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भेड़िए को नहीं पकड़ पाया वन विभाग, दहशत बरकरार
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जुनावई/चंदौसी। चालाक भेड़िये वन विभाग के झांसे में नहीं आ रहे हैं, न तो वह जाल में फंसे और न ही पिंजरे की ओर आ रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत बरकरार है।
आदमखोर जंगली जानवर ने 25 जनवरी को भौनानगला गांव में राम निवास कुशवाहा के सात वर्षीय पुत्र वीर सिंह पर दिन दहाड़े हमला किया था।
उससे पहले काशीपुर गांव में इंद्रपाल सिंह के दो पुत्रों पांच वर्षीय प्रशांत व तीन वर्षीय बेटे को दो भेड़िया अपने जबड़ों में दबा कर भाग निकले थे। ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों बच्चों को भेड़ियों की घेराबंदी करके बचा लिया था। इससे पहले जंगली जानवर दो बच्चों को उठाकर खा गया।
30 दिसंबर को हकीमपुर में शेर सिंह के पुत्र विकेश को और 22 जनवरी को लतीपुर धीर में सुरेंद्र सिंह की सात साल की बेटी अनीता को उठा गया था। इन दोनों बच्चों को नहीं बचाया जा सका था। दोनों बच्चों को जंगली जानवर ने अपना निवाला बना लिया। लगातार जंगली जानवर इसी क्षेत्र में चहलकदमी कर रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि आदमखोर जंगली जानवर अक्सर दिखते हैं। कई लोगों पर झपट्टा भी मारा है।
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वन विभाग ने 25 जनवरी को काशीपुर गांव में जाल लगाया था। यहां पिंजरा भी लगा हुआ है लेकिन रविवार तक जंगली जानवर जाल व पिंजरा के आसपास भी नहीं आए। भेड़िया काफी चालाक बताया जा रहा है। वह वन विभाग के झांसे में नहीं आ रहा है।
वहीं ग्रामीणों की शिकायत है कि वन विभाग की टीम मौके पर नहीं रुक रही है और उसकी तलाश भी नहीं कर रही है। दिन के समय लोग एक-दूसरे के साथ रहते हैं। अकेले में लोगों को डर लगने लगा है। वहीं दिन छिपते ही अपने घरों को चले जाते हैं। लगातार हमलों से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बच्चों ने तो खेत खलिहान के लिए निकलना तक छोड़ दिया है।
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आदमखोर जंगली जानवर ने 25 जनवरी को भौनानगला गांव में राम निवास कुशवाहा के सात वर्षीय पुत्र वीर सिंह पर दिन दहाड़े हमला किया था।
उससे पहले काशीपुर गांव में इंद्रपाल सिंह के दो पुत्रों पांच वर्षीय प्रशांत व तीन वर्षीय बेटे को दो भेड़िया अपने जबड़ों में दबा कर भाग निकले थे। ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों बच्चों को भेड़ियों की घेराबंदी करके बचा लिया था। इससे पहले जंगली जानवर दो बच्चों को उठाकर खा गया।
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30 दिसंबर को हकीमपुर में शेर सिंह के पुत्र विकेश को और 22 जनवरी को लतीपुर धीर में सुरेंद्र सिंह की सात साल की बेटी अनीता को उठा गया था। इन दोनों बच्चों को नहीं बचाया जा सका था। दोनों बच्चों को जंगली जानवर ने अपना निवाला बना लिया। लगातार जंगली जानवर इसी क्षेत्र में चहलकदमी कर रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि आदमखोर जंगली जानवर अक्सर दिखते हैं। कई लोगों पर झपट्टा भी मारा है।
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वन विभाग ने 25 जनवरी को काशीपुर गांव में जाल लगाया था। यहां पिंजरा भी लगा हुआ है लेकिन रविवार तक जंगली जानवर जाल व पिंजरा के आसपास भी नहीं आए। भेड़िया काफी चालाक बताया जा रहा है। वह वन विभाग के झांसे में नहीं आ रहा है।
वहीं ग्रामीणों की शिकायत है कि वन विभाग की टीम मौके पर नहीं रुक रही है और उसकी तलाश भी नहीं कर रही है। दिन के समय लोग एक-दूसरे के साथ रहते हैं। अकेले में लोगों को डर लगने लगा है। वहीं दिन छिपते ही अपने घरों को चले जाते हैं। लगातार हमलों से ग्रामीण सहमे हुए हैं। बच्चों ने तो खेत खलिहान के लिए निकलना तक छोड़ दिया है।