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Sambhal News: 50 साल राम के नाम... 63 की उम्र में मंच पर जीवंत हैं दशरथ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 02:38 AM IST
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50 years dedicated to the name of Ram... at the age of 63, Dasharath remains vibrant on stage.
चंदौसी। उम्र 63 साल, अभिनय का सफर 50 साल पुराना। रामलीला के मंच पर जब राजा दशरथ के किरदार में संजय गौतम आते हैं तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठता है। संवाद अदायगी ऐसी कि दशरथ का मोह, पुत्र वियोग और पश्चाताप आंखों के सामने जीवंत हो जाए।
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शहर के मोहल्ला दर्जियान हाथी वाली गली निवासी संजय गौतम बैंक मैनेजर के पद से रिटायर हो चुके हैं लेकिन रामलीला से उनका नाता आज भी वैसा ही है जैसा 13 साल की उम्र में था। संजय गौतम ने बताया कि रामलीला की शुरुआत उन्होंने सीता जी के किरदार से की थी।
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धीरे-धीरे रामायण के अलग-अलग पात्रों को निभाते हुए वह मंच के सशक्त कलाकार बन गए। पिछले करीब दो दशक से वह लगातार राजा दशरथ और भगवान परशुराम का किरदार निभा रहे हैं। परिवार के साथ पिछले कई दशकों से गाजियाबाद में रह रहे संजय गौतम रामलीला शुरू होने से एक महीने पहले ही चंदौसी आ जाते हैं।
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रिहर्सल में रोज हिस्सा लेते हैं। शहर के कैथल गेट स्थित रामबाग धाम में 1969 से हो रही रामलीला में वह हर साल बिना किसी पारिश्रमिक के अभिनय करते हैं।

पिता से मिली प्रेरणा, सरकार से मिला सम्मान
संजय गौतम के पिता स्वर्गीय वालेंद्र स्वरूप शर्मा खुद रामलीला के मंच के जाने-माने कलाकार थे। पिता को देखकर ही उन्हें अभिनय का शौक लगा। अपनी कला का लोहा वह प्रदेश स्तर पर भी मनवा चुके हैं। नाट्य परिषद की ओर से लखनऊ में संस्कृति विभाग के कार्यक्रम में उन्होंने श्रवण कुमार को बाण मारने वाले दृश्य में राजा दशरथ का ऐसा जीवंत अभिनय किया कि करीब दो दर्जन टीमों में उन्हें सर्वश्रेष्ठ कलाकार का पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।


इस बार गोल्डन जुबली, मंच पर विशेष सम्मान
इस बार मंच पर उनके अभिनय के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस उपलब्धि पर रामलीला परिषद ने उनकी गोल्डन जुबली मनाते हुए विशेष सम्मान किया है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ कलाकार का सम्मान दिया गया है। संजय गौतम कहते हैं कि जिस पात्र का अभिनय करो, उसे पहले अपने अंदर महसूस करना पड़ता है। तभी उसमें जीवंतता आती है। दशरथ सिर्फ एक राजा नहीं, एक पिता के त्याग और मोह का प्रतीक हैं।
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