{"_id":"680165a6a708bf6c220877b5","slug":"48-lakh-people-drowned-in-the-dried-amrit-sarovar-dreams-are-dying-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-121541-2025-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: सूखे अमृत सरोवरों में डूबे 48 लाख, दम तोड़ रहे सपने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: सूखे अमृत सरोवरों में डूबे 48 लाख, दम तोड़ रहे सपने
Fri, 18 Apr 2025 02:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 18 Apr 2025 02:03 AM IST
विज्ञापन
गवां (संभल)। जल संरक्षण के लिए 48.38 लाख रुपये खर्च कर अस्तित्व में लाए गए 17 अमृत सरोवर बदहाल है। पानी सूख चुका है। आसपास झाड़ियां उग आई हैं। आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं। जिम्मेदारों का दावा है कि मानसून से पहले जीर्णोद्धार करा दिया जाएगा। तालाबों को अमृत सरोवर के नाम से अस्तित्व में लाने वाले अफसर ही इनकी हालात से अनजान हैं।
वर्ष 2022-23 में 4.49 लाख रुपये से सिहावली गांव में अमृत सरोवर तालाब को बनाया गया था। तालाब की तारबंदी की जगह तारों की जगह रस्सी बांधी गई। तालाब में झाड़ियां उगी हैं और हालात खस्ता हो चुके हैं। वहीं, गांव बहटकरन में तीन वर्ष पहले 2.56 लाख रुपये की धनराशि खर्च करके तालाब को अमृत सरोवर का रूपये दिया गया। लेकिन हाल में उसकी तारबंदी टूट गई।हरियाली को किनारे पर लगाए पौधों का पता ही नहीं चला कि वे कहां गए। बैठने को सीमेंट की बनी कुर्सियां भी टूट गईं। ग्रामीणों ने अमृत सरोवर तालाब के आसपास घूरा डाल कर गंदगी फैला दी है। जिससे बदबू आ रही है और निकलना भी दूभर हो रहा है।
0000
इन गांवों में बने हैं अमृत सरोवर तालाब
रसूलपुर, भिरावटी, सिहावली, मुटैना गिरधारी, मंडावली, रोरादीप, न्यौरा, देवरा भूरा, उधरनपुर खागी, भीकमपुर जागीर, भीकमपुर जैनी, भैंसरौली, पवसरा, जयदासपुर, बहटकरन, सिकंरपुर खागी, चमरपुरा।
विज्ञापन
000
कोट
सभी तालाबों का मानसून से पहले जीर्णोद्धार कराकर बेहतर किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की गई है। इसके लिए सभी के साथ बैठक भी की जाएगी।
देवराज सिंह, एडीओ पंचायत, रजपुरा।
विज्ञापन
वर्ष 2022-23 में 4.49 लाख रुपये से सिहावली गांव में अमृत सरोवर तालाब को बनाया गया था। तालाब की तारबंदी की जगह तारों की जगह रस्सी बांधी गई। तालाब में झाड़ियां उगी हैं और हालात खस्ता हो चुके हैं। वहीं, गांव बहटकरन में तीन वर्ष पहले 2.56 लाख रुपये की धनराशि खर्च करके तालाब को अमृत सरोवर का रूपये दिया गया। लेकिन हाल में उसकी तारबंदी टूट गई।हरियाली को किनारे पर लगाए पौधों का पता ही नहीं चला कि वे कहां गए। बैठने को सीमेंट की बनी कुर्सियां भी टूट गईं। ग्रामीणों ने अमृत सरोवर तालाब के आसपास घूरा डाल कर गंदगी फैला दी है। जिससे बदबू आ रही है और निकलना भी दूभर हो रहा है।
विज्ञापन
0000
इन गांवों में बने हैं अमृत सरोवर तालाब
रसूलपुर, भिरावटी, सिहावली, मुटैना गिरधारी, मंडावली, रोरादीप, न्यौरा, देवरा भूरा, उधरनपुर खागी, भीकमपुर जागीर, भीकमपुर जैनी, भैंसरौली, पवसरा, जयदासपुर, बहटकरन, सिकंरपुर खागी, चमरपुरा।
विज्ञापन
000
कोट
सभी तालाबों का मानसून से पहले जीर्णोद्धार कराकर बेहतर किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की गई है। इसके लिए सभी के साथ बैठक भी की जाएगी।
देवराज सिंह, एडीओ पंचायत, रजपुरा।