व आरटीओ से संबंधित वादों का निस्तारण किया गया। कुल 7994 वाद राष्ट्रीय लोक अदालत में विचाराधीन थे, जिसमें संपूर्ण वादों का निस्तारण कराया गया।
शनिवार को जनपद न्यायाधीश भानु देव शर्मा द्वारा 17 वादों में सुनवाई की गई। एमएसीटी संभल के न्यायाधीश जगदीश कुमार द्वारा 36 वादों का निस्तारण किया। जिसमें पीड़ित पक्ष को 20006873 रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। परिवार न्यायालय न्यायाधीश कालीचरन द्वारा पारिवारिक वादों से संबंधित 73 फाइलों का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चंद्रमणि मिश्रा द्वारा 275 मुकदमे, अपर सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय द्वारा 11 मुकदमे, सीजेएम कमलदीप द्वारा 883 मुकदमे, नोडल अधिकारी लोक अदालत बविता पाठक द्वारा 74 मुकदमे, सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक त्रिपाठी द्वारा 406 मुकदमे, एसीजेएम विरेक अग्रवाल द्वारा 305 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
वहीं, सिविल जज जूनियर डिवीजन संभल स्थित चंदौसी विजय प्रकाश द्वारा 31 मुकदमे, जूनियर डिवीजन गुन्नौर मूल चंद्रानी द्वारा 290 मुकदमे, राजस्व न्यायालय द्वारा 5323 मुकदमे, उपभोक्ता फोरम बहजोई द्वारा 14 मुकदमों का निपटारा किया गया।
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इसके अलावा जनपद के समस्त बैंक द्वारा कुल 303 लंबित मामलों को निपटाते हुए 8849900 रुपये की धनराशि समझौते के उपरांत बैंकों ने प्राप्त की। उक्त संबंध में जनपद न्यायाधीश भानु देव शर्मा समस्त पक्षकारों व पीड़ितों को सुलभ न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से पोस्ट कार्डों के माध्यम से सम्मन व नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया था। जिसका अच्छा परिणाम सामने आया और शनिवार को लोक अदालत में वादकारी व पक्षकार ज्यादा संख्या में उपस्थित हुए। जिससे अधिक वादों का निस्तारण हो सका।
लोक अदालत में 22 परिवार मिलाए गए
चंदौसी। राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार का जिला न्यायालय में आयोजन किया गया। जिसमें परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कालीचरन द्वितीय द्वारा पक्षकारों को समझाकर 22 परिवारों को आपस में मिलाया गया। सभी परिवार आपस में एक दूसरे के साथ रहने के लिए अपने समस्त पारिवारिक विवादों को समाप्त करते हुए न्यायालय से गए।
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शनिवार को जनपद न्यायाधीश भानु देव शर्मा द्वारा 17 वादों में सुनवाई की गई। एमएसीटी संभल के न्यायाधीश जगदीश कुमार द्वारा 36 वादों का निस्तारण किया। जिसमें पीड़ित पक्ष को 20006873 रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। परिवार न्यायालय न्यायाधीश कालीचरन द्वारा पारिवारिक वादों से संबंधित 73 फाइलों का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चंद्रमणि मिश्रा द्वारा 275 मुकदमे, अपर सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय द्वारा 11 मुकदमे, सीजेएम कमलदीप द्वारा 883 मुकदमे, नोडल अधिकारी लोक अदालत बविता पाठक द्वारा 74 मुकदमे, सिविल जज सीनियर डिवीजन मयंक त्रिपाठी द्वारा 406 मुकदमे, एसीजेएम विरेक अग्रवाल द्वारा 305 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
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वहीं, सिविल जज जूनियर डिवीजन संभल स्थित चंदौसी विजय प्रकाश द्वारा 31 मुकदमे, जूनियर डिवीजन गुन्नौर मूल चंद्रानी द्वारा 290 मुकदमे, राजस्व न्यायालय द्वारा 5323 मुकदमे, उपभोक्ता फोरम बहजोई द्वारा 14 मुकदमों का निपटारा किया गया।
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इसके अलावा जनपद के समस्त बैंक द्वारा कुल 303 लंबित मामलों को निपटाते हुए 8849900 रुपये की धनराशि समझौते के उपरांत बैंकों ने प्राप्त की। उक्त संबंध में जनपद न्यायाधीश भानु देव शर्मा समस्त पक्षकारों व पीड़ितों को सुलभ न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से पोस्ट कार्डों के माध्यम से सम्मन व नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया था। जिसका अच्छा परिणाम सामने आया और शनिवार को लोक अदालत में वादकारी व पक्षकार ज्यादा संख्या में उपस्थित हुए। जिससे अधिक वादों का निस्तारण हो सका।
लोक अदालत में 22 परिवार मिलाए गए
चंदौसी। राष्ट्रीय लोक अदालत का शनिवार का जिला न्यायालय में आयोजन किया गया। जिसमें परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कालीचरन द्वितीय द्वारा पक्षकारों को समझाकर 22 परिवारों को आपस में मिलाया गया। सभी परिवार आपस में एक दूसरे के साथ रहने के लिए अपने समस्त पारिवारिक विवादों को समाप्त करते हुए न्यायालय से गए।