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एडीएम के आश्वासन पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना समाप्त
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बहजोई। भारतीय किसान यूूनियन अराजनैतिक के बैनर तले किसानों की समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन भाकियू पदाधिकारियों व किसानों की एडीएम व जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ दो घंटे तक वार्ता हुई। वार्ता में जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए किसानों की समस्याओं का निराकरण कराए जाने का भरोसा दिया। एडीएम के आश्वासन पर किसान मान गए और धरना स्थगित करने का एलान किया गया।
शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में बने नवनिर्मित जिलाधिकारी के भवन में किसानों की समस्याओं के लिए जारी अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने जिला स्तरीय अधिकारियों व किसान पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में वार्ता कर समस्याओं को सुना। वार्ता के दौरान किसानों ने बबराला स्थित एक केमिकल फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को जमीन में बोरिंग कर छोड़ने, वीनस शुगर मिल की ओर से बकाया गन्ना का भुगतान न करने, गन्ने की अवैध तरीके से नगद खरीद करने, जिले में आवारा पशुओं से मुक्ति दिलाए जाने, निजी नलकूप कनेक्शनों का लक्ष्य बढ़ाने, राशन वितरण प्रणाली में अनियमितता होने, एक निजी कंपनी की ओर से किसानों से की गई ठगी पर कार्रवाई करने, बिजली का स्टोर जिले में स्थापित करने समेत कई मुद्दे उठाए।
इस पर एडीएम ने कहा कि किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बबराला की केमिकल फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को जमीन के भीतर नहीं छोड़ने दिया जाएगा। इसके अलावा वीनस शुगर मिल की ओर से पांच करोड़ रुपये किसानों को बकाया गन्ना भुगतान के लिए जारी किए जाएंगे। शासनादेश के मुताबिक यदि मिल 15 दिनों के भीतर किसानों का गन्ना भुगतान नहीं करती है तो गन्ने का भाड़ा नहीं काटा जाएगा।
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साथ ही गन्ने की अवैध खरीद पर अंकुश लगाया जाएगा। एडीएम ने कहा कि निजी कंपनी की ओर से किसानों के साथ की गई ठगी पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी तथा जिलाधिकारी की ओर से पूरे मामले की जांच कराए जाने के लिए ईडी को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलेगी, वहां तत्परता से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
निजी नलकूप के कनेक्शन के लिए लक्ष्य बढ़ाए जाने को शासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की जाएगी। जिले भर में घूमने वाले आवारा पशुओं से सप्ताह भर में निजात दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष से जिले से ही बिजली का स्टोर संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी।
एडीएम की ओर से किसानों की सभी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदेश सचिव मंडल प्रभारी मुरादाबाद-बरेली बिजेंद्र सिंह यादव ने धरना स्थल पर पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना स्थगित करने की घोषणा की। वार्ता में डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार समेत जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत डीके शर्मा, जिला सूचना अधिकारी मिथलेश कुमार समेत सीओ चंदौसी डा. केके सरोज तथा किसान पदाधिकारियों में जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव, रामवीर सिंह, संजीव यादव, मुकेश यादव, सत्यवीर सिंह, अमर सिंह राजपूत, मुनेंद्र सिंह, जवरसिंह, गुलफाम सिंह, दुर्गपाल कुशवाहा, कुंवरपाल मौर्य समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
तय समय तक नहीं हुआ समाधान तो होगी महापंचायत
बहजोई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रदेश महासचिव व मंडल प्रभारी बिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रशासन की वार्ता के मुताबिक यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो महापंचायत का आयोजन कर आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा 20 फरवरी को जिला स्तरीय बैठक में आश्वासन के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान पर समीक्षा की जाएगी।
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शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में बने नवनिर्मित जिलाधिकारी के भवन में किसानों की समस्याओं के लिए जारी अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने जिला स्तरीय अधिकारियों व किसान पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट सभागार में वार्ता कर समस्याओं को सुना। वार्ता के दौरान किसानों ने बबराला स्थित एक केमिकल फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को जमीन में बोरिंग कर छोड़ने, वीनस शुगर मिल की ओर से बकाया गन्ना का भुगतान न करने, गन्ने की अवैध तरीके से नगद खरीद करने, जिले में आवारा पशुओं से मुक्ति दिलाए जाने, निजी नलकूप कनेक्शनों का लक्ष्य बढ़ाने, राशन वितरण प्रणाली में अनियमितता होने, एक निजी कंपनी की ओर से किसानों से की गई ठगी पर कार्रवाई करने, बिजली का स्टोर जिले में स्थापित करने समेत कई मुद्दे उठाए।
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इस पर एडीएम ने कहा कि किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बबराला की केमिकल फैक्ट्री से निकलने वाले दूषित पानी को जमीन के भीतर नहीं छोड़ने दिया जाएगा। इसके अलावा वीनस शुगर मिल की ओर से पांच करोड़ रुपये किसानों को बकाया गन्ना भुगतान के लिए जारी किए जाएंगे। शासनादेश के मुताबिक यदि मिल 15 दिनों के भीतर किसानों का गन्ना भुगतान नहीं करती है तो गन्ने का भाड़ा नहीं काटा जाएगा।
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साथ ही गन्ने की अवैध खरीद पर अंकुश लगाया जाएगा। एडीएम ने कहा कि निजी कंपनी की ओर से किसानों के साथ की गई ठगी पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी तथा जिलाधिकारी की ओर से पूरे मामले की जांच कराए जाने के लिए ईडी को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां-जहां राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलेगी, वहां तत्परता से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
निजी नलकूप के कनेक्शन के लिए लक्ष्य बढ़ाए जाने को शासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की जाएगी। जिले भर में घूमने वाले आवारा पशुओं से सप्ताह भर में निजात दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष से जिले से ही बिजली का स्टोर संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी।
एडीएम की ओर से किसानों की सभी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदेश सचिव मंडल प्रभारी मुरादाबाद-बरेली बिजेंद्र सिंह यादव ने धरना स्थल पर पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना स्थगित करने की घोषणा की। वार्ता में डिप्टी कलेक्टर राजेश कुमार समेत जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत डीके शर्मा, जिला सूचना अधिकारी मिथलेश कुमार समेत सीओ चंदौसी डा. केके सरोज तथा किसान पदाधिकारियों में जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव, रामवीर सिंह, संजीव यादव, मुकेश यादव, सत्यवीर सिंह, अमर सिंह राजपूत, मुनेंद्र सिंह, जवरसिंह, गुलफाम सिंह, दुर्गपाल कुशवाहा, कुंवरपाल मौर्य समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
तय समय तक नहीं हुआ समाधान तो होगी महापंचायत
बहजोई। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रदेश महासचिव व मंडल प्रभारी बिजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रशासन की वार्ता के मुताबिक यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो महापंचायत का आयोजन कर आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा 20 फरवरी को जिला स्तरीय बैठक में आश्वासन के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान पर समीक्षा की जाएगी।