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जिले में वितरण के लिए 822 निगरानी समितियों को 41,100 औषधि किट सौंपी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jan 2022 12:39 AM IST
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41,100 drug kits handed over to 822 monitoring committees for distribution in the district
चंदौसी। संभल जनपद में कोरोना की तीसरी से बचाव के लिए 822 निगरानी समितियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक समिति को 50-50 किट सौंपी गई है। किसी शिशु, बच्चे, बालक, किशोर अथवा युवा की चार आयु वर्ग में औषधि किट बनाई गई। कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देने अथवा संक्रमित होने पर औषधि किट दी जानी है।
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जनपद में पिछले पांच दिनों में तेजी के साथ कोरोना संक्रमित रोगी मिले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इससे निपटने के लिए पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। पूर्व में बनाई गई 822 निगरानी समितियों को सक्रिय कर दिया गया। निगरानी समितियों को आशंकित अथवा संक्रमित मरीजों को औषधि किट वितरित की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जन्म से 12 माह, एक वर्ष से पांच वर्ष, छह वर्ष से 12 वर्ष और 13 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के अनुसार चार औषधि किट बनाई गई है। विभाग ने 41,100 औषधि किट बनाकर प्रत्येक निगरानी समिति को 50-50 किट सौंपी है। एक वर्ग की 12-12 किट दी गई। निगरानी समिति अपने क्षेत्र के कोरोना आशंकित, संक्रमित व बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखेगी। साथ ही उपचार के लिए प्राथमिक तौर पर उन्हें दवाई की किट तुरंत उपलब्ध कराएगी। बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देंगी।
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पहली किट : जन्म से 12 माह के शिशु के लिए बनी औषधि किट में पैरासिटामोल ड्राप 100 एमएल की दो शीशी, मल्टी विटामिन ड्राप की एक शीशी, ओआरएस के दो पैकेट। मल्टी विटामिन सात माह से अधिक आयु के बच्चों को देनी है। दस्त होने की स्थिति में ओआरएस का घोल बनाकर पिलाना है।
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दूसरी किट : एक वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए बनाई गई है। इस औषधि किट में पैरासिटामोल सीर 50 एमएल एक शीशी, मल्टी विटामिन सिरप एक शीशी, ओआरएस पैकेट दो। दस्त होने पर ही ओआरएस का घोल बनाकर पिलाना है।
तीसरी किट : छह वर्ष से 12 वर्ष तक के बालकों के लिए बनाई गई। इस औषधि किट में पैरासिटामोल 500 एमजी की आठ टैबलेट, मल्टी विटामिन की आठ टैबलेट, आईवरमेक्टिन छह एमजी की तीन टैबलेट, ओआरएस घोल के दो पैकेट दिए रखे गए हैं। ओआरएस का घोल दस्त आने पर देना है। आईवरमेक्टिन की टैबलेट तीन दिन तक रोजाना एक-एक लेनी है।
चौथी किट : 13 वर्ष से ऊपर के सभी किशोर, युवाओं व बड़े लोगों के लिए बनाई गई है। इसमें पैरोसिटामोल 500 एमजी की 15 गोली, आइवरमेक्टिन 12 एमजी तीन गोली, एसकर्बिक एसिड की सात गोली, जिंक सल्फेट की सात गोली, बी-कॉम्पलेक्स की सात गोली, एजिथ्रोमाइसिन 500एमजी पांच गोली, विटामिन डी-3 की तीन गोली रहेगी।

बच्चों में इन लक्षणों का रखे विशेष ध्यान:
- लगातार कई दिनों तक 101 डिग्री सेल्सियस से अधिक बुखार रहना।
- अत्यधिक खांसी आना, पसली चलना,
- निढाल पड़ जाना,
- पल्स ऑक्सीमीटर से नापने पर ऑक्सीजन का स्तर 94 प्रतिशत से कम आना।
बच्चों, किशोरों को संक्रमण से बचाव के लिए निगरानी समितियों को औषधि किट बांटी गई है। जिले में 822 निगरानी समिति दवाई बांटने का कार्य कर रही है। संक्रमण से लड़ने के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी संभल।
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